दिवंगत उद्योगपति संजय कपूर की वसीयत को लेकर परिवार में शुरू हुआ विवाद हाई कोर्ट तक पहुंच गया है। एक ओर संजय कपूर की एक्स-वाइफ अभिनेत्री करिश्मा कपूर के बच्चे, जिन्होंने वसीयत की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए हैं, और दूसरी तरफ हैं संजय की पत्नी प्रिया कपूर का नाबालिग बेटा, जिसने इन दावों का खुलकर विरोध किया है। मामला गंभीर है और दोनों पक्ष अपनी-अपनी दलीलों के साथ कोर्ट में मौजूद हैं।
क्या है करिश्मा के बच्चों की याचिका?
करिश्मा कपूर के बच्चों ने दावा किया है कि उनके पिता संजय कपूर की कथित वसीयत संदिग्ध हालात में सामने आई है। उनका कहना है कि दस्तावेज को पूरी तरह पढ़कर नहीं सुनाया गया और कई बातों को छिपाया गया हो सकता है।
प्रिया कपूर के बेटे का विरोध
प्रिया कपूर के छह वर्षीय बेटे की ओर से पेश वरिष्ठ वकील अखिल सिब्बल ने न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की पीठ के समक्ष दलील दी कि करिश्मा के बच्चों की याचिका सिर्फ अनुमान और शक पर आधरित है। सिब्बल ने बताया कि संजय कपूर का निधन 12 जून को हुआ और वसीयत 30 जुलाई की बैठक में पेश कर दी गई थी। इसलिए वसीयत में देरी का आरोप सही नहीं है।
वसीयत की कॉपी मांगी ही नहीं: बचाव पक्ष का दावा
अखिल सिब्बल ने कहा कि 30 जुलाई की बैठक के बाद करिश्मा के बच्चों की ओर से वसीयत की कॉपी मांगने के लिए एक भी चिट्ठी नहीं भेजी गई। पहली बार 22 अगस्त को कॉपी की मांग का पत्र भेजा गया, लेकिन वह भी तब जब उन्होंने गोपनीयता समझौते (NDA) पर हस्ताक्षर करने से मना कर दिया था।
वसीयत में करिश्मा के बच्चों का नाम नहीं?
सिब्बल ने कोर्ट को बताया कि करिश्मा के बच्चे पहले से जानते थे कि उन्हें वसीयत में शामिल नहीं किया गया है, और इसी कारण अब वसीयत को चुनौती देना उनकी कानूनी रणनीति बन गई है चाहे दस्तावेज असली हो या नकली।
विदेशी संपत्ति को लेकर भी उठे सवाल
संजय कपूर की विदेश में मौजूद संपत्ति पर करिश्मा के बच्चों की ओर से कोई ठोस मामला नहीं बनाया गया है। बचाव पक्ष के अनुसार यह मामला विदेशी कानूनों के दायरे में आता है।
क्या कहता है प्रिया कपूर का पक्ष?
एक दिन पहले प्रिया कपूर ने कहा था कि पति द्वारा पत्नी को सम्पत्ति सौंपना भारतीय परिवारों में एक “सामान्य और स्वस्थ परंपरा” है। उन्होंने करिश्मा के बच्चों के दावों को खारिज किया और कहा कि वसीयत समय पर और नियम अनुसार पेश की गई।
अगली सुनवाई कब है?
दिल्ली हाई कोर्ट ने अब इस मामले की अगली सुनवाई अगले हफ्ते के लिए तय कर दी है। जहां दोनों पक्ष अपनी दलीलें आगे रखेंगे। वसीयत असली है या नहीं, इसका जवाब आखिरकार कोर्ट ही देगा।