2014 से 2025 तक इनकम टैक्स में क्या-क्या बदला? मोदी सरकार के बड़े फैसलों की पूरी कहानी

मोदी सरकार के कार्यकाल में इनकम टैक्स को लेकर लगातार बड़े फैसले लिए गए हैं। वहीं, समय-समय पर टैक्स छूट बढ़ाकर राहत देने की भी कोशिश की। इसका सीधा असर आम टैक्सपेयर्स और मिडिल क्लास पर पड़ा है। 

Ashutosh Kumar
पब्लिश्ड20 Jan 2026, 05:41 PM IST
मोदी सरकार में इनकम टैक्स
मोदी सरकार में इनकम टैक्स

मोदी सरकार के कार्यकाल में इनकम टैक्स को लेकर लगातार बड़े फैसले लिए गए हैं। वहीं, समय-समय पर टैक्स छूट बढ़ाकर राहत देने की भी कोशिश की। इसका सीधा असर आम टैक्सपेयर्स और मिडिल क्लास पर पड़ा है। खास तौर पर नई टैक्स रिजीम, टैक्स-फ्री इनकम की सीमा में बढ़ोतरी और रिटर्न सिस्टम में सुधार इस दौर की सबसे बड़ी खासियत रहे हैं। अब बजट 2026 से भी इसी तरह की और राहत की उम्मीद की जा रही है। ऐसे में आइए जानते हैं मोदी सरकार में इनकम टैक्स पर कब-कब क्या-क्या फैसले हुए

2014: मोदी सरकार का पहला बजट

मोदी सरकार ने जुलाई 2014 में अपना पहला आम बजट पेश किया। इस बजट में मोदी सरकार ने बेसिक इनकम टैक्स एग्जेंप्शन लिमिट को 2 लाख से बढ़ाकर 2.5 लाख रुपये कर दिया। जबकि सीनियर सिटीजन के लिए यह सीमा 2.5 लाख रुपये से बढ़ाकर 3 लाख रुपये की गई।

2017: टैक्स स्लैब में बदलाव

मोदी सरकार ने दूसरा बड़ा बदलाव 2017 में किया। बता दें कि 2017 के बजट में टैक्स स्लैब में भी बदलाव किया गया। इस बजट में सरकार ने 2.5 लाख से 5 लाख रुपये की आमदनी पर टैक्स 10 पर्सेंट से घटाकर 5 पर्सेंट कर दिया। यह पहली बार था जब सीधे तौर पर नौकरीपेशा लोगों की जेब पर असर डालने वाला फैसला लिया गया

2018: स्टैंडर्ड डिडक्शन की घोषणा

मोदी सरकार ने तीसरा बड़ा फैसला 2018 के बजट में सैलरीड इंडीविजुअल्स के लिए स्टैंडर्ड डिडक्शन की घोषणा के साथ किया। यानी टैक्सपेयर्स को 40 हजार रुपये तक की कटौती का सीधा फायदा मिलने लगा। इसके बाद 2019 के बजट में इसे बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दिया गया।

2019: 5 लाख तक की सालाना आय टैक्स-फ्री

मोदी सरकार ने 2019 के बजट में बड़ी राहत देते हुए 5 लाख रुपये तक की सालाना आय को टैक्स-फ्री कर दिया गया। इससे पहले जहां 2.5 लाख रुपये तक ही छूट मिलती थी। वहीं, 5 लाख तक इनकम पर टैक्स न लगने से मिडिल क्लास को सीधी राहत मिली।

2020: नई टैक्स रिजीम 2020 पेश

मोदी सरकार ने अपने दूसरे कार्यकाल के पहले बजट में बड़ा ऐलान किया। सरकार ने नई टैक्स रिजीम 2020 पेश की। इस रिजीम में टैक्स स्लैब को आसान बनाया गया। हालांकि, इसके बदले कई छूट और डिडक्शन खत्म कर दिए गए। टैक्सपेयर्स को यह विकल्प दिया गया कि वे चाहें तो पुरानी टैक्स रिजीम चुनें या नई को अपनाएं।

2023: टैक्स छूट की सीमा 7 लाख तक

मोदी सरकार ने 2023 के बजट में न्यू टैक्स रिजीम के तहत छूट की सीमा को 5 लाख से 7 लाख रुपये तक बढ़ा दिया। जबकि स्टैंडर्ड डिडक्शन 50 हजार रुपये बनी रही। साथ ही पुराने टैक्स स्लैब की छूट सीमा भी बढ़ाकर 3 लाख रुपये कर दी गई।

2024: स्टैंडर्ड डिडक्शन बढ़ाकर 75000

मोदी सरकार ने 2024 के बजट में स्टैंडर्ड डिडक्शन को 50 हजार रुपये से बढ़ाकर 75 हजार रुपये कर दिया गया। यह बदलाव खास तौर पर मिडिल क्लास और नौकरीपेशा लोगों के लिए बड़ी राहत लेकर आया।

2025: 12.75 लाख तक की इनकम टैक्स-फ्री

पिछले साल यानी 2025 में मोदी सरकार ने इनकम टैक्स में मिडिल क्लास को सीधे फायदा पहुंचाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया। सरकार ने नई टैक्स रिजीम के तहत टैक्स-फ्री इनकम की सीमा बढ़ा दी। अब टैक्स-फ्री इनकम 12 लाख रुपये हो गई। वहीं, सरकार ने स्टैंडर्ड डिडक्शन को भी इसमें शामिल कर लिया। इसके बाद आम टैक्सपेयर्स के लिए 12.75 लाख रुपये तक की इनकम टैक्स छूट से के दायरे में आ गई।

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