मध्य प्रदेश की महायोजना: 16,000 वर्ग किमी में बसेगा नया औद्योगिक गलियारा, जानें खासियतें

मध्य प्रदेश सरकार ने उज्जैन-इंदौर मेट्रोपॉलिटन रीजन (UIMR) का खाका तैयार कर लिया है। 6 जिलों, 38 तहसीलों और 2,781 गांवों को मिलाकर 16,000 वर्ग किमी का यह 'मेगा रीजन' मालवा को ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब बनाएगा। यहां 5 लाख नौकरियां मिलेंगी। यह देश का पहला बड़ा लैंड पूलिंग मॉडल होगा।

Naveen Kumar Pandey
पब्लिश्ड22 Jun 2026, 02:51 PM IST
मालवा में बनेगा औद्योगिक गलियारा (एआई निर्मित सांकेतिक तस्वीर)
मालवा में बनेगा औद्योगिक गलियारा (एआई निर्मित सांकेतिक तस्वीर)(Nano Banana)

मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर लंबे समय से अकेले ही राज्य के विकास की गाड़ी खींच रहा है। मध्य भारत की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में इंदौर की जीडीपी करीब 1.32 लाख करोड़ रुपये है। लेकिन अब राज्य सरकार इस शहर की ऊर्जा को पूरे मालवा अंचल में फैलाने की तैयारी कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अगुवाई में उज्जैन-इंदौर मेट्रोपॉलिटन रीजन (UIMR) का ब्लूप्रिंट तैयार हो चुका है। यह एक ऐसी योजना है जो मालवा की तस्वीर बदल सकती है।

UIMR क्या है और इसमें क्या-क्या आएगा?

उज्जैन-इंदौर मेट्रोपॉलिटन रीजन की भौगोलिक सीमा 16,000 वर्ग किलोमीटर से अधिक है। इसमें 38 तहसीलें और 2,781 गांव शामिल हैं, जो इंदौर, उज्जैन, देवास, धार, रतलाम और शाजापुर, इन 6 जिलों में फैले हुए हैं। इस रीजन की कुल आबादी करीब 1.25 करोड़ है। यह सिर्फ एक शहर का विस्तार नहीं, बल्कि एक पूरे क्षेत्र को एकीकृत विकास की धुरी पर लाने की कोशिश है- उद्योग, परिवहन, कृषि, पर्यटन और रोजगार, सब एक साथ।

14 औद्योगिक पार्क और 5 लाख नौकरियां

UIMR के तहत 13,500 हेक्टेयर से अधिक का इंडस्ट्रियल लैंड बैंक तैयार किया गया है, जिसमें 14 नए औद्योगिक पार्क विकसित होंगे। इस विस्तार से लगभग 5 लाख रोजगार के अवसर पैदा होने का अनुमान है। तीन शहरों की अलग-अलग भूमिकाएं तय की गई हैं। पीथमपुर को इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) और आधुनिक इंजीनियरिंग का केंद्र बनाया जाएगा, उज्जैन की विक्रम उद्योगपुरी 'एंकर सिटी' होगी, और रतलाम को एक बड़े लॉजिस्टिक्स एवं एक्सपोर्ट हब के रूप में विकसित किया जाएगा।

गौरतलब है कि वित्त वर्ष 2024-25 में मध्य प्रदेश का निर्यात 68,965 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है, जिसमें इंजीनियरिंग गुड्स की हिस्सेदारी 25.73% है। यानी पहले से तैयार निर्यात आधार पर UIMR एक बड़ी छलांग लगा सकता है।

View full Image
16,000 वर्ग किमी में बसेगा नया औद्योगिक मालवा
(napkin ai)

60 मिनट का सपना

पूरे 16,000 वर्ग किमी के रीजन को एक सूत्र में बांधने के लिए सरकार ने '60 मिनट एक्सेस' का लक्ष्य रखा है। इसके तहत, रीजन के किसी भी कोने से मुख्य आर्थिक केंद्र तक अधिकतम एक घंटे में पहुंचा जा सकेगा। इसके लिए इंदौर-उज्जैन के बीच एक हाई-स्पीड ग्रीनफील्ड कॉरिडोर, इंदौर-भोपाल एक्सप्रेसवे, और उज्जैन-इंदौर मेट्रो विस्तार की योजनाएं तेज की जा रही हैं।

यह पूरा रीजन दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (DMIC) से सीधे जोड़ा जाएगा, ताकि यहां का माल देश के प्रमुख बंदरगाहों तक जल्द पहुंच सके। इससे पहले केंद्र सरकार 18,036 करोड़ रुपये की लागत वाली 309 किलोमीटर की मनमाड-इंदौर रेल लाइन परियोजना को मंजूरी दे चुकी है, जो इंदौर की कनेक्टिविटी को महाराष्ट्र से जोड़ेगी।

किसान की जमीन जाएगी, लेकिन वापस भी आएगी

यह योजना का सबसे संवेदनशील और नवाचारी हिस्सा है। MPIDC ने इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर के लिए लैंड पूलिंग प्रक्रिया शुरू की है। यह कॉरिडोर 19.60 किमी लंबा और 75 मीटर चौड़ा होगा। 2,400 करोड़ रुपये से अधिक लागत की इस परियोजना में 17 गांवों के किसानों को उनकी जमीन का 60% हिस्सा विकसित जमीन के रूप में वापस मिलेगा जो सामान्य लैंड पूलिंग नीति में 50% होती है।

कॉरिडोर के साथ 255 एकड़ का एक मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क भी बनाया जाएगा, जो इंदौर एयरपोर्ट से महज 30 किलोमीटर दूर है। इसका सीधा मतलब है कि किसान सिर्फ जमीन देने वाला नहीं, विकास का हिस्सेदार भी बनेगा।

मेट्रोपॉलिटिन एक्ट 2025 के तहत हो रहा है काम

इस पूरे प्रोजेक्ट को कानूनी बल देने के लिए सरकार ने 'मध्य प्रदेश मेट्रोपॉलिटन रीजन प्लानिंग एंड डेवलपमेंट एक्ट, 2025' पेश किया है। इसके तहत एक समर्पित मेट्रोपॉलिटन अथॉरिटी बनेगी, जो वैज्ञानिक डेटा और जियोस्पेशियल टूल्स के आधार पर अगले 20 से 50 वर्षों की शहरी योजना तैयार करेगी। मध्य प्रदेश कैबिनेट इस कानून के प्रस्ताव को मंजूरी दे चुकी है।

खाका बना, अब जमीन पर उतरना बाकी

UIMR एक महत्त्वाकांक्षी दृष्टि है, लेकिन इसकी सफलता तीन बड़े सवालों के जवाब पर टिकी है। पहला, क्या किसान लैंड पूलिंग में भरोसा करेंगे? दूसरा, क्या 14 औद्योगिक पार्कों में निवेश आएगा? और तीसरा, क्या 60 मिनट की कनेक्टिविटी समयसीमा में पूरी होगी? मध्य प्रदेश की GSDP 11.14% की दर से बढ़ रही है। इस रफ्तार को मालवा तक फैलाना ही UIMR की असली कसौटी होगी।

Get Latest real-time updates

Catch all the Business News, Market News, Breaking News Events and Latest News Updates on Live Mint. Download The Mint News App to get Daily Market Updates.

होमबिजनेसमध्य प्रदेश की महायोजना: 16,000 वर्ग किमी में बसेगा नया औद्योगिक गलियारा, जानें खासियतें
More