नई दिल्ली: एकीकृत आईटी समाधान देने वाली कंपनी लेनोवो की भारतीय इकाई की जुलाई–सितंबर तिमाही की आय में 23 प्रतिशत की सालाना वृद्धि दर्ज की गई। इस दौरान कंपनी ने 1.2 अरब डॉलर का राजस्व हासिल किया। कंपनी का कहना है कि डिजिटलीकरण, प्रीमियम प्रोडक्ट्स की बढ़ती मांग और GST से जुड़े बदलावों के बाद उपभोक्ताओं की बेहतर धारणा ने बिक्री को मजबूती दी।
लेनोवो इंडिया के उपाध्यक्ष और प्रबंध निदेशक शैलेंद्र कत्याल ने बताया कि भारत, लेनोवो के लिए डिजिटल क्षमता केंद्र और एंटरप्राइज ट्रांसफॉर्मेशन के वैश्विक हब के रूप में तेजी से उभर रहा है, जिसका कंपनी को लाभ मिल रहा है।
उन्होंने कहा, “इस तिमाही में लेनोवो इंडिया के सभी बिजनेस ग्रुप्स का प्रदर्शन मजबूत रहा। वित्त वर्ष 2025–26 की दूसरी तिमाही में हमारा राजस्व 23 प्रतिशत बढ़कर 1.2 अरब डॉलर हो गया। देश में डिजिटलीकरण, प्रीमियमीकरण और GST इंसेंटिव की वजह से ग्राहकों की धारणा बेहतर हुई, जिससे सभी श्रेणियों में अच्छी मांग देखने को मिली।”
कत्याल के अनुसार, कंपनी के एंड-टू-एंड AI आधारित तकनीकी समाधान खुदरा ग्राहकों, MSME और बड़े उद्यमों सभी वर्गों में तेजी से अपनाए जा रहे हैं, जिससे कंपनी के प्रदर्शन को बड़ी बढ़त मिली है।
लेनोवो ग्रुप के CEO युआनकिंग यांग ने कहा, “हम अनिश्चितताओं के बीच भी अपने वैश्विक और स्थानीय मॉडल का उपयोग करके हाइब्रिड AI के बड़े अवसरों का फायदा उठाते रहेंगे। इसका लक्ष्य न केवल शेयरधारकों को दीर्घकालिक लाभ देना है, बल्कि AI को हर व्यक्ति और हर व्यवसाय की ज़रूरतों के अनुरूप बनाना भी है।”
कंपनी के Intelligent Devices Group का राजस्व 15.1 अरब डॉलर रहा, जो पिछले साल की तुलना में 12 प्रतिशत अधिक है। Lenovo ने वैश्विक PC बाजार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर 25.6 प्रतिशत कर ली। वहीं, कंपनी के कुल PC कारोबार में AI PC की हिस्सेदारी 33 प्रतिशत रही।
लेनोवो की हाइब्रिड इंफ्रास्ट्रक्चर कैटेगरी में सबसे बड़ा योगदान देने वाले Infrastructure Solutions Group ने 24 प्रतिशत वृद्धि के साथ 4.1 अरब डॉलर का राजस्व अर्जित किया। वहीं, Solutions and Services Group का राजस्व 18 प्रतिशत बढ़कर 2.6 अरब डॉलर पहुंच गया, जिसे सपोर्ट सेवाओं में तेज वृद्धि का फायदा मिला।