भारत में होम लोन लेने वाले अनिवासी भारतीयों (NRI) को अब अपने गैर-निवासी बाहरी (NRE) खाते के माध्यम से ही अपनी मासिक किस्तें (EMI) चुकानी होंगी। यह नियम उन एनआरआई पर लागू होता है जो विदेश में रहते हुए भारत में होम लोन का भुगतान कर रहे हैं।
यह स्पष्टीकरण उन एनआरआई के लिए महत्वपूर्ण है जो भारत में संपत्ति खरीदने के लिए लोन लेते हैं और फिर विदेश चले जाते हैं। पहले, भुगतान के तरीकों को लेकर कुछ अस्पष्टता हो सकती थी, लेकिन अब यह स्पष्ट कर दिया गया है कि एनआरई खाता ही ईएमआई भुगतान का प्राथमिक माध्यम होगा।
भारत में लोन लेने वाले NRI के लिए नए नियम पर विशेषज्ञों की राय
वित्तीय विशेषज्ञों के अनुसार, यह कदम भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नियमों के अनुरूप है, जो विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के तहत अनिवासी भारतीयों के वित्तीय लेनदेन को नियंत्रित करते हैं। एनआरई खाता अनिवासी भारतीयों को भारत में अपनी आय को भारतीय रुपये में बदलने और उसे प्रबंधित करने की सुविधा प्रदान करता है।
एक वित्तीय सलाहकार ने बताया, 'एनआरआई के लिए यह महत्वपूर्ण है कि वे अपने एनआरई खाते को सक्रिय रखें और उसमें पर्याप्त धनराशि बनाए रखें ताकि उनकी ईएमआई का भुगतान समय पर हो सके। यह किसी भी दंड या ऋण चूक से बचने के लिए आवश्यक है।' यह नियम एनआरआई के लिए भारत में संपत्ति निवेश को और अधिक विनियमित करेगा। यह सुनिश्चित करेगा कि विदेशी मुद्रा का प्रवाह एक निर्धारित चैनल के माध्यम से हो, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी और नियामक अनुपालन मजबूत होगा।
NRI हैं और लोन लिया है तो करें यह काम
एनआरआई को चाहिए कि वे अपने बैंक से संपर्क करें और अपने एनआरई खाते से ईएमआई भुगतान की प्रक्रिया को समझें। यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है कि उनके खाते में पर्याप्त धनराशि हो और विदेशी मुद्रा रूपांतरण दरें उनके लिए अनुकूल हों। यह खबर अनिवासी भारतीयों के लिए भारत में संपत्ति निवेश और वित्तीय प्रबंधन के संबंध में एक महत्वपूर्ण अपडेट है।