ऑटो और ट्रैक्टर सेक्टर में अपनी ताकत और बढ़ाने के लिए महिंद्रा एंड महिंद्रा ने बड़ा दांव खेला है। कंपनी ने ऐलान किया है कि वह महाराष्ट्र के नागपुर जिले में अपना अब तक का सबसे बड़ा मैन्युफैक्चरिंग हब बनाएगी। इस प्रोजेक्ट पर अगले 10 सालों में करीब 15,000 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। यह प्लांट विदर्भ इलाके में करीब 1,500 एकड़ जमीन पर तैयार होगा। महिंद्रा ने यह घोषणा नागपुर में हुए ‘एडवांटेज विदर्भ’ समिट के दौरान की, जहां महाराष्ट्र सरकार और कंपनी के बीच इस प्रोजेक्ट को लेकर एमओयू भी साइन किया गया। आइए जानते हैं पूरी खबर के बारे में विस्तार से।
एक साल में 5 लाख गाड़ियां बनेंगी
कंपनी के अनुसार, यह नया प्लांट पूरी तरह से नेक्स्ट-जेनरेशन टेक्नोलॉजी को ध्यान में रखकर बनाया जाएगा। यहां एक साल में 5 लाख से ज्यादा गाड़ियां और करीब 1 लाख ट्रैक्टर बनाने की क्षमता होगी। खास बात यह है कि इस फैक्ट्री में सिर्फ पेट्रोल और डीजल गाड़ियां ही नहीं, बल्कि इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV) और भविष्य में आने वाली नई टेक्नोलॉजी वाली गाड़ियों का भी उत्पादन किया जा सकेगा। इसी वजह से इसे महिंद्रा का देश में सबसे बड़ा और सबसे एडवांस इंटीग्रेटेड प्लांट माना जा रहा है।
‘मेक इन इंडिया’ को मिलेगा बूस्ट
महिंद्रा यहीं नहीं रुकेगी। कंपनी छत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद) में 150 एकड़ में एक बड़ा सप्लायर पार्क भी बना रही है। यह पार्क नागपुर में बनने वाले नए प्लांट के साथ-साथ चाकण और नासिक में मौजूद महिंद्रा के पुराने प्लांट्स के लिए भी पार्ट्स और कंपोनेंट्स सप्लाई करेगा। इससे सप्लायर्स के साथ तालमेल और बेहतर होगा और ज्यादा से ज्यादा पुर्जे देश में ही बन पाएंगे। कंपनी का कहना है कि यह कदम ‘मेक इन इंडिया’ को और मजबूत करेगा।
क्या है कंपनी की प्लानिंग
महिंद्रा एंड महिंद्रा के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और ऑटो एंड फार्म सेक्टर के सीईओ राजेश जेजुरीकर ने इसे कंपनी के लिए एक “बड़ा और भविष्य की ओर बढ़ाया गया कदम” बताया। उनका कहना है कि यह प्लांट अगली पीढ़ी के वाहनों और ट्रैक्टरों की जरूरतों को पूरा करेगा। वहीं, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस निवेश का स्वागत करते हुए कहा कि यह राज्य के मजबूत औद्योगिक माहौल पर महिंद्रा के भरोसे को दिखाता है। उन्होंने कहा कि इस प्रोजेक्ट से विदर्भ में बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा होंगे और इलाके के विकास को नई रफ्तार मिलेगी।