GST Collection: GST कलेक्शन में बंपर उछाल, मार्च में सरकार की झोली में आए ₹1.78 लाख करोड़, जारी हुए आंकड़े

GST Collection: मार्च 2026 में GST कलेक्शन 1.78 लाख करोड़ पहुंच गया, जो 8.2% की बढ़ोतरी है। ग्रॉस कलेक्शन 2 लाख करोड़ रहा। यह मजबूत अर्थव्यवस्था और बढ़ती खपत का संकेत है, हालांकि ग्लोबल जोखिम अभी भी बने हुए हैं।

Priya Shandilya
अपडेटेड1 Apr 2026, 03:59 PM IST
GST कलेक्शन में जबरदस्त उछाल
GST कलेक्शन में जबरदस्त उछाल

GST Collection: फाइनेंशियल ईयर 2025-26 का अंत भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए काफी अच्छी खबर लेकर आया है। बुधवार को जारी सरकारी आंकड़ों ने यह साफ कर दिया है कि भारत की इकोनॉमी अभी भी मजबूत पकड़ बनाए हुए है। मार्च के महीने में जीएसटी कलेक्शन के जो आंकड़े सामने आए हैं, उन्होंने पिछले कई महीनों के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। यह उछाल दिखाता है कि पिछले साल सरकार ने जो टैक्स की दरों में कटौती की थी, उसका असर अब जमीन पर दिखने लगा है।

कमाई का पूरा हिसाब-किताब

अगर हम शुद्ध कमाई (नेट GST रेवेन्यू) की बात करें, तो रिफंड वापस करने के बाद केंद्र और राज्य सरकारों के पास कुल 1.78 लाख करोड़ जमा हुए हैं। यह पिछले साल इसी महीने के मुकाबले 8.2% ज्यादा है। आपको बता दें कि अप्रैल 2025 में 2.09 लाख करोड़ का ऐतिहासिक रिकॉर्ड बना था, उसके बाद यह अब तक की सबसे बड़ी मासिक वसूली है। अगर रिफंड को न घटाएं, तो कुल (Gross) कलेक्शन 2 लाख करोड़ रहा है। मई 2025 के बाद यह पहली बार है जब ग्रॉस कलेक्शन ने 2 लाख करोड़ का जादुई आंकड़ा छुआ है।

रिफंड सिस्टम का क्या है रोल

GST सिस्टम में रिफंड का भी बड़ा रोल होता है। एक्सपोर्ट करने वाले कारोबारियों को उनके प्रोडक्ट में लगे टैक्स का रिफंड मिलता है, जबकि कुछ कंपनियां तब रिफंड क्लेम करती हैं जब कच्चे माल पर ज्यादा टैक्स लगता है और उसे पूरी तरह एडजस्ट नहीं किया जा पाता। इस वजह से नेट कलेक्शन थोड़ा कम दिखता है, लेकिन सिस्टम की पारदर्शिता भी नजर आती है।

मजबूत अर्थव्यवस्था और साल के अंत का असर

मार्च में बढ़ा हुआ GST कलेक्शन यह भी दिखाता है कि देश की इकोनॉमी अभी भी मजबूत बनी हुई है। साल के अंत में कंपनियां अपने स्टॉक क्लियर करती हैं, जिससे बिक्री बढ़ती है और टैक्स कलेक्शन में उछाल आता है। पिछले साल सितंबर में GST रेट में जो कटौती की गई थी, उसका असर भी अब दिखने लगा है, जिससे खपत बढ़ी और कलेक्शन मजबूत हुआ।

गाड़ियों की रिकॉर्ड बिक्री

ऑटो सेक्टर के आंकड़े भी इसी मजबूती की तरफ इशारा करते हैं। फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (FADA) के मुताबिक फरवरी में रिकॉर्ड 24 लाख गाड़ियों की बिक्री हुई, जो 26% की सालाना बढ़ोतरी है। मार्च का GST कलेक्शन इसी बिक्री का असर दिखाता है, जिससे साफ है कि बाजार में डिमांड बनी हुई है।

ग्रोथ मजबूत, लेकिन चुनौतियां भी बरकरार

हालांकि भारत की अर्थव्यवस्था इस वित्तीय वर्ष में करीब 7.6% की दर से बढ़ने की उम्मीद है, लेकिन ग्लोबल स्तर पर कुछ जोखिम भी हैं। खासकर अमेरिका और इजरायल के ईरान के साथ तनाव और उससे जुड़े ऊर्जा संकट ने अनिश्चितता बढ़ाई है, जिसका असर भविष्य में पड़ सकता है।

ग्रोथ मजबूत, लेकिन संकेत मिले-जुले: एक्सपर्ट्स

S&P Global ने HSBC के फ्लैश इंडिया PMI डेटा के हवाले से बताया कि मार्च में प्राइवेट सेक्टर की ग्रोथ अक्टूबर 2022 के बाद सबसे कमजोर रही। इसका मतलब है कि घरेलू मांग थोड़ी धीमी पड़ी है, भले ही एक्सपोर्ट ऑर्डर तेजी से बढ़ रहे हों। वहीं टैक्स कनेक्ट एडवाइजरी सर्विसेज के विवेक जालान का कहना है कि GST कलेक्शन के आंकड़े देश की मजबूत आर्थिक रफ्तार को दिखाते हैं। उन्होंने बताया कि सालभर में रिफंड करीब 18% बढ़ा है, जिससे नेट कलेक्शन पर असर पड़ा, लेकिन GST 2.0 के तहत 7 दिनों में 90% रिफंड क्लियर होने से सिस्टम की एफिशिएंसी भी बेहतर हुई है।

उन्होंने यह भी कहा कि कुल मिलाकर जीएसटी कलेक्शन देश की फिस्कल मजबूती को दिखाता है और यह साबित करता है कि टैक्स सिस्टम जीडीपी ग्रोथ के साथ कदम मिलाकर चल रहा है, जिससे सरकार और कारोबार दोनों का भरोसा बना हुआ है।

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