Government Bond: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने देश के बैंकिंग सिस्टम में कैश फ्लो को बढ़ाने और फाइनेंशियल मार्केट को मजबूती देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। केंद्रीय बैंक ने सोमवार को ओपन मार्केट ऑपरेशनंस (OMO) के तहत 50,000 करोड़ रुपये की सरकारी बॉन्ड्स की खरीद की है। यह कदम आरबीआई की उस व्यापक योजना का हिस्सा है, जिसके तहत बाजार में कुल 2 लाख करोड़ रुपये की नकदी डालने का लक्ष्य रखा गया है।
7 तरह की खरीदी गई सिक्योरिटीज
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की फ्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया गया है कि उसने 7 तरह की सिक्योरिटीज की खरीद की है, जिनकी मियाद साल 2029 से 2054 तक अलग-अलग समय में पूरी हो रही है। इसमें तीन साल, छह साल, आठ साल, नौ साल, 10 साल, 14 साल और 28 साल की प्रतिभूतियां शामिल हैं। इन प्रतिभूतियों पर 7.09 प्रतिशत से 8.30 प्रतिशत ब्याज दर हैं।
2 लाख करोड़ की होगी खरीदारी का प्लान
पहली किस्त में 50 हजार करोड़ रुपये की सरकारी सिक्योरिटीज 29 दिसंबर को खरीदी गई थीं। वहीं, दूसरी किस्त के तहत आज, 5 जनवरी को 50 हजार करोड़ रुपये की खरीदारी की गई है। इसके अलावा, तीसरी किस्त के तहत 12 जनवरी खरीदारी की जाएगी, जबकि 22 जनवरी को चौथी किस्त के तहत खरीद की जाएगी। बता दें कि दिसंबर में इससे पहले भी दो किस्तों में केंद्रीय बैंक ने एक लाख करोड़ रुपये की सरकारी सिक्योरिटीज की खरीद की थी।
क्यों बढ़ गई थी बॉन्ड यील्ड?
बता दें कि फाइनेंशियल ईयर 2026 में अब तक अल्ट्रा-लॉन्ग पीरिएड वाली सिक्योरिटीज पर यील्ड में बढ़त देखी गई थी। इसकी मुख्य वजह बीमा कंपनियों और पेंशन फंडों की तरफ से इन्वेस्टमेंट में आई कमी थी। आईडीएफसी फर्स्ट बैंक की चीफ इकोनॉमिस्ट गौरा सेन गुप्ता के अनुसार, ज्यादा सप्लाई और कमजोर मांग की वजह से यह दबाव बना था। इश्योरेंस कंपनियों के पास पैसा आने की गति धीमी हुई है और टैक्स नियमों में बदलाव से उनके गारंटीकृत प्रोडक्ट्स की मांग घटी है। वहीं, पेंशन फंड अब इक्विटी यानी शेयर बाजार में ज्यादा पैसा लगा रहे हैं।
डॉलर-रुपया बाय-सेल स्वैप' भी किया जाएगा
गौरतलब है कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की तरफ से 2 लाख करोड़ रुपये की सिक्योरिटीज खरीद के अलावा 10 बिलियन डॉलर का 'डॉलर-रुपया बाय-सेल स्वैप' भी किया जाएगा। बता दें कि जब RBI ने इन फैसलों का ऐलान किया, उसके बाद सरकारी बॉन्ड यील्ड में अप्रैल के बाद की सबसे बड़ी तेजी (9 आधार अंकों की गिरावट) देखी गई है। यह बाजार के लिए एक सकारात्मक संकेत है।