Onion Price Delhi: रसोई के बजट पर प्याज की बढ़ती कीमत का असर पड़ने से पहले केंद्र सरकार ने बाजार में सीधा दखल देना शुरू कर दिया है। दिल्ली-NCR में अब सरकारी बफर स्टॉक का प्याज ₹35 प्रति किलो में मिलेगा। खास बात यह है कि यह कीमत बाजार में चल रहे करीब ₹62 प्रति किलो के भाव से लगभग 44% कम है। सरकार का कहना है कि त्योहारी सीजन में मांग बढ़ने से प्याज की कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है, इसलिए पहले से बाजार में सस्ती आपूर्ति बढ़ाई जा रही है।
दिल्ली में 27 अगस्त को प्याज का खुदरा भाव करीब ₹62 प्रति किलो था। इसके मुकाबले केंद्र सरकार ने बफर स्टॉक का प्याज ₹35 प्रति किलो की दर से बेचने का फैसला किया है। यानी उपभोक्ता को बाजार भाव की तुलना में करीब ₹27 प्रति किलो की बचत हो सकती है। यह बिक्री सरकार के बफर स्टॉक से की जा रही है, जिसका इस्तेमाल कीमतों में अचानक बढ़ोतरी के दौरान बाजार में आपूर्ति बढ़ाने के लिए किया जाता है।
NAFED, NCCF और केंद्रीय भंडार के जरिए बिक्री
उपभोक्ता मामलों की सचिव निधि खरे (Nidhi Khare) ने कहा कि कीमतों में बढ़ोतरी की वजह कालाबाजारी, जमाखोरी और मुनाफाखोरी थी। खरे ने कहा कि त्योहारों के मौसम में मांग पूरी करने के लिए देश में प्याज का पर्याप्त स्टॉक है और सरकार निर्यात पर रोक लगाने पर विचार नहीं कर रही है।
अप्रैल-जून 2026 के दौरान प्याज का निर्यात लगभग 3.82 लाख टन रहा। उन्होंने प्याज़ ले जा रहे छोटे ट्रकों को हरी झंडी दिखाकर खुदरा बिक्री की शुरुआत की। दिल्ली में गुरुवार को प्याज 62 रुपये प्रति किलो के भाव से बिक रहा था।
यह बिक्री नेफेड (Nafed), एनसीसीएफ (NCCF) और केंद्रीय भंडार के ज़रिए की जा रही है, जबकि मदर डेयरी अपने 'सफल' (Safal) स्टोर के ज़रिए प्याज बेचेगी। इतना ही नहीं सरकार ने मोबाइल वैन के जरिए भी बिक्री शुरू की है, ताकि उपभोक्ताओं तक प्याज सीधे पहुंचाया जा सके।
सरकार के पास कितना प्याज है?
सरकार ने कीमतों को नियंत्रित रखने के लिए प्याज का बफर स्टॉक तैयार किया है। 2026-27 के लिए अब तक करीब 1.21 लाख टन प्याज की खरीद की जा चुकी है। इस स्टॉक का इस्तेमाल जरूरत के मुताबिक बाजार में आपूर्ति बढ़ाने के लिए किया जा रहा है। सरकार ने इस बार प्याज के भंडारण के लिए सेंट्रल वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन (Central Warehousing Corporation - CWC) को भी पहली बार भंडारण एजेंसी के रूप में शामिल किया है।
कांदा एक्सप्रेस से पहुंच रहा प्याज
दिल्ली में सरकारी बिक्री के लिए प्याज की बड़ी खेप महाराष्ट्र के नासिक से भेजी जा रही है। इसके लिए रेलवे की विशेष मालगाड़ी कांदा एक्सप्रेस (Kanda Express) का इस्तेमाल किया जा रहा है। पहली खेप में करीब 800 टन प्याज नासिक से दिल्ली के लिए रवाना की गई थी।
सरकार का मकसद उत्पादन वाले राज्यों से खपत वाले बड़े बाजारों तक प्याज को तेजी से पहुंचाना है। बता दें कि मराठी भाषा में कांदा का प्याज कहते हैं। कहा जा रहा है कि सरकार ने नासिक में किसानों से 21.25 रुपये प्रति किलो के हिसाब से प्याज की खरीद की है। वहीं नासिक से दिल्ली तक लाने में ट्रांसपोर्ट का खर्च बढ़ जाता है।