Microsoft Layoff: दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनियों में शामिल माइक्रोसॉफ्ट अपने गेमिंग डिवीजन एक्सबॉक्स (Xbox) में बड़े स्तर पर कर्मचारियों की छंटनी की तैयारी कर रही है। अगले महीने कंपनी Xbox यूनिट में व्यापक पुनर्गठन कर सकती है। यह कदम ऐसे समय में सामने आया है जब Xbox को घटती कंसोल बिक्री, कमजोर राजस्व वृद्धि और लोकप्रिय ब्लॉकबस्टर गेम्स की कमी जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक, माइक्रोसॉफ्ट का वित्त वर्ष 30 जून को समाप्त होता है और इसके तुरंत बाद Xbox डिवीजन में बड़े बदलाव किए जा सकते हैं। हालांकि प्रभावित कर्मचारियों की सटीक संख्या अभी सार्वजनिक नहीं की गई है, लेकिन इसे Xbox के हालिया वर्षों के सबसे बड़े पुनर्गठन प्रयासों में से एक माना जा रहा है।
इन विभागों के बजट में चल सकती है कैंची
बताया जा रहा है कि मार्केटिंग, ऑपरेशंस और कुछ अन्य विभागों के बजट में भी कटौती की जा सकती है। यह नया पुनर्गठन Xbox की नई प्रमुख आशा शर्मा के नेतृत्व में होने वाला पहला बड़ा कदम होगा।
क्यों बढ़ा Xbox पर दबाव?
Xbox पिछले कुछ वर्षों से गेमिंग बाजार में लगातार चुनौतियों का सामना कर रहा है। माइक्रोसॉफ्ट ने सब्सक्रिप्शन आधारित गेम पास (Game Pass) और क्लाउड गेमिंग (Cloud Gaming) पर बड़ा दांव लगाया था, लेकिन यह रणनीति अपेक्षित स्तर पर कंसोल बिक्री में गिरावट की भरपाई नहीं कर सकी। कंपनी के सामने एक और बड़ी समस्या हाई-प्रोफाइल गेम्स की कमी रही है। गेमिंग उद्योग में अक्सर बड़े और एक्सक्लूसिव टाइटल्स ही हार्डवेयर बिक्री को गति देते हैं, लेकिन Xbox हाल के वर्षों में PlayStation और Nintendo की तुलना में कम प्रभावशाली गेम लाइनअप पेश कर पाया।
राजस्व और मुनाफे पर असर
रिपोर्ट्स के अनुसार Xbox प्रबंधन ने कर्मचारियों को भेजे गए एक आंतरिक संदेश में स्वीकार किया गया है कि पिछले पांच वर्षों में कंपनी ने कंटेंट, प्लेटफॉर्म और हार्डवेयर सब्सिडी पर 20 अरब डॉलर से अधिक का निवेश किया, लेकिन इसके बावजूद वार्षिक राजस्व में लगभग 500 मिलियन डॉलर की गिरावट दर्ज की गई।
Console Sales में लगातार गिरावट
Xbox की कंसोल बिक्री पिछले कुछ समय से दबाव में है। कई बाजारों में बिक्री में दोहरे अंकों की गिरावट दर्ज की गई है। उद्योग से जुड़े जानकारों का मानना है कि प्लेस्टेशन 5 और Nintendo के मुकाबले Xbox Series X/S की मांग अपेक्षाकृत कमजोर रही है।