Real estate news: रियल एस्टेट सेक्टर के लिए 2025 का साल कुछ खास नहीं रहा। त्योहारी सीजन के बावजूद मकानों की बिक्री सुस्त रही और आंकड़े पिछले 17 तिमाहियों में सबसे कमजोर दर्ज किए गए। प्रॉपइक्विटी की रिपोर्ट बताती है कि खरीदारों का रुझान बदल रहा है और बाजार महंगे सेगमेंट की ओर झुक रहा है।
घरों की बिक्री में गिरावट
रियल एस्टेट डेटा एनालिटिक्स कंपनी प्रॉपइक्विटी की रिपोर्ट के अनुसार, देश के 9 बड़े शहरों में 2025 की चौथी तिमाही (अक्टूबर से दिसंबर 2025 के बीच) में कुल 98,019 मकान बिके। यह पिछले साल इसी तिमाही के 1,16,137 मकानों की तुलना में करीब 16% कम है। तिमाही आधार पर भी 2% की गिरावट दर्ज की गई। यह 2021 की तीसरी तिमाही के बाद सबसे कम बिक्री है।
क्यों घट रही है घरों की बिक्री?
प्रॉपइक्विटी के सीईओ समीर जसूजा के मुताबिक, अक्टूबर-दिसंबर का समय आमतौर पर बिक्री और नई लॉन्चिंग के लिए अच्छा माना जाता है। लेकिन इस बार त्योहारी सीजन भी मददगार साबित नहीं हुआ। रिपोर्ट कहती है कि खरीदार अब महंगे सेगमेंट की ओर ज्यादा आकर्षित हो रहे हैं, जिससे संख्या में कमी आई है लेकिन मूल्य में बढ़ोतरी दिख रही है।
दिल्ली-NCR और नवी मुंबई बने अपवाद
जहां ज्यादातर शहरों में बिक्री गिरी, वहीं दिल्ली-एनसीआर और नवी मुंबई ने अच्छा प्रदर्शन किया। दिल्ली-एनसीआर में चौथी तिमाही में 11,712 मकान बिके, जो सालाना आधार पर 4% ज्यादा है। नवी मुंबई में 7,496 मकान बिके, जो 13% की बढ़ोतरी है। बाकी 7 शहरों में बिक्री में 31% तक की गिरावट दर्ज की गई।
नई लॉन्चिंग भी घटी
प्रॉपइक्विटी के अनुसार, 2025 की चौथी तिमाही में नई परियोजनाओं की लॉन्चिंग भी घटी। सालाना आधार पर लॉन्चिंग 10% घटकर 88,427 रह गई। हालांकि दिल्ली-एनसीआर (29%), नवी मुंबई (15%) और चेन्नई (9%) में लॉन्चिंग बढ़ी, लेकिन अन्य 6 शहरों में यह 30% तक कम हो गई। तिमाही आधार पर भी 4% की गिरावट रही।
आगे क्या हो सकता है?
जसूजा का कहना है कि 2025 का कमजोर आधार अगले साल के लिए सकारात्मक साबित हो सकता है। डेवलपर्स ने जो फंड जुटाए हैं, उनसे 2026 में नई परियोजनाओं की लॉन्चिंग बढ़ सकती है। साथ ही, बैंकों द्वारा रेपो रेट में 125 बेसिस पॉइंट की कटौती का असर होम लोन दरों पर दिख सकता है, जिससे मांग को सहारा मिलेगा। सरकार का सक्रिय रुख भी बाजार के लिए सकारात्मक संकेत है।