LPG Crisis: मिडिल ईस्ट में चल रहे ईरान-इजरायल-US संघर्ष का प्रभाव अब सीधे भारतीय रसोई तक पहुंच गया है। तेल‑गैस सप्लाई का सबसे बड़ा रास्ता होर्मुज स्ट्रेट लगभग ठप पड़ने से भारत में LPG सिलेंडर की किल्लत, बढ़ती कीमतें और लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। इसबीच पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव को देखते हुए केंद्र सरकार ने रसोई गैस को लेकर बड़ा बयान दिया है। सरकार ने देश में ईंधन आपूर्ति (Fuel Supply) को लेकर स्थिति स्पष्ट की है। सरकार ने कहा कि देश में पेट्रोल, डीजल, CNG, PNG और LPG की कोई कमी नहीं है और लोगों को घबराकर गैस सिलेंडर बुक करने या ईंधन की जमाखोरी करने की जरूरत नहीं है।
NDTV में छपी खबर के मुताबिक, सरकार ने कहा है कि देश में कुकिंग गैस की मांग का पैटर्न बदल गया है। ईरान के खिलाफ चल रहे US-इजरायल युद्ध को देखते हुए लोग घबराकर बड़ी मात्रा में गैस खरीद रहे हैं। सरकार ने इस बात पर जोर दिया कि LPG का घरेलू उत्पादन 30 प्रतिशत बढ़ गया है। इसकी 100 प्रतिशत सप्लाई घरेलू उपभोक्ताओं को ही दी जा रही है।
रोजाना 75 लाख सिलेंडरों की हो रही है बुकिंग
पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बताया कि LPG बुकिंग बढ़कर 75.7 लाख रोजाना हो गई है। वहीं युद्ध से पहले के समय में इसका औसत 55.7 लाख था। ऐसे में लोगों को घबराने की कोई जरूरत नहीं है। शर्मा ने कहा कि "मैं लोगों से अपील करना चाहती हूं कि वे किसी भी तरह की अफवाह न फैलाएं और घबराने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं है।
नेचुरल गैस को लेकर भी सरकार ने भरोसा दिलाया है कि 1.5 करोड़ पीएनजी डोमेस्टिक कंज्यूमर्स को लगातार गैस सप्लाई दी जा रही है। इसके अलावा करीब 60 लाख ऐसे घर हैं जिनके आसपास पीएनजी कनेक्शन उपलब्ध है, और वे आसानी से पीएनजी कनेक्शन लेकर एलपीजी पर निर्भरता कम कर सकते हैं।
देश अपनी LPG की 60 फीसदी जरूरतें विदेशों से पूरी करता था, जिसमें से 90 फीसदी आपूर्ति स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ (Strait of Hormuz) से होती थी। इस रूट को फिलहाल ईरान ने बंद कर दिया है। इस रूट से गुज़रने वाले टैंकरों को निशाना बनाया जा रहा है। होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) फारस की खाड़ी के मुहाने पर स्थित एक संकरा सा 50 मील लंबा रास्ता है। यही एकमात्र समुद्री रास्ता है, जो फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी या अरब सागर से जोड़ता है।
इसके उत्तर में ईरान और दक्षिण में ओमान और संयुक्त अरब अमीरात है। होर्मुज स्ट्रेट को फारस की खाड़ी का प्रवेश द्वार भी कहते हैं क्योंकि इसी संकरे रास्ते से सऊदी अरब, कुवैत, कतर, इराक जैसे दुनिया के प्रमुख उत्पादक देश अपना तेल बाहर भेजते हैं। हर दिन करीब 15 मिलियन बैरल कच्चा तेल इसी रास्ते से होकर गुजरता है, जो दुनिया की सप्लाई का करीब पांचवां हिस्सा है।
कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई
सरकार ने कहा कि बाजार में पैनिक का माहौल कुछ जगहों पर जमाखोरी और कालाबाजारी के कारण भी बना है। इस पर सख्ती करते हुए LPG कंट्रोल ऑर्डर के तहत कई डिस्ट्रीब्यूटर्स के खिलाफ कार्रवाई की गई है। अधिकारियों के अनुसार उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और कर्नाटक में कई डिस्ट्रीब्यूटर्स पर कार्रवाई की गई है। इनके खिलाफ जांच जारी है। सरकार ने चेतावनी दी है कि कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। सरकार का कहना है कि LPG की स्थिति को संभालने और एक डायवर्जन योजना तैयार करने के लिए एक समिति भी गठित की गई है।
भारत में 40 देशों से आ रहा है कच्चा तेल
शर्मा ने कहा है कि कच्चे तेल को लेकर भी चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है। उन्होंने बताया कि अब जब भारत 40 देशों से कच्चा तेल मंगा रहा है, तो इसकी आवक 5.5 मिलियन बैरल की दैनिक ज़रूरत से ज़्यादा हो गई है। इस बीच, ईरान ने उन रिपोर्टों को खारिज कर दिया है जिनमें दावा किया गया था कि तेहरान ने भारत के झंडे वाले टैंकरों को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ से गुजरने की अनुमति दे दी है।