मुकेश अंबानी के स्वामित्व वाली कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) ने ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन (ONGC) और बीपी एक्सप्लोरेशन (अल्फा) लिमिटेड के साथ एक बड़ी डील की है। इन तीनों कंपनियों ने गुजरात के सौराष्ट्र बेसिन में तेल और गैस की खोज के लिए एक ज्वाइंट ऑपरेशन एग्रीमेंट (JOA) साइन किया है। यह एग्रीमेंट बीते कल यानी 28 जुलाई को किया गया। ऐसा पहली बार है जब इन तीन दिग्गज कंपनियों ने किसी अपतटीय ब्लॉक में तेल और गैस की खोज के लिए एक साथ हाथ मिलाया हो। इस खबर के आने के बाद बुधवार को इनके शेयरों में हलचल देखने को मिल सकती है।
ONGC को मिली ऑपरेटर की जिम्मेदारी
सौराष्ट्र ब्लॉक को खुला क्षेत्र लाइसेंसिंग नीति की नौवीं बोली प्रक्रिया के तहत तीनों कंपनियों को संयुक्त रूप से आवंटित किया गया था। यह ब्लॉक गुजरात तट से सटे पश्चिमी समुद्री क्षेत्र में स्थित है। इसका क्षेत्रफल 5,454 वर्ग किलोमीटर है। समझौते के मुताबिक, इस ब्लॉक में ONGC को ऑपरेटर की भूमिका दी गई है। वहीं, तीनों कंपनियां मिलकर क्षेत्र में हाइड्रोकार्बन संसाधनों की खोज और उत्पादन गतिविधियों का नेतृत्व करेंगी। इसे कैटेगरी-II बेसिन के तहत रखा गया है। इसका मतलब है कि इसमें तेल और गैस के भंडार होने की अच्छी संभावना है।
पहली बार तीनों कंपनियां एक साथ
बता दें कि ये ब्लॉक OALP-IX बोली प्रक्रिया के तहत अलॉट किया गया था, जिसमें कुल 28 ब्लॉक ऑफर किए गए थे। इस बोली में सरकारी तेल कंपनी ONGC को सबसे अधिक 15 ब्लॉक हासिल हुए, जिनमें से 11 उसने अकेले और 4 साझेदारी में जीते। रिलायंस और बीपी ने पहले भी OALP की बोली में हिस्सा लिया था, लेकिन ये पहली बार है जब उन्होंने ओएनजीसी के साथ मिलकर किसी ब्लॉक के लिए बोली लगाई।
ONGC ने विवाद के बाद रिलायंस के साथ मिलाया हाथ
दिलचस्प बात ये है कि RIL और ONGC का इतिहास पहले विवादों से भरा रहा है। साल 2014 में पीएसयू तेल कंपनी ने रिलायंस पर KG बेसिन के ब्लॉक से गैस निकालने का आरोप लगाया था। ये मामला कोर्ट तक गया और लंबा कानूनी विवाद चला। लेकिन अब एक बार फिर दोनों कंपनियों ने हाथ मिलाया है।