India Growth Forecast: मध्य पूर्व में जारी तनाव का असर अब भारतीय अर्थव्यवस्था पर भी दिखने लगा है। EY की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, अगर यह संकट अगले वित्त वर्ष तक जारी रहता है, तो भारत की रियल GDP ग्रोथ में करीब 1% की गिरावट आ सकती है, जबकि रिटेल महंगाई 1.5% तक बढ़ सकती है। EY की इकॉनमी वॉच रिपोर्ट के अनुसार, टेक्सटाइलस, पेंट, केमिकलस, फर्टिलाइजर्स, सीमेंट और टायर जैसे रोजगार-प्रधान सेक्टर्स पर इसका सीधा असर पड़ सकता है। इन सेक्टर्स में रोजगार या आय में कमी आने से कुल मांग भी कमजोर हो सकती है।
EY ने अपनी 'इकोनॉमी वॉच' रिपोर्ट में कहा गया है कि दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था की ग्रोथ रेट, पहले अनुमानित 7% के बेसलाइन के मुकाबले, लगभग 6% रहने की संभावना है। इसकी वजह यह है कि ईरान युद्ध की वजह से कच्चे तेल की कीमतों में तगड़ा उछाल आया है। इधर रिटेल महंगाई दर भारतीय रिज़र्व बैंक के 4% के लक्ष्य से 150 बेसिस पॉइंट्स तक बढ़ गई है।
भारत की GDP को झटका
हिंदुस्तान टाइम्स में छपी खबर के मुताबिक, EY की रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर ईरान युद्ध का असर पूरे FY27 तक बना रहता है, तो भारत की रीयल GDP ग्रोथ करीब 1 फीसदी घट सकती है, जबकि उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) आधारित महंगाई दर लगभग 1.5 फीसदी बढ़ सकती है। EY ने फरवरी में अपनी रिपोर्ट में FY27 के लिए भारत की GDP ग्रोथ 6.8 से 7.2 फीसदी के बीच रहने का अनुमान जताया था। एक बेसिस पॉइंट, एक परसेंटेज पॉइंट का सौवां हिस्सा होता है।
तेल कीमतों से बढ़ी चिंता
भारत अपनी लगभग 90% कच्चे तेल की जरूरत आयात करता है। ऐसे में वैश्विक तेल बाजार में उतार-चढ़ाव का सीधा असर देश पर पड़ता है। OECD ने भी चेतावनी दी है कि ग्रोथ दर घट सकती है। 28 फरवरी के बाद कच्चे तेल की कीमतों में करीब 50% तक उछाल आ चुका है, जिससे ऊर्जा लागत बढ़ी है और इसका असर कई उद्योगों तक फैल रहा है। कच्चे तेल और ऊर्जा से जुड़े मजबूत संबंधों के चलते इसका असर कई अन्य क्षेत्रों तक फैल सकता है।
सरकार को क्या करना होगा?
रिपोर्ट में सुझाव दिया गया है कि सरकार को काउंटर-साइक्लिकल नीतियां अपनानी होंगी। साथ ही आर्थिक स्थिरता के लिए बनाए गए फंड को और मजबूत करने की जरूरत होगी, ताकि वैश्विक झटकों का असर कम किया जा सके।