पैसों की अचानक जरूरत? शेयर बेचने से पहले जान लें यह स्मार्ट लोन ऑप्शन

लोन अगेंस्ट शेयर्स (LAS) एक शानदार ऑप्शन हो सकता है। इसमें आप अपने शेयर गिरवी रखकर बैंक या NBFC से लोन ले सकते हैं। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि आपको अपने शेयर बेचने नहीं पड़ते।

Ashutosh Kumar
पब्लिश्ड23 Jan 2026, 04:43 PM IST
लोन अगेंस्ट शेयर्स
लोन अगेंस्ट शेयर्स

अगर आपको अचानक पैसों की जरूरत पड़ जाए और आपके पास अच्छा-खासा शेयर पोर्टफोलियो है, तो शेयर बेचने की बजाय लोन अगेंस्ट शेयर्स (LAS) एक शानदार ऑप्शन हो सकता है। इसमें आप अपने शेयर गिरवी रखकर बैंक या NBFC से लोन ले सकते हैं। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि आपको अपने शेयर बेचने नहीं पड़ते, यानी कैपिटल गेन टैक्स से भी बचाव होता है और लॉन्ग टर्म निवेश बना रहता है। हालांकि, इस तरह का लोन लेने से पहले इसके नियम और बाजार से जुड़े जोखिमों को समझना बेहद जरूरी है।

क्या है लोन लेने की प्रक्रिया?

लोन अगेंस्ट शेयर्स लेने की प्रक्रिया अब काफी आसान हो चुकी है। सबसे पहले लेंडर के साथ एक बार की KYC करनी होती है जिसमें PAN और आधार की जरूरत पड़ती है। अगर आधार मोबाइल से लिंक है, तो DigiLocker के जरिए डिटेल्स अपने आप वेरिफाई हो जाती हैं। इसके बाद अपने डीमैट अकाउंट से शेयर गिरवी (pledge) रखने होते हैं, जिसकी पुष्टि डिपॉजिटरी पार्टिसिपेंट करता है। बैंक अकाउंट का ई-मैंडेट वेरिफिकेशन और डिजिटल लोन एग्रीमेंट साइन करने के बाद पैसा ओवरड्राफ्ट सुविधा के तौर पर मिल जाता है। यानी जितना पैसा इस्तेमाल करेंगे, उतने पर ही ब्याज लगेगा।

कितना लोन मिल सकता है?

अब सवाल यह है कि कितना लोन मिल सकता है? RBI के नियमों के मुताबिक, लोन-टू-वैल्यू (LTV) रेश्यो अधिकतम 50 पर्सेंट हो सकता है। यानी अगर आपके शेयर की वैल्यू 8 लाख रुपये है, तो आपको 4 लाख रुपये तक का लोन मिल सकता है। बैंक आमतौर पर अधिकतम 1 करोड़ रुपये तक का लोन देते हैं, जबकि NBFCs में ऐसी कोई सीमा नहीं होती। आमतौर पर लार्ज-कैप शेयरों पर ज्यादा LTV मिलता है, जबकि मिड और स्मॉल-कैप शेयरों पर यह 30 पर्सेंट तक भी सीमित हो सकता है।

शेयरों गिर जाए तो क्या होगा?

अगर बाजार गिरता है और शेयर की कीमत कम होती है, तो LTV बढ़ सकता है। ऐसे में या तो आपको लोन चुकाना होगा या फिर और शेयर गिरवी रखने होंगे। यह वैल्यूएशन रोजाना के आधार पर होता है।

क्या है रिपेमेंट की शर्तें?

रिपेमेंट की बात करें तो LAS आमतौर पर एक साल के लिए होता है, जिसे फीस देकर आगे बढ़ाया जा सकता है। इसमें EMI नहीं होती, बल्कि हर महीने सिर्फ ब्याज देना होता है। ब्याज दरें आमतौर पर 9 से 12 पर्सेंट के बीच होती हैं। अगर आप समय पर ब्याज नहीं चुकाते या LTV तय सीमा से ऊपर चला जाता है और आप उसे ठीक नहीं करते, तो लेंडर आपके शेयर बेच सकता है। फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह लोन सिर्फ शॉर्ट टर्म जरूरतों के लिए ठीक है। लंबे समय तक इसका इस्तेमाल करने से ब्याज आपकी इक्विटी रिटर्न को खा सकता है। इसलिए इस ऑप्शन का इस्तेमाल सोच-समझकर और सीमित जरूरत के लिए ही करना चाहिए।

Get Latest real-time updates

Catch all the Business News, Market News, Breaking News Events and Latest News Updates on Live Mint. Download The Mint News App to get Daily Market Updates.

बिजनेस न्यूज़बिजनेसपैसों की अचानक जरूरत? शेयर बेचने से पहले जान लें यह स्मार्ट लोन ऑप्शन
More
बिजनेस न्यूज़बिजनेसपैसों की अचानक जरूरत? शेयर बेचने से पहले जान लें यह स्मार्ट लोन ऑप्शन