
Indian Economy: भारत के पड़ोसी चीन की जीडीपी भले ही अभी भारत से अधिक हो, लेकिन कई आर्थिक संकेतकों में भारत अब उसके बराबर पहुंचने या उससे तेजी से नजदीक आने की स्थिति में है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) की एक रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2030 तक भारत ‘अपर-मिडिल इनकम’ श्रेणी में शामिल हो जाएगा। प्रति व्यक्ति आय के मामले में चीन और इंडोनेशिया की बराबरी कर लेगा। यह रिपोर्ट भारत की आय संरचना में एक बड़े और ऐतिहासिक बदलाव की ओर इशारा करती है।
रिपोर्ट यह भी कहा गया है कि भारत 2028 तक दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की राह पर है। यह अनुमान भारत की प्रति व्यक्ति सकल राष्ट्रीय आय (जीएनआई) में लगातार बढ़ोतरी और जीडीपी के विस्तार पर आधारित है। एसबीआई की रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत अगले 4 साल में यानी 2030 तक प्रति व्यक्ति आय 4000 डॉलर तक पहुंचने की राह पर है। इससे देश अपर-मिडिल-इनकम ग्रुप में शामिल हो जाएगा। यह भारत की इनकम प्रोफाइल में एक बड़ा बदलाव दिखाता है।
आजादी के बाद भारत को लो-इनकम से लोअर-मिडिल इनकम इकोनॉमी बनने में करीब 60 साल लग गए और यह मुकाम 2007 में हासिल हुआ। इस दौरान प्रति व्यक्ति औसत आय 1962 में जहां मात्र 90 डॉलर थी, वहीं 2007 तक यह बढ़कर 910 डॉलर हो गई, यानी सालाना औसतन 5.3 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। इसके बाद भारत की आर्थिक रफ्तार में तेजी आई। आजादी के बाद देश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने में लगभग छह दशक लगे, लेकिन 2014 तक भारत दो ट्रिलियन डॉलर, 2021 तक तीन ट्रिलियन डॉलर और फिर सिर्फ चार वर्षों में 2025 तक ब्रिटेन को पीछे छोड़ते हुए चार ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बन गया। इसके साथ ही भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनकर उभरा। मौजूदा अनुमानों के अनुसार, 2027 तक भारत की अर्थव्यवस्था 5 ट्रिलियन डॉलर के आंकड़े को भी छू सकती है।
विश्व बैंक देशों को उनकी प्रति व्यक्ति सकल राष्ट्रीय आय के आधार पर चार कैटेगरी में बांटता है। इनमें लो इनकम (निम्न आय), लोवर-मिडिल इनकम (निम्न-मध्यम आय), अपर-मिडिल इनकम (उच्च-मध्यम आय) और हाई इनकम (उच्च आय) शामिल हैं। साल 1990 में दुनियाभर में 218 देशों में से 51 देश निम्न आय वर्ग में थे, जबकि 2024 के ताजा वर्गीकरण के अनुसार यह संख्या घटकर 26 रह गई है। इसी तरह, हाई इनकम वाले देशों की संख्या 1990 में 39 थी जो 2024 में बढ़कर 87 हो गई है।
सरकार का लक्ष्य है कि 2047 तक भारत एक हाई-इनकम देश बने. इसके लिए प्रति व्यक्ति आय को करीब 13,936 डॉलर तक ले जाना होगा। SBI का मानना है कि अगर भारत 7.5% की औसत वार्षिक आर्थिक वृद्धि बनाए रखता है, तो यह लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। हालांकि, अगर हाई-इनकम की सीमा बढ़कर 18,000 डॉलर हो जाती है, तो देश को और तेज रफ्तार से विकास करना होगा। इसके लिए शिक्षा, रोजगार, उद्योग, निर्यात और संरचनात्मक सुधारों पर विशेष जोर देना जरूरी होगा।
अभी अमेरिका दुनिया की सबसे बड़ी और चीन दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। रिपोर्ट के मुताबिक भारत 2028 तक जर्मनी को पीछे छोड़कर तीसरे स्थान पर पहुंच जाएगा। 1990 में भारत दुनिया की 14वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था था, जबकि 2025 में यह चौथे स्थान पर आ चुका है।
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