
पुराने समय में लोग ज्यादातर मोटा अनाज जैसे बाजरा, मक्का, ज्वार, रागी (मड़ुआ), सांवा, कोदो, कंगनी, कुटकी, जौ आदि बड़े पैमाने पर उगाते और खाते थे। लेकिन धीरे धीरे इनकी जगह पूरी तरह गेहूं और चावल ने ले ली। अब इनके फायदों को देखते हुए एक बार फिर से लोग मोटे अनाज की ओर लौटने लगे हैं। इसबीच पेप्सिको इंडिया के प्रतिष्ठित घरेलू स्नैक ब्रांड कुरकुरे ने एक खास ब्रांड "कुरकुरे ज्वार पफ्स" लॉन्च किया गया है। इस लॉन्चिंग के बाद से कंपनी ने मोटे अनाज से बने स्नैक की श्रेणी में प्रवेश कर लिया है। बता दें कि कंपनी के 25 साल पूरे होने पर यह ब्रांड़ लॉन्च किया गया है।
पेप्सिको ने कहा कि ये बदलाव, मोटे अनाज की बढ़ती मांग के अनुरूप है। जिससे पेप्सिको इंडिया के लिए आज की पीढ़ी के लिए इस अनाज को फिर से पेश करने का अवसर है। कंपनी के मार्केटिंग डायरेक्टर आस्था भसीन ने कहा कि कुरकुरे ज्वार पफ के साथ इस ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण अनाज को एक सुलभ एवं अनूठा रूप से पेश कर रहे हैं। पोषण मूल्य एवं सरकार के प्रोत्साहन के दम पर मोटे अनाज भविष्य का ‘सुपरफूड’ बनकर उभरे हैं।
कुरकुरे ज्वार पफ्स को मॉडर्न और ट्रेडिशनल रिटेल, अग्रणी ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स और क्विक कॉमर्स ऐप्स के जरिए उत्तर, पश्चिम एवं पूर्वी भारत में 10 रुपये और 20 रुपये के पैक में उपलब्ध कराया जाएगा। ये बदलाव मोटे अनाज की बढ़ती मांग के अनुरूप है, जिससे पेप्सिको इंडिया के लिए आज की पीढ़ी के लिए इस अनाज को फिर से पेश करने का अवसर मिला है। कुरकुरे ज्वार पफ्स से लोगों को अपने पसंदीदा इन्ग्रेडिएंट्स का मॉडर्न फॉर्मेट में एक नया विकल्प मिलेगा।
मोटे अनाज में फाइबर बहुत ज्यादा होता है, इसलिए यह पाचन तंत्र के लिए बेहद फायदेमंद होता है। इसे खाने के बाद लंबे समय तक पेट भरा रहता है, जिस वजह से बार-बार खाने की जरूरत महसूस नहीं होती है। इसे आहार में शामिल करने से कब्ज की समस्या भी दूर हो जाती है। इसी वजह से वजन कम करने की कोशिश कर रहे लोगों के लिए ये अनाज बेहद फायदेमंद होते हैं। लगभग सभी मोटे अनाजों में कैल्शियम, फाइबर, विटामिन्स, आयरन और प्रोटीन भरपूर मात्रा में होता है, जो सेहत के लिए जरूरी माना गया है।
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