मोदी कैबिनेट का ₹2.19 लाख करोड़ का मास्टरस्ट्रोक! सेमीकंडक्टर, मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग और रेलवे को मिला मेगा बूस्ट

Cabinet Decisions: केंद्र सरकार ने भारत को ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग और टेक्नोलॉजी हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने ₹2.19 लाख करोड़ से अधिक के 7 बड़े फैसलों को मंजूरी दी है। इनमें इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0, ₹62,500 करोड़ की मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग स्कीम जैसी कई चीजें शामिल हैं।

Jitendra Singh
अपडेटेड15 Jul 2026, 04:50 PM IST
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Cabinet Decisions: ₹2.19 लाख करोड़ का मेगा दांव

Cabinet Decisions: भारत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को ऐसे 7 बड़े फैसलों को मंजूरी दी। इनमें भारत के लिए टेक्नोलॉजी, इलेक्ट्रॉनिक्स, रेलवे, उर्वरक और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर को गेमचेंजर माना जा रहा है। इन परियोजनाओं और योजनाओं का कुल बजट ₹2.19 लाख करोड़ से अधिक है।

सरकार का लक्ष्य भारत को सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स और हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग का वैश्विक केंद्र बनाना है। यह पैकेज सिर्फ सरकारी खर्च नहीं बल्कि आने वाले दशक के लिए भारत की इंडस्ट्रियल और टेक्नोलॉजी रणनीति का रोडमैप है।

Semicon 2.0 को मिला सबसे बड़ा बूस्ट

कैबिनेट ने इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (India Semiconductor Mission - ISM) 2.0 को मंजूरी दी है। इसमें करीब ₹1.27 लाख करोड़ के प्रावधान को हरी झंडी दी है। इसका मकसद भारत में चिप डिजाइन, पैकेजिंग, टेस्टिंग और फैब्रिकेशन का मजबूत इकोसिस्टम तैयार करना है। सरकार पहले चरण में 10 से अधिक सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दे चुकी है और अब दूसरे चरण में निवेश का दायरा और बढ़ाया जा रहा है।

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Semicon 2.0 क्यों है अहम?

क्षेत्रसंभावित लाभ
चिप मैन्युफैक्चरिंगआयात निर्भरता कम होगी
इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्रीलागत घटेगी
रोजगारलाखों नौकरियों की संभावना
एक्सपोर्टवैश्विक सप्लाई चेन में हिस्सेदारी
टेक्नोलॉजीआत्मनिर्भरता बढ़ेगी

मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग को ₹62,500 करोड़ का मेगा पैकेज

कैबिनेट ने मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग स्कीम (MPMS) के लिए ₹62,500 करोड़ के पैकेज को भी मंजूरी दी है। इसका मकसद भारत को दुनिया का सबसे बड़ा मोबाइल उत्पादन और एक्सपोर्ट हब बनाना है। एप्पल, सैमसंग और कई ग्लोबल कंपनियां पहले से भारत में उत्पादन बढ़ा रही हैं। नई योजना से विदेशी निवेश और तेज होने की उम्मीद जताई जा रही है। ऐसे में आने वाले वर्षों में भारत मोबाइल फोन एक्सपोर्ट में नया रिकॉर्ड बना सकता है।

वाराणसी को मिले दो मेगा एलिवेटेड कॉरिडोर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में दो बड़े एलिवेटेड कॉरिडोर प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी गई है। इनका मकसद ट्रैफिक जाम कम करना, लॉजिस्टिक्स सुधारना और शहर की कनेक्टिविटी को मजबूत बनाना है। सरकार का मानना है कि इससे पर्यटन, व्यापार और शहरी विकास को बड़ा फायदा मिलेगा।

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रेलवे को मिला कैपेसिटी एक्सपेंशन पैकेज

भारतीय रेलवे के लिए भी कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी गई है। इनमें मल्टी-ट्रैकिंग, नेटवर्क विस्तार और माल ढुलाई क्षमता बढ़ाने से जुड़े प्रस्ताव शामिल हैं।

रेलवे प्रोजेक्ट्स से क्या होगा फायदा?

  • माल ढुलाई तेज होगी
  • लॉजिस्टिक्स लागत कम होगी
  • औद्योगिक कॉरिडोर को समर्थन मिलेगा
  • ट्रेनों की समयबद्धता सुधरेगी
  • आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी

नई यूरिया निवेश नीति को मंजूरी

कैबिनेट ने नेशनल इन्वेस्टमेंट पॉलिसी फॉर यूरिया 2026 (National Investment Policy for Urea 2026) को भी मंजूरी दी है। इसका मकसद घरेलू उर्वरक उत्पादन बढ़ाना और आयात पर निर्भरता कम करना है। सरकार चाहती है कि किसानों को पर्याप्त यूरिया उपलब्ध हो और उर्वरक क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा मिले।

कैबिनेट के 7 बड़े फैसलों का असर

फैसलाअनुमानित प्रभाव
Semicon 2.0चिप इकोसिस्टम मजबूत
मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग स्कीमएक्सपोर्ट और रोजगार
वाराणसी कॉरिडोरशहरी कनेक्टिविटी
रेलवे एक्सपेंशनलॉजिस्टिक्स सुधार
यूरिया नीतिकृषि क्षेत्र को समर्थन
इलेक्ट्रॉनिक्स इकोसिस्टमविदेशी निवेश आकर्षित
इंफ्रास्ट्रक्चर निवेशआर्थिक विकास
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