
फास्टैग: नेशनल हाईवे पर लंबा सफर करने वाले यात्रियों के लिए NHAI की एक ऐसी पहल सामने आई है, जिसमें शिकायत करने पर फास्टैग (FASTag) में सीधे ₹1,000 का रिवॉर्ड मिल सकता है। खास बात यह है कि इसके लिए किसी तरह का अलग से आवेदन या फीस देने की जरूरत नहीं है। यात्रियों को सिर्फ NHAI के अधिकार क्षेत्र में आने वाले गंदे टॉयलेट की तस्वीर तय प्रक्रिया के तहत अपलोड करना होता है।
यह पहल Clean Toilet Picture Challenge के तहत चलाई जा रही है। इसका मकसद हाईवे पर मौजूद सार्वजनिक टॉयलेट की साफ-सफाई और रखरखाव में सुधार करना है। NHAI ने Clean Toilet Picture Challenge को सितंबर 2025 में शुरू किया था। इस पहल के तहत नेशनल हाईवे पर सफर करने वाले लोगों को गंदे टॉयलेट की जानकारी देने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।
यात्रियों से मिले रिस्पॉन्स को देखते हुए NHAI ने अब इस पहल को 30 जून 2027 तक बढ़ा दिया है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, 2026 में अब तक करीब 429 कम्यूटर्स को ₹1,000- ₹1,000 का फास्टैग रिचार्ज रिवॉर्ड दिया जा चुका है।
अगर नेशनल हाईवे पर सफर के दौरान आपको NHAI के अधिकार क्षेत्र वाला कोई टॉयलेट गंदा या खराब हालत में मिलता है तो उसकी तस्वीर लेनी होगी। इस फोटो को Rajmargyatra मोबाइल ऐप के लेटेस्ट वर्जन के जरिए अपलोड करना होगा।
फोटो साफ होनी चाहिए और उसमें जरूरी जियो-टैगिंग और टाइम-स्टैम्प होना चाहिए। फोटो के साथ यात्री को कुछ बेसिक जानकारी भी देनी होगी। इसमें नाम, टॉयलेट की लोकेशन, वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर यानी VRN और मोबाइल नंबर शामिल हैं।
फोटो और दी गई जानकारी की जांच NHAI की ओर से की जाती है। इसके लिए AI-assisted screening और जरूरत पड़ने पर manual verification भी किया जाता है। अगर शिकायत निर्धारित मानकों के मुताबिक सही पाई जाती है तो संबंधित वाहन के रजिस्ट्रेशन नंबर से जुड़े FASTag में ₹1,000 का रिचार्ज क्रेडिट किया जाता है। यानी रिवॉर्ड कैश के तौर पर हाथ में नहीं मिलेगा, बल्कि FASTag बैलेंस में जोड़ा जाएगा।
इस स्कीम में सबसे जरूरी शर्तों में से एक यह है कि एक Vehicle Registration Number (VRN) को पूरी स्कीम अवधि के दौरान सिर्फ एक बार रिवॉर्ड मिलेगा। यानी एक ही गाड़ी से बार-बार शिकायत करके ₹1,000 का रिवॉर्ड हासिल नहीं किया जा सकता। रिवॉर्ड नॉन-ट्रांसफरेबल है और इसे कैश में क्लेम नहीं किया जा सकता।
अगर किसी एक टॉयलेट की खराब स्थिति को लेकर एक ही दिन कई लोग शिकायत दर्ज करते हैं तो सभी शिकायतों पर रिवॉर्ड नहीं मिलेगा। ऐसी स्थिति में Rajmargyatra ऐप पर दर्ज पहली वैध रिपोर्ट को ही रिवॉर्ड के लिए माना जाएगा। इसलिए गंदा टॉयलेट दिखने पर शिकायत करने में ज्यादा देरी करना फायदे का सौदा नहीं होगा।
लंबी दूरी की यात्रा के दौरान हाईवे पर सार्वजनिक टॉयलेट यात्रियों के लिए जरूरी सुविधा है। लेकिन साफ-सफाई और रखरखाव में कमी होने पर यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
NHAI की Clean Toilet Picture Challenge पहल के जरिए यात्रियों को हाईवे सुविधाओं की निगरानी में सीधे शामिल किया जा रहा है। इससे अधिकारियों को जमीनी स्तर पर टॉयलेट की स्थिति की जानकारी मिलने के साथ-साथ खराब रखरखाव वाली सुविधाओं की पहचान करने में मदद मिल सकती है।
इस पहल में यात्रियों और NHAI दोनों के लिए फायदा है। यात्रियों को खराब सुविधा की शिकायत दर्ज कराने पर योग्य होने की स्थिति में ₹1,000 का FASTag रिचार्ज मिल सकता है, जबकि NHAI को हाईवे पर मौजूद सुविधाओं की वास्तविक स्थिति की जानकारी मिलती है। 2026 में अब तक 429 यात्रियों को रिवॉर्ड दिया जाना इस पहल में लोगों की भागीदारी को दिखाता है। NHAI ने स्कीम की अवधि बढ़ाकर जून 2027 तक कर दी है, जिससे आने वाले महीनों में भी यात्री इसका फायदा उठा सकते हैं।
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