
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू संसद की संयुक्त बैठक को संबोधित कर रही हैं। उनके अभिभाषण के साथ ही संसद के बजट सत्र का शुभारंभ हो गया है। परंपरा के अनुसार, संसद के दोनों सदनों लोकसभा और राज्यसभा की संयुक्त बैठक के साथ ही बजट सत्र की शुरुआत की जाती है। राष्ट्रपति अपने अभिभाषण में सरकार की उपलब्धियां गिना रही हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार के विभिन्न कल्याणकारी कार्यों का जिक्र किया है।
संसद सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक हुई जिसमें बजट सत्र के दौरान चर्चा के विषयों पर गहन मंथन हुआ। विपक्ष ने मनरेगा की जगह आए वीबी जी राम जी कानून पर चर्चा की मांग की, जिसे सत्ता पक्ष ने ठुकरा दिया। राष्ट्रपति मुर्मू ने अपने अभिभाषण में जब जी राम जी का जिक्र किया, तब विपक्षी सांसदों ने थोड़ी देर हंगामा किया तो सत्ता पक्ष के सांसदों ने मेजें थपथपाकर समर्थन जताया।
हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी बजट से पहले आर्थिक सर्वेक्षण संसद में पेश किया जाएगा। इस वर्ष आर्थिक सर्वेक्षण 29 जनवरी, गुरुवार को पेश किया जाना है। आर्थिक सर्वेक्षण में देश की तमाम आर्थिक गतिविधियों, उपलब्धियों और भविष्य की दृष्टि पर विस्तार से जानकारी दी जाती है। आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट विशेषज्ञों की एक लंबी-चौड़ी टीम तैयार करती है।
Budget 2026 Live Updates: यूक्लीन के संस्थापक और CEO अरुणाभ सिन्हा ने कहा कि यूनियन बजट से पहले संगठित लॉन्ड्री और रिटेल सेवाएं क्षेत्र को ऐसी नीतिगत मदद की उम्मीद है जो शहरी रोजगार, स्वच्छता और उपभोक्ता सुविधा में इसकी भूमिका को मान्यता दे। यूक्लीन जैसे स्टार्टअप्स रिटेल, सेवाओं और टेक्नोलॉजी के जरिए टियर-1 और टियर-2 शहरों की बदलती जरूरतें पूरी कर रहे हैं। उन्होंने सेवा-आधारित स्टार्टअप्स के लिए किफायती ऋण, ब्याज अनुदान और प्रायोरिटी सेक्टर लेंडिंग का दर्जा देने की मांग की।
Budget 2026 Live Updates: एसोसिएशन ऑफ सीनियर लिविंग इंडिया (ASLI) के अध्यक्ष राजित मेहता ने कहा कि भारत में बदलती जनसंख्या संरचना को देखते हुए वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल पर नीतिगत ध्यान जरूरी है। बजट में सीनियर केयर को सामाजिक अवसंरचना का दर्जा, वित्तीय साधन, जीएसटी सुधार, बीमा प्रोत्साहन और एक नोडल एजेंसी की जरूरत है, ताकि देखभाल सस्ती और सम्मानजनक बन सके। उनका कहना है कि यह समय है कि हम एक देखभाल-प्रधान वृद्धावस्था ढांचा बनाएं, जो भारत के वरिष्ठ नागरिकों को करुणा और समावेशिता के साथ समर्थन दे।
Budget 2026 Live Update: केंद्र सरकार अपने आगामी बजट में रक्षा क्षेत्र के लिए प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) को और उदार बनाने की योजना बना रही है। शीर्ष अधिकारियों ने बताया कि आगामी बजट में मौजूदा लाइसेंस प्राप्त रक्षा निर्माताओं के लिए 'स्वचालित मार्ग' के तहत एफडीआई सीमा को बढ़ाकर 74 प्रतिशत करने का प्रस्ताव शामिल है।
Budget Session Live Update: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बजट सत्र के पहले दिन अपने अभिभाषण में कहा कि सरकार ने पिछले एक दशक में गरीबों के लिए चार करोड़ पक्के मकान बनाए हैं और बीते एक वर्ष में गरीबों को 32 लाख नए घर मिले हैं।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने सदन को संबोधित करते हुए महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन पर शोक व्यक्त किया। बताया गया कि अजित पवार का मंगलवार को महाराष्ट्र के बारामती में एक विमान दुर्घटना में निधन हो गया। इसके बाद लोकसभा की कार्यवाही गुरुवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने एआई के दुरुपयोग से जुड़े खतरों की तरफ संकेत किया। उन्होंने अपने अभिभाषण में कहा, 'आज एआई के दुरुपयोग के विषय में गंभीरता बहुत जरूरी है। डीप फेक, फर्जी सामग्री लोकतंत्र, सामाजिक सौहार्द और जनता के विश्वास के लिए बड़ा खतरा बनते जा रहे हैं। इस विषय पर आप सभी को मिलकर विचार करना चाहिए।'
AiMeD के फोरम कोऑर्डिनेटर राजीव नाथ ने कहा, '2025 भारत के मेडिकल डिवाइस सेक्टर के लिए एक अच्छा और स्थिर साल रहा। सरकार ने मेडटेक इंडस्ट्री को मजबूत करने के लिए लगातार नीतिगत बातचीत की और मेडिकल डिवाइस को हेल्थकेयर के साथ-साथ आर्थिक ताकत का अहम हिस्सा माना। इस साल मेडिकल डिवाइस पॉलिसी 2023 पर गहराई से चर्चा हुई। रेगुलेटरी नियमों में भरोसेमंदी लाने, देश में प्रोडक्शन बढ़ाने और खासकर जरूरी डिवाइसों में आयात पर निर्भरता घटाने जैसे मुद्दों पर अच्छी-खासी बातचीत हुई। खासकर छोटे-मध्यम उद्योगों (MSMEs) के लिए ये साल एक बेहतर माहौल बनाने वाला रहा—जहां क्वालिटी, सस्ते दाम और भरोसे पर फोकस रहा, साथ ही नई चीजें बनाने और दुनिया में मुकाबला करने की क्षमता बढ़ाने की कोशिश हुई। AiMeD ने हमेशा की तरह फेयर कंपटीशन, ईमानदार खरीदारी और पूरी सप्लाई चेन में लंबे समय तक चलने वाले विकास वाली नीतियों की पैरवी की।
अब 2026 में कदम रखते हुए अब असल में नीतियों को जमीन पर उतारने और इंडस्ट्री-सरकार के बीच और मजबूत तालमेल बनाने का वक्त है। इसके लिए कुछ बड़े कदम उठाने होंगे
- आयात पर टैरिफ को मौजूदा 7.5% से बढ़ाकर 10-15% करना चाहिए, ताकि देश में मैन्युफैक्चरिंग को असली बूस्ट मिले।
- सरकारी खरीद में क्वालिटी को सबसे ऊपर रखा जाए और ICMED सर्टिफिकेशन को विदेशी अप्रूवल से ज्यादा महत्व दिया जाए।
- लेबलिंग के नियम अपडेट कर डिवाइस पर साफ-साफ लिखा जाए कि कितना हिस्सा देश में बना है।
- जिन कंपनियों का 50% से ज्यादा वैल्यू एडिशन लोकल हो, उन्हें खास इंसेंटिव मिलें।
ये बदलाव अगर सही तरीके से हुए और ग्लोबल मुकाबले को और मजबूत करने के साथ चले, तो भारत अपनी क्षमता, प्रोडक्शन ताकत और भरोसे को असल सफलता में बदल सकता है। इससे हम दुनिया के बड़े मेडटेक हब बनने की तरफ तेजी से बढ़ सकते हैं।"
यूनिवर्सल सोम्पो जनरल इंश्योरेंस के एमडी और सीईओ शरद माथुर ने कहा, "2047 तक सबके लिए बीमा का लक्ष्य हासिल करने के लिए एक साफ और समयबद्ध रोडमैप चाहिए। साथ ही कुछ खास नीतियां और बजट में पैसा लगाना होगा। सबसे जरूरी है कि पूरी इंडस्ट्री मिलकर एक साझा डिजिटल इंश्योरेंस का ढांचा बनाए, जैसे कि आपस में जुड़े प्लेटफॉर्म और सस्ते-से-सस्ता तरीके से बीमा पहुंचाने वाली व्यवस्था। इससे खासकर उन लोगों तक बीमा आसानी से पहुंचेगा जो पहली बार बीमा ले रहे हैं।
बजट में इसके लिए अच्छी-खासी रकम रखी जानी चाहिए, ताकि गांवों और गरीब तबके में बीमा के बारे में जागरूकता फैले। यहां अभी भी बहुत कम लोग बीमा लेते हैं। साथ ही, सरकार की बीमा और कल्याणकारी योजनाओं को ऐसे बनाना चाहिए कि प्राइवेट इंश्योरेंस कंपनियां भी ज्यादा से ज्यादा हिस्सा ले सकें। इसके लिए ज्यादा बातचीत और कारोबार के हिसाब से दोस्ताना तरीका अपनाना होगा। अगर ये सब साथ मिलकर किया जाए तो बीमा की कमी वाली खाई कम होगी, बीमा सस्ता होगा और 'सबके लिए बीमा' का सपना सिर्फ कागज पर नहीं, जमीन पर भी सच होगा।"
एसोसिएशन ऑफ इंडियन मेडिकल डिवाइस इंडस्ट्री के फोरम समन्वयक राजीव नाथ ने कहा कि 2025 भारत के मेडिकल डिवाइस क्षेत्र के लिए निरंतर प्रगति और सकारात्मक संवाद का वर्ष रहा है। हम भारत सरकार की सराहना करते हैं कि उसने मेडटेक इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए नीतिगत चर्चा जारी रखी और मेडिकल डिवाइस को स्वास्थ्य सेवाओं व आर्थिक मजबूती का अहम स्तंभ माना। इस वर्ष मेडिकल डिवाइस नीति 2023, नियामक स्थिरता, घरेलू निर्माण क्षमता बढ़ाने और जरूरी उपकरणों में आयात निर्भरता कम करने पर गहन चर्चा हुई।
उन्होंने कहा कि भारतीय निर्माताओं, खासकर MSMEs के लिए 2025 ने ऐसा माहौल बनाने की नींव रखी जो गुणवत्ता, किफायत और भरोसे को प्राथमिकता देता है और नवाचार को बढ़ावा देता है। AiMeD ने समान अवसर, नैतिक खरीद और टिकाऊ विकास के लिए लगातार प्रयास किए।
नाथ ने आगे कहा कि 2026 में ज़रूरत है कि नीतियों को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए। इसके लिए टैरिफ 7.5% से बढ़ाकर 10–15% करना, सरकारी खरीद में ICMED सर्टिफिकेशन को प्राथमिकता देना, लेबल पर घरेलू सामग्री प्रतिशत दिखाना और 50% से अधिक स्थानीय वैल्यू जोड़ने वालों को प्रोत्साहन देना जरूरी है। इससे भारत एक वैश्विक मेडटेक हब बन सकता है।
1) क्रेडाई वेस्ट यूपी के अध्यक्ष दिनेश गुप्ता ने कहा कि बजट में अफोर्डेबल और मिड-इनकम हाउसिंग पर विशेष फोकस होना चाहिए। होम लोन ब्याज पर धारा 80सी व 24(बी) में राहत और स्टॉल्ड प्रोजेक्ट्स के लिए आसान फंडिंग से सेक्टर को मजबूती मिलेगी।
2) एक्सोटिका हाउसिंग के एमडी दिनेश जैन ने कहा कि केंद्रीय बजट 2026 से रियल एस्टेट सेक्टर को अफोर्डेबल हाउसिंग और टैक्स राहत की बड़ी उम्मीद है। उन्होंने रियल एस्टेट को उद्योग का दर्जा देने, होम लोन ब्याज पर धारा 24(बी) में छूट 2 लाख से बढ़ाकर 4–6 लाख करने, नई टैक्स व्यवस्था में इसे लागू करने तथा अफोर्डेबल हाउसिंग की परिभाषा अपडेट करने और अटकी परियोजनाओं के लिए स्वामिह फंड के विस्तार की मांग की।
3) विजन बिज़नेस पार्क के फाउंडर अतुल विक्रम सिंह ने कहा कि रियल एस्टेट सेक्टर को नीति स्थिरता और दीर्घकालिक दृष्टि की जरूरत है। सरल टैक्स ढांचा, आरईआईटी को बढ़ावा और डिजिटल सिंगल-विंडो से निवेश व रोजगार बढ़ेंगे।
आईयूएमएल के सांसद ई.टी. मोहम्मद बशीर ने बजट सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक के बाद सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि संसद की गरिमा लगातार गिर रही है और यह एक तरह से मज़ाक बनकर रह गई है। बशीर के अनुसार, उन्होंने संसद में कई अहम मुद्दे उठाए हैं, लेकिन उन पर गंभीर चर्चा नहीं हो पा रही है।
उन्होंने विशेष रूप से एसआईआर (SIR) जैसे महत्वपूर्ण विषय का ज़िक्र किया और कहा कि ऐसे मुद्दों पर बजट सत्र के दौरान खुलकर बहस होनी चाहिए। उनका कहना था कि संसद जनता की आवाज़ उठाने का सबसे बड़ा मंच है, लेकिन जब सांसदों द्वारा उठाए गए सवालों को नज़रअंदाज़ किया जाता है, तो लोकतंत्र कमजोर होता है।
बशीर ने यह भी कहा कि सरकार को विपक्ष की बातों को सुनना चाहिए और संसद को सार्थक चर्चा का केंद्र बनाना चाहिए, ताकि जनता से जुड़े मुद्दों का सही समाधान निकल सके।
आम आदमी पार्टी (AAP) के सांसद संजय सिंह ने मंगलवार को कहा कि सरकार विदेश नीति के मोर्चे पर पूरी तरह विफल रही है। उन्होंने बजट सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक में यह मुद्दा उठाया। संजय सिंह ने बताया कि उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों पर सरकार की चुप्पी चिंता का विषय है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका द्वारा लगातार प्रधानमंत्री का अपमान किया जा रहा है, लेकिन सरकार इस पर कोई ठोस प्रतिक्रिया नहीं दे रही है।
उन्होंने प्रयागराज में शंकराचार्य के कथित अपमान का मुद्दा भी उठाया और कहा कि यह धार्मिक भावनाओं से जुड़ा गंभीर विषय है। इसके अलावा संजय सिंह ने SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) का मुद्दा भी बैठक में रखा। उन्होंने सवाल उठाया कि SIR के नाम पर कितने मतदाताओं के वोट काटे गए और इसका आधार क्या था। संजय सिंह के अनुसार, इन सभी मुद्दों पर सरकार की चुप्पी और लापरवाही देश के लिए चिंता का कारण बन रही है।
आर्थिक सर्वेक्षण आमतौर पर केंद्रीय बजट से एक दिन पहले पेश किया जाता है। लेकिन इस साल बजट रविवार को पेश होने के कारण आर्थिक सर्वेक्षण पहले जारी किया जाएगा। सरकार ने जानकारी दी है कि आर्थिक सर्वेक्षण गुरुवार, 29 जनवरी को सार्वजनिक किया जाएगा।
आर्थिक सर्वेक्षण में देश की अर्थव्यवस्था की मौजूदा स्थिति, विकास दर, महंगाई, रोजगार, उद्योग और भविष्य की संभावनाओं पर विस्तृत जानकारी दी जाती है। यह दस्तावेज़ बजट से पहले सरकार की आर्थिक सोच और नीतिगत दिशा को समझने में मदद करता है।
संसद सत्र के दौरान कांग्रेस पार्टी कई अहम मुद्दों को उठाने की तैयारी कर रही है। इनमें राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा), स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) अभ्यास और पर्यावरण से जुड़े विषय शामिल हैं। समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, कांग्रेस की संसदीय रणनीति समूह की बैठक मंगलवार को कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी के आवास पर हुई।
बैठक में वीबी जी राम जी एक्ट और जारी SIR जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। कांग्रेस सांसद सैयद नसीर हुसैन ने बताया कि इस बैठक की अध्यक्षता सोनिया गांधी ने की। उन्होंने कहा कि विपक्ष के लिए सबसे बड़ा मुद्दा मनरेगा है। इसके अलावा पर्यावरण से जुड़े विषय, लद्दाख और जम्मू-कश्मीर से जुड़े सवाल, और विदेश नीति से संबंधित मुद्दे भी संसद में उठाए जाएंगे।
हुसैन ने यह भी बताया कि बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी मौजूद थे। पीटीआई के अनुसार, खड़गे ने बुधवार सुबह एक और बैठक बुलाई है, जिसमें आगामी बजट सत्र के लिए विपक्ष की संयुक्त रणनीति को अंतिम रूप दिया जाएगा।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को लगातार नौवां केंद्रीय बजट पेश करेंगी और एक नया रिकॉर्ड बनाएंगी। वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच आने वाले इस बजट से आर्थिक विकास को तेज करने वाले सुधारों की उम्मीद है। इसके साथ ही वह पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई के 10 बजटों के रिकॉर्ड के करीब पहुंच जाएंगी। देसाई ने अलग-अलग समय में कुल 10 बजट पेश किए थे।
निर्मला सीतारमण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लगातार नौ बजट पेश करने वाली पहली वित्त मंत्री होंगी। उन्हें 2019 में देश की पहली पूर्णकालिक महिला वित्त मंत्री बनाया गया था और 2024 में भी यह जिम्मेदारी उनके पास रही।
स्वतंत्र भारत का पहला बजट 1947 में आर. के. शनमुखम चेट्टी ने पेश किया था। सबसे लंबा बजट भाषण सीतारमण ने 2020 में दिया था, जबकि सबसे छोटा भाषण 1977 में हीरूभाई पटेल का था। पहले बजट शाम 5 बजे पेश होते थे, लेकिन 1999 से यह सुबह 11 बजे होने लगा। 2017 से बजट 1 फरवरी को पेश किया जाता है।
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