Office Space Demand in India: देश के टॉप शहरों में लीज पर ऑफिस स्पेस की डिमांड में जोरदार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। घरेलू और विदेशी कंपनियों की तरफ से ऑफिस स्पेस की डिमांड 6 प्रतिशत बढ़कर 7.15 करोड़ वर्ग फुट हो गई है। रियल एस्टेट कंसल्टेंट कंपनी कोलियर्स इंडिया ने बुधवार को कहा कि टेक्नोलॉजी और बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज एंड इश्योरेंस (BFSI) सेक्टर में बढ़ोतरी से अगले साल भी ऑफिस स्पेस की डिमांड मजबूत बने रहने का अनुमान है।
हैदराबाद और मुंबई में कम हुई मांग
आंकड़ों के अनुसार 2025 में 'ग्रेड A' आफिस स्पेस को लीज पर देने की डिमांड के सात प्रमुख शहरों में 7.15 करोड़ वर्ग फुट तक पहुंच गई, जबकि कैलेंडर ईयर 2024 में यह 6.72 करोड़ वर्ग फुट थी। मुंबई और हैदराबाद में डिमांड में गिरावट आई। हालांकि चेन्नई, बेंगलुरु, पुणे, कोलकाता और दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में मांग में वृद्धि दर्ज की गई। कोलियर्स इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर (ऑफिस सर्विस) अर्पित मेहरोत्रा ने कहा, ‘भारत का ऑफिस मार्केट लगातार बढ़ रहा है और हर गुजरते साल नए रिकॉर्ड बना रहा है।’
इस वजह से बढ़ी मांग
रियल एस्टेट कंसल्टेंट के मुताबिक, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) कार्यालयों की मांग के प्रमुख चालकों में से एक के रूप में उभरे हैं। प्रतिभाशाली मानव संसाधन की उपलब्धता और बेहद किफायती किराए पर ‘प्रीमियम’ कार्यालय स्थान उपलब्ध होने के कारण विदेशी कंपनियां भारत में जीसीसी स्थापित कर रहे हैं।
जानें कहां कितनी मांग
बेंगलुरु में ऑफिस लीजिंग 2 प्रतिशत बढ़कर 2.21 करोड़ वर्ग फुट हो गई, जो 2024 में 2.17 करोड़ वर्ग फुट थी। चेन्नई में सबसे ज्यादा 41 प्रतिशत का उछाल आया। यहां लीजिंग 68 लाख से बढ़कर 96 लाख वर्ग फुट पहुंच गई।
दिल्ली-एनसीआर में 16 फीसदी की बढ़त के साथ 97 लाख से 1.13 करोड़ वर्ग फुट हो गई। कोलकाता में 38 फीसदी की ग्रोथ देखी गई, लीजिंग 8 लाख से बढ़कर 11 लाख वर्ग फुट हुई। पुणे में भी मांग जोरदार रही, यहां 37 फीसदी बढ़कर 57 लाख से 78 लाख वर्ग फुट हो गई।
हालांकि, हैदराबाद में 19 प्रतिशत की गिरावट आई और लीजिंग 1.25 करोड़ से घटकर 1.1 करोड़ वर्ग फुट रह गई। मुंबई में भी 5 प्रतिशत की कमी आई और यहां 1 करोड़ से घटकर 95 लाख वर्ग फुट हुई।