फिलीपींस दशकों से अपनी सुरक्षा के लिए अमेरिका के साथ रक्षा सौदों पर पर भरोसा करता रहा है, लेकिन अब उसने अमेरिकी हथियार पर मेड इन इंडिया हथियारों को तरजीह देना शुरू कर दिया है। फिलीपींस दशकों से अमेरिका से Hawk मिसाइल सिस्टम खरीद रहा था, लेकिन अब उसने अमेरिकी मिसाइल सिस्टम Hawk की जगह भारतीय मिसाइल सिस्टम आकाश में दिलचस्पी दिखाई है।
भारतीय से SAM खरीदेगा फिलीपींस?
फिलीपींस दशकों से अपनी सुरक्षा के लिए अमेरिका से HAWK मिसाइल सिस्टम खरीद रहा था, वो 90 के दशक से ही अपनी एयर फोर्स के लिए अमेरिकी मिसाइल सिस्टम के भरोसे था। लेकिन अब उसने अमेरिकी मिसाइल सिस्टम HAWK की जगह भारत के SAM में दिलचस्पी दिखाई है। फिलीपींस ने शुरुआत में 50 से 80 किलोमीटर रेंज वाली मिसाइल प्रणाली खरीदने में दिलचस्वी दिखाई थी। भारत इस सेगमेंट में लंबी रेंज वाली नई प्रणाली Akash-NG पर काम कर रहा है।
भारत-फिलीपींस के साथ बातचीत शुरू
फिलीफींस ने भारतीय मिसाइसल सिस्टम SAM खरीदने को लेकर भारत के साथ बातचीत शुरू कर दी है, ये मिसाइल सिस्टम 90 के दशक के पुराने पड़ चुके अमेरिकी मिसाइल सिस्टम HAWK की जगह लेगा। अभी तक फिलीपींस एयरफोर्स सिर्फ एक HAWK XXI सिस्टम से काम चला रही थी, जो अब काफी पुराना पड़ चुका है। इसके पार्ट्स मिलने में आ रही दिक्कत की वजह से इसके मेंटेनेंस और रखरखाव में दिक्कत आ रही है।
HAWK XXI की टोही क्षमता कमजोर
गौरतलब है कि फिलीपींस के पास जो अमेरिकी HAWK XXI मिसाइल सिस्टम है उसे वो अपग्रेड कर काम चला रहा था। लेकिन पुराने पड़ चुके इस मिसाइल सिस्टम से वो आधुनिक रक्षा चुनौतियों का सामना करने में सक्षम नहीं था। जिसे देखते हुए फिलीपींस ने भारतीय SAM खरीदने में दिलचस्पी दिखाई है। दरअसल फिलीपींस जिस अमेरिकी मिसाइल सिस्टम का इस्तेमाल कर रहा है उसकी इंटरसेप्टर क्षमता कमजोर है।
Akash-1S में फिलीपींस की दिलचस्पी
फिलीपींस की जरूरतों को देखते हुए भारत ने उसे Akash-1S मिसाइल सिस्टम की पेशकश की है। Akash-1S लड़ाकू विमानों को 45 किलोमीटर दूर और क्रूज मिसाइलों को 30 किलोमीटर दूर मार गिराने में सक्षम है। इस मिसाइल को भारी सैन्य वाहनों से ला जाया जा सकता है। इसकी एक बैट्री यूनिट में चार मोबाइल लॉन्चर होते हैं और हर लॉन्चर में 8 मिसाइलें होती हैं। Akash-1S मिसाइल सिस्टम को BDL यानी भारत डायनेमिक्स लिमिडेट ने तैयार किया है।
चीनी समुद्री सीमा पर होगा कारगर
फिलीपींस और चीन दोनों देशों के बीच समुद्री सीमा है जिसको लेकर अकसर दोनों देशों के बीच तनाव देखने को मिलता है। अपनी विस्तारवादी नीति पर चल रहे चीन के साथ फिलीपींस के साथ भी अकसर तनाव देखने को मिलता है। ऐसी स्थिति में भारतीय Akash-1S मिसाइल सिस्टम फिलीपींस को उसकी समुद्री सीमा की रक्षा करने में काफी कारगर साबित हो सकता है। Akash-1S के जरिए फिलीपींस अपनी समुद्री सीमा के अलावा हवाई क्षेत्र को भी सुरक्षित रह रख सकता है।
फिलीपींस की Akash-NG में दिलचस्पी
फिलीपींस ने आकाश के एडवांस वर्जन Akash-NG को खरीदने में दिलचस्पी दिखाई थी, लेकिन अभी ये मिसाइल सिस्टम टेस्टिंग के दौर से गुजर रहा है और फिलहाल इसको बेचने की मंजूरी नहीं मिली है। इस लिए भारत ने फिलीपींस को Akash-1S खरीदने के लिए तैयार किया है और इसको लेकर दोनों देशों के बीच बातचीत जारी है। अभी परीक्षण के दौर से गुजार रहे Akash-NG की रेंज 50 से 80 किलोमीटर है। इसके जल्द ही भारतीय सेना में शामिल होने की उम्मीद है।
फिलीपींस भारत का रक्षा साझीदार
भारत और फिलीपींस के बीच में साल 2006 में एक रक्षा समझौता हुआ था, जिसके तहत भारत-फिलीपींस के बीच रक्षा उत्पादन, समुद्री सुरक्षा और सैन्य प्रशिक्षण सहयोग बढ़ाया जा रहा है। फिलीपींस, भारत से 375 मिलियन डॉलर में ब्रह्मोस मिसाइल सिस्टम खरीद चुका है। उसके बाद करीब 200 मिलियन डॉलर में Akash-1S मिसाइल सिस्टम का समझौता होने की उम्मीद है।