इश्योरेंस सेक्टर में अब 100% FID हिस्सेदारी! आम आदमी पर क्या पड़ेगा असर?

केंद्र सरकार ने आज लोकसभा में बीमा क्षेत्र में 100 फीसदी FDI हिस्सेदारी वाले बिल को पेश किया। 

Shivam Shukla
अपडेटेड16 Dec 2025, 09:31 PM IST
इश्योरेंस सेक्टर में अब 100% FID हिस्सेदारी
इश्योरेंस सेक्टर में अब 100% FID हिस्सेदारी

Insurance Laws Amendment Bill 2025: देश के करोड़ों पॉलिसीधारकों के लिए यह एक बड़ी खबर है। मंगलवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में 'सबका बीमा सबकी रक्षा (बीमा कानून संशोधन) विधेयक, 2025' पेश किया है। इस बिल का मकसद इश्योरेंस सेक्टर में फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टर्स (FDI) की 100 प्रतिशत हिस्सेदारी करके बीमा नियमों में बदलाव करना है। इसके साथ ही IRDAI की प्रवर्तन शक्तियों को मजबूत करना, शासन मानकों में सुधार करना, पॉलिसीधारकों के डेटा की सुरक्षा करना और विनियमन को सरल बनाना है।

मौजूदा समय में 74% हैं FDI लिमिट

इससे पहले, मौजूदा समय में भारतीय बीमा क्षेत्र में 74 प्रतिशत लिमिट है। सरकार का मानना है कि 100% विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (FDI) की अनुमति देने से अंतरराष्ट्रीय कंपनियां बेझिझक भारत में अरबों रुपये का निवेश करेंगी। जब ज्यादा कैपिटल आएगा, तो प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। इसका सीधा फायदा आम जनता को होगा। नई-नई योजनाएं सामने आएंगी, प्रीमियम की दरें संतुलित होंगी और ग्राहक सेवा बेहतर होगी। इसके साथ-साथ टेक्नोलॉजी और एक्सपर्टीज भी बेहतर होगी। इससे क्लेम सेटलमेंट की प्रक्रिया में तेजी आएगी और आपकी पॉलिसी का मैनेजमेंट और भी सुरक्षित होगा। यह कदम देश की इकोनॉमी को भी गति देगा।

IRDAI को मिलेंगे और अधिकार

आज पेश किए गए बिल में लाइफ,जनरल, हेल्थ और री-इश्योरेंस को स्पष्ट रूप से वर्गीकृत किया गया है, जिससे अधिक केंद्रित विनयमन और विशेष पर्यवेक्षण संभव होगा। यह बीमा मध्यस्थों की परिभाषा को भी विस्तृत करता है, जिसमें प्रबंध महा एजेंट, बीमा भंडार, सलाहकार और तृतीय-पक्ष प्रशासक शामिल हैं। इससे एक व्यापक प्रणाली भारतीय बीमा नियामक एवं विकास प्राधिकरण (IRDAI) के नियामक दायरे में आ जाती है।

यह भी पढ़ें | 4 मैच के लिए मिले 8.60 करोड़, जानिए कौन है IPL 2026 का ये दिग्गज प्लेयर

डेटा सिक्योरिटी का ढ़ांचा किया गया तैयार

इस बिल में डेटा सिक्योरिटी का महत्वपूर्ण जोड़ा गया है। आज के डिजिटल युग में KYC और पॉलिसी की गोपनीय जानकारी का सुरक्षित रहना बहुत जरूरी है। यह बिल पॉलिसीधारकों की जानकारी को सुरक्षित तरीके से संभालने के लिए एक औपचारिक ढांचा तैयार किया गया है। साथ ही, नियमों का पालन न करने पर लगने वाले जुर्माने को भी बहुत बढ़ा दिया गया है। अब अगर कोई कंपनी नियम तोड़ती है तो उस पर रोजाना के हिसाब से जुर्माना लग सकता है, जिसकी अधिकतम सीमा 10 करोड़ रुपये तय की गई है। इतना ही नहीं, IRDAI की तरफ से की गई कार्रवाई की जानकारी को सार्वजनिक करना भी अनिवार्य होगा, जिससे बाजार में पारदर्शिता बढ़ेगी।

Catch all the Business News, Market News, Breaking News Events and Latest News Updates on Live Mint. Download The Mint News App to get Daily Market Updates.

बिजनेस न्यूज़बिजनेसइश्योरेंस सेक्टर में अब 100% FID हिस्सेदारी! आम आदमी पर क्या पड़ेगा असर?
More
बिजनेस न्यूज़बिजनेसइश्योरेंस सेक्टर में अब 100% FID हिस्सेदारी! आम आदमी पर क्या पड़ेगा असर?