Rapido: भारत के डिजिटल कारोबार में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। बाइक टैक्सी प्लेटफॉर्म के रूप में शुरू हुई रैपिडो (Rapido) अब देश की सबसे बड़ी उपभोक्ता इंटरनेट कंपनियों में शामिल हो गई है। कंपनी ने न सिर् उबर (Uber) और ओला (Ola) को पीछे छोड़ा है, बल्कि फूड डिलीवरी और क्विक कॉमर्स क्षेत्र की दिग्गज कंपनियों स्विगी (Swiggy), जोमैटो (Zomato), ब्लिंकिट (Blinkit) और जेप्टो (Zepto) को भी उपयोगकर्ताओं के मामले में पीछे छोड़ दिया है।
इसके लिए वह मोबिलिटी (आवागमन) का इस्तेमाल रोजमर्रा की सेवाओं के एक बड़े इकोसिस्टम में एंट्री पॉइंट के तौर पर कर रही है। इस रणनीति की वजह से बेंगलुरु की यह कंपनी तेज़ी से भारत के सबसे बड़े कंज्यूमर इंटरनेट प्लेटफ़ॉर्म में से एक बन गई है। ऑटो और टू-व्हीलर से आगे बढ़कर कैब, फ़ूड डिलीवरी, फ़ाइनेंशियल सर्विसेज़ और कार-पूलिंग में विस्तार करने से इसे कई बड़ी और पुरानी प्रतिद्वंद्वी कंपनियों के मुकाबले ज़्यादा यूज़र्स जोड़ने में मदद मिली है।
रैपिडो के पास 8.2 करोड़ यूजर्स
डिजिटल और मोबाइल ऐप इंटेलिजेंस फर्म सेंसर टावर (Sensor Tower) के मुताबिक, मार्च और मई के बीच रैपिडो के मंथली एक्टिव यूज़र्स की औसत संख्या 8.2 करोड़ है। यह पिछले साल के मुकाबले 67 फीसदी ज्यादा है। इन आंकड़ों के अनुसार, कंपनी ने ब्लिंकिट और स्विगी को भी पछाड़ दिया है।
प्लेटफॉर्म पर मार्च में रोजाना राइड्स की संख्या 65 लाख तक पहुंच गई, जो उबर और ओला से काफी आगे है। इस तरक्की की वजह कंपनी का अपने कारोबार का विस्तार है। इसमें कैब्स, ई-रिक्शा, फूड डिलीवरी (ओनली) और व्हीकल फाइनेंसिंग (श्यागसमार्ट) जैसे नए क्षेत्रों को शामिल किया गया है।
किस कंपनी के कितने यूजर्स?
मार्च से मई 2026 के दौरान मासिक सक्रिय उपयोगकर्ताओं का आंकड़ा:
लेनदेन करने वाले यूजर्स में भी आगे
रिपोर्ट के मुताबिक जनवरी, फरवरी और मार्च 2026 के दौरान रैपिडो के मासिक लेनदेन करने वाले उपयोगकर्ता (Monthly Transacting Users) लगभग 3.6 करोड़ रहे।
- ब्लिकिंट – 2.7 करोड़
- जोमैटो – 2.5 करोड़
- स्विगी – 2.5 करोड़
ओला और उबर अपने MTU आंकड़े सार्वजनिक नहीं करते हैं।
रोजाना कितनी राइड्स बुक हो रही हैं?
Rapido राइड वॉल्यूम के मामले में भी बाजार की सबसे बड़ी कंपनी बन गई है।
- रैपिडो – 65 लाख राइड प्रतिदिन
- उबर – 37 लाख राइड प्रतिदिन
- ओला – 15 लाख राइड प्रतिदिन
यह आंकड़ा दिखाता है कि रैपिडो की पहुंच अब देश के बड़े हिस्से तक फैल चुकी है।
आखिर रैपिडो इतनी तेजी से कैसे बढ़ी?
विशेषज्ञों का मानना है कि रैपिडो की सबसे बड़ी ताकत उसका सदस्यता आधारित मॉडल (Subscription Model) है। उबर और ओला लंबे समय तक कमीशन मॉडल पर काम करते रहे, जहां ड्राइवरों की कमाई का 20% से 30% हिस्सा प्लेटफॉर्म अपने पास रखता था।
वहीं रैपिडो ने अलग रास्ता अपनाया। कंपनी ड्राइवरों से प्रति ट्रिप कमीशन लेने के बजाय एक निश्चित सदस्यता शुल्क लेती है। इसके बाद ड्राइवर अपनी पूरी कमाई अपने पास रख सकते हैं।
रैपिडो ने मल्टी-सर्विस प्लेटफॉर्म में बदल दिया
2015 में रैपिडो ने केवल बाइक और ऑटो सेवा के साथ शुरुआत की थी। इसके बाद कंपनी ने: