भाविष अग्रवाल के नेतृत्व वाली ओला कस्टमर ने ओला फूड्स की सेवाएं फिलहाल रोक दी हैं। मनीकंट्रोल को मिली जानकारी के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से यह सेवा ओला की राइड-हेलिंग ऐप पर भी दिखाई नहीं दे रही है।
क्लाउड-किचन बिजनेस, जो ONDC (Open Network for Digital Commerce) के जरिए भी चलता था, अब ऑर्डर नहीं ले रहा है। इससे अंदाज़ा लगाया जा रहा है कि दोनों चैनलों पर संचालन बंद कर दिया गया है।
एक सूत्र ने बताया, "ऑपरेशन अस्थायी रूप से रोका गया है। कंपनी अपनी योजना का पुनः मूल्यांकन कर रही है और नए बिज़नेस मॉडल पर काम कर रही है।" अब तक यह साफ़ नहीं है कि ओला फिर से ओला फूड्सशुरू करेगी या इस कारोबार से पूरी तरह बाहर निकल जाएगी। साथ ही कंपनी ने मनीकंट्रोल के सवालों का अभी कोई जवाब नहीं दिया है। जवाब मिलने पर जानकारी अपडेट की जाएगी।
कंपनी ने गैर-जरूरी बिजनेस पर फिर सोचा
यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब सॉफ्टबैंक समर्थित ओला अपने मुख्य व्यवसाय के अलावा अन्य प्रोजेक्ट्स की समीक्षा कर रही है। इंडस्ट्री से जुड़े लोगों के अनुसार कंपनी ने "ऑपरेशन रोक दिए हैं" और ज्यादातर गतिविधियां बंद कर दी हैं। पिछले दो वर्षों में Ola ने अपने कई नए प्रयोग बंद किए या छोटे कर दिए, जैसे:
Ola ने ONDC पर अपनी पहुंच बढ़ाने की कोशिश की, ताकि सिर्फ अपनी ऐप पर निर्भर न रहना पड़े। लेकिन मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के अनुसार प्लेटफॉर्म पर ऑर्डर वॉल्यूम कम ही रहे।
भारत के फूड-डिलीवरी और क्लाउड-किचन मार्केट में अभी भी Swiggy, Zomato और अन्य ONDC विक्रेताओं का दबदबा है, जिससे Ola जैसी नई या ध्यान-केन्द्रित न रहने वाली कंपनियों के लिए टिके रहना मुश्किल है।
यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब बाज़ार में प्रतिस्पर्धा और बढ़ रही है। राइड-हेलिंग कंपनी रैपिडो ने अगस्त में अपनी अलग फूड डिलीवरी ऐप Ownly लॉन्च की है, जो फिलहाल सीमित जगहों पर उपलब्ध है।