Real Estate Trends: आज के दौर में घर खरीदने वालों की सोच तेजी से बदल रही है। अब सिर्फ चार दीवारों वाला फ्लैट काफी नहीं माना जा रहा, बल्कि लोग ऐसे प्रोजेक्ट्स की तलाश में हैं जहां रहने, खरीदारी, घूमने और काम करने की सारी सुविधाएं एक ही जगह मिलें। यही वजह है कि देश के बड़े रियल एस्टेट डेवलपर्स अब हाई-स्ट्रीट रिटेल के साथ रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट्स पर ज्यादा फोकस कर रहे हैं।
बड़े डेवलपर्स का बदला फोकस
DLF, Hero Realty, M3M, Tribeca और Central Park जैसे नामचीन डेवलपर्स अब अपने प्रोजेक्ट्स में सिर्फ घर नहीं, बल्कि पूरी लाइफस्टाइल डेवलप कर रहे हैं। रिटेल स्टोर्स, कैफे, रेस्टोरेंट, ऑफिस स्पेस और एंटरटेनमेंट जोन को एक ही परिसर में शामिल किया जा रहा है, जिससे लोगों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए बाहर न जाना पड़े।
दिल्ली-NCR में तेजी से बढ़ रहा ट्रेंड
द इकोनॉमिक टाइम्स ने रियल एस्टेट कंसल्टेंसी JLL की रिपोर्ट के हवाले से बताया कि अब बड़े शहरों में करीब 35% रेजिडेंशियल डिमांड ऐसे प्रोजेक्ट्स से आ रही है, जहां रिटेल, ऑफिस और रिहायशी सुविधाएं एक साथ मौजूद हैं। गुरुग्राम, नोएडा और दिल्ली जैसे इलाकों में यह ट्रेंड तेजी से बढ़ रहा है।
DLF के मैनेजिंग डायरेक्टर आकाश ओहरी के मुताबिक, “आज के खरीदार सिर्फ घर नहीं, बल्कि एक कम्प्लीट लाइफस्टाइल चाहते हैं। वॉक-टू-वर्क और वॉक-टू-शॉप जैसे कॉन्सेप्ट अब शहरों की नई पहचान बन रहे हैं।” अब कंपनी दिल्ली के मोती नगर में भी ऐसा ही प्रोजेक्ट ला रही है, जहां पहले से ही 4,000 परिवार रह रहे हैं।
बड़े प्रोजेक्ट्स और भारी निवेश
Hero Realty का द्वारका एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट हो या Tribeca का पुणे स्थित लग्जरी डेवलपमेंट, इन सभी में हाई-स्ट्रीट रिटेल को प्रमुख जगह दी गई है। Tribeca का प्रोजेक्ट लगभग 3 लाख वर्ग फुट के रिटेल स्पेस के साथ तैयार किया जा रहा है, जहां रिहायशी टावरों के साथ ओपन-एयर शॉपिंग जोन भी होगा।
रियल एस्टेट एक्सपर्ट्स का मानना है कि ऐसे प्रोजेक्ट्स निवेश के लिहाज से भी मजबूत होते हैं, क्योंकि यहां फुटफॉल ज्यादा रहता है और रिटेल स्पेस की वैल्यू लंबे समय तक बनी रहती है।
Cushman & Wakefield की रिपोर्ट बताती है कि दिल्ली एनसीआर में इंटीग्रेटेड रिटेल लीजिंग 25% बढ़ी है। M3M ने भी नोएडा में मिक्स्ड-यूज प्लॉट्स खरीदे हैं।
क्यों बढ़ रही है मांग?
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, लोग अब ऐसे घर चाहते हैं जहां उन्हें रोजमर्रा की जरूरतों के लिए बाहर भटकना न पड़े। बढ़ती ट्रैफिक, समय की कमी और बेहतर लाइफस्टाइल की चाह ने इंटीग्रेटेड लिविंग को नई पहचान दी है। जैसा कि स्मार्टवर्ल्ड डेवलपर्स के प्रेसिडेंट आशीष जेराथ कहते हैं, “आज का होमबायर सिर्फ घर नहीं, एक कंप्लीट लाइफ एक्सपीरियंस चाहता है जहां काम, खरीदारी और मनोरंजन सब एक ही जगह मिल जाए।”