Salesforce layoffs: अब AI करेगा काम, टेक कंपनी ने 4000 कर्मचारियों की कर दी छंटनी

Salesforce layoffs: अमेरिका की दिग्गज टेक कंपनी सेल्सफोर्स ने एक झटके में 4000 लोगों को बाहर का रास्ता दिखा दिया है। AI की वजह से लोगों को बाहर का रास्ता दिखाया गया है। छंटनी किए गए कर्मचारियों में कस्टमर सपोर्ट एग्जीक्यूटिव भी शामिल हैं। कंपनी ने पहले कहा था कि AI कर्मचारियों की जगह नहीं ले पाएगा।

Jitendra Singh( विद इनपुट्स फ्रॉम लाइवमिंट.कॉम)
अपडेटेड3 Sep 2025, 03:08 PM IST
Salesforce layoffs: टेक कंपनी ने बताया कि सपोर्ट टीम में कर्मचारियों की संख्या 9000 से घटाकर 5000 कर दी गई है।
Salesforce layoffs: टेक कंपनी ने बताया कि सपोर्ट टीम में कर्मचारियों की संख्या 9000 से घटाकर 5000 कर दी गई है। (Livemint)

Salesforce layoffs: टेक्नोलॉजी की दुनिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) ने तहलका मचा दिया है। हर जगह AI का शोर है। इसबीच अमेरिका की दिग्गज टेक कंपनियों में शामिल सेल्सफोर्स (Salesforce) ने एक झटके में 4000 लोगों को बाहर का रास्ता दिखा दिया है। यह छंटनी कस्टमर सपोर्ट एग्जीक्यूटिव की है। अब इनका काम एआई करेगा। अमेरिकी क्लाउड सॉफ्टवेयर की दिग्गज कंपनी के CEO ने मार्क बेनिऑफ ने पॉकास्ट के जरिए इस बात की जानकारी दी है।

उन्होंने बताया कि सपोर्ट टीम में कर्मचारियों की संख्या 9,000 से घटाकर 5,000 कर दी गई है। बेनिओफ ने कहा, "मैं अपने सपोर्ट स्टाफ की संख्या को फिर से संतुलित करने में कामयाब रहा। मैंने इसे 9,000 से घटाकर लगभग 5,000 कर दिया क्योंकि मुझे कम कर्मचारियों की जरूरत थी।" यानी सेल्सफोर्स के सपोर्ट डिपार्टमेंट का लगभग आधा हिस्सा छोटा कर दिया गया है। कंपनी का कहना है कि अब इंसानों की जगह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर भरोसा किया जाएगा।

50 % AI से बातचीत होती है

बिजनेस इनसाइडर की रिपोर्ट के मुताबिक,कंपनी के सीईओ मार्क बेनिऑफ ने हाल ही में एक पॉडकास्ट में खुलासा किया कि सबसे बड़ी चोट सपोर्ट डिवीजन पर पड़ी है। पहले जहां इस टीम में 9,000 कर्मचारी थे, अब यह घटकर 5,000 रह गए हैं, यानी सपोर्ट डिवीजन की 45% नौकरियां एक झटके में गायब हो गईं। बेनिऑफ ने इसे 'रीबैलेंसिंग ऑफ हेडकाउंट' कहा, लेकिन सच्चाई यह है कि इन नौकरियों को सीधे-सीधे एआई एजेंट्स ने रिप्लेस कर दिया है। कंपनी के CEO ने आगे कहा कि कस्टमर सर्विस से जुड़ी लगभग 50 फीसदी बातचीत AI के जरिए होती है। बाकी बातचीत कर्मचारियों (human workforce) के जरिए पूरी की जाती है।

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अचानक क्यों हुई कटौती?

सेल्सफोर्स के सीईओ मार्क बेनिऑफ़ ने अपने इस कदम के बारे में बताते हुए कहा कि पहले टीम में पर्याप्त लोग नहीं थे। ऐसे में अगर कोई ग्राहक पहले कॉल करते थे, तो कंपनी उनसे संपर्क नहीं कर पाती थी। अब ग्राहक सेवा में AI एजेंट की मदद से संपर्क करने वाले ग्राहकों को जवाब दिया जा रहा है।

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AI ने छीना रोजगार

कुछ समय पहले तक बेनिऑफ दावा करते थे कि एआई से बड़े पैमाने पर बेरोजगारी नहीं होगी, लेकिन अब उन्हीं की कंपनी ने सेल्स और कस्टमर सर्विस में एजेंटफोर्स जैसे एआई टूल उतार दिए हैं, जो ऑटोमेटेड समाधान देकर पेंडिंग टास्क तेजी से निपटा रहे हैं। नतीजा यह रहा कि इंसानों की जरूरत घट गई और हजारों लोग बेरोजगार हो गए।

छंटनी के मामले में अकेले नहीं है सेल्सफोर्स

बता दें कि एआई का असर झेलने वाली सेल्सफोर्स अकेली कंपनी नहीं है। माइक्रोसॉफ्ट, गूगल, इंटेल, मेटा और टीसीएस जैसी दिग्गज कंपनियां भी 2025 में हजारों कर्मचारियों की छंटनी कर चुकी हैं। Layoffs.fyi की रिपोर्ट बताती है कि इस साल अब तक दुनियाभर में 80,000 से ज्यादा टेक कर्मचारी अपनी नौकरी गंवा चुके हैं।

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