भारतीय रेलवे ने रेल यात्रा को आरामदायक और हाई-टेक बनाने के लिए 2026 कैलेंडर वर्ष के लिए एक व्यापक रोडमैप तैयार किया है। इस योजना का सबसे बड़ा फोकस खान-पान (Catering) और ऑनबोर्ड सेवाओं की गुणवत्ता पर है। अक्सर यात्रियों की शिकायत रहती है कि ट्रेनों में खाने की क्वालिटी गिर रही है, लेकिन अब रेलवे इसे जड़ से बदलने जा रहा है।
मुख्य बदलाव जो आपकी यात्रा के अनुभव को बदल देंगे
AI-मॉनिटर्ड बेस किचन: अब खाना कहाँ और कैसे बन रहा है, इसकी निगरानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से होगी ताकि स्वच्छता के मानकों में कोई कमी न आए।
रीयलटाइम फीडबैक: यात्रियों के फीडबैक के आधार पर कैटरिंग वेंडर्स की रैंकिंग तय होगी। खराब रेटिंग वाले वेंडर्स पर भारी जुर्माना और लाइसेंस कैंसिलेशन की कार्रवाई की जाएगी।
स्टैंडर्ड मेनू: वंदे भारत (164 ट्रेनें) और अमृत भारत (30 ट्रेनें) के साथ-साथ अन्य ट्रेनों में भी गुणवत्ता और स्वाद का एक मानक सेट किया जा रहा है।
अमृत भारत और वंदे भारत पर विशेष ध्यान
पिछले एक दशक में रेलवे ने इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी खर्च किया है। दिसंबर 2024 तक रेलवे ने ₹2.03 लाख करोड़ का पूंजीगत व्यय (Capex) किया है। इस निवेश का सीधा असर अब सुविधाओं में दिखेगा। 99% विद्युतीकरण के बाद, अब रेलवे का लक्ष्य केवल गति नहीं, बल्कि यात्रियों को ज्यादा से ज्यादा सुविधा देना है। 2026 में 52 सुधारों की यह सूची यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए ही तैयार की गई है।
अब तक का निवेश और बजट 2026 से उम्मीद
ICRA का मानना है कि आगामी बजट 2026-27 में रेलवे के लिए आवंटन में और बढ़ोतरी होगी। इसका मतलब है कि नई ट्रेनों के साथ-साथ पुराने कोचों के नवीनीकरण और स्टेशनों पर मिलने वाली सुविधाओं में भी भारी सुधार देखने को मिलेगा।
समस्या हो तो रेल मदद का करें उपयोग
यदि आपको अपनी यात्रा के दौरान खाने या सफाई को लेकर कोई समस्या आती है, तो आप 'RailMadad' ऐप का उपयोग कर सकते हैं, जिसे इस नए रिफॉर्म के तहत और अधिक त्वरित बनाया गया है।