SEBI Investor Survey 2025: भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) इन्वेस्टर सर्वे 2025 में एक बड़ा खुलासा हुआ है। इसमें भारत के सिक्योरिटीज़ मार्केट में जागरूकता और असल भागीदारी के बीच एक बड़ा गैप देखने को मिल रहा है। इस सर्व में कहा गया है कि 63 फीसदी भारतीय परिवार कम से कम एक सिक्योरिटीज़ मार्केट प्रोडक्ट के बारे में जानते हैं, वहीं सिर्फ़ 9.5 फीसदी परिवार ही इक्विटी, म्यूचुअल फंड, बॉन्ड या दूसरे मार्केट से जुड़े इंस्ट्रूमेंट्स में एक्टिव रूप से इन्वेस्ट करते हैं।
इसमें कहा गया है कि 37 फीसदी को इक्विटी, म्युचुअल फंड, बॉन्ड या डेरिवेटिव जैसे साधनों के बारे में कोई जानकारी नहीं है। हालांकि, 33.72 करोड़ परिवारों में से केवल 3.21 करोड़ परिवारों यानी 9.5 फीसदी ने ही प्रतिभूति बाजार उत्पादों में निवेश किया है। सेबी के निष्कर्ष वित्तीय पहुंच और पूंजी बाजारों में सार्थक भागीदारी के बीच लगातार अंतर को उजागर करते हैं।
शहरी और ग्रामीण इलाकों में बड़ा अंतर
सर्वे में शहरी और ग्रामीण इलाकों के बीच भी बड़ा अंतर देखने को मिल रहा है। शहरी परिवारों में 74 फीसदी जागरूकता दर्ज की गई जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में यह आंकड़ा 56 फीसदी था, जो वित्तीय साक्षरता के असमान प्रसार को दर्शाता है। भारत के नौ प्रमुख महानगरों में जागरूकता का स्तर बढ़कर 89 फीसदी हो गया, जो बाजार में बेहतर पैठ और वित्तीय मध्यस्थों तक आसान पहुंच को दर्शाता है।
किस उम्र के लोगो में कितनी है जागरूकता?
विभिन्न आयु समूहों में जेन जेड (66 फीसदी) और मिलेनियल्स (62 फीसदी) ने जेन एक्स और उससे अधिक उम्र के लोगों की तुलना में अधिक जागरूकता देखने को मिली। हालांकि, लैंगिक अंतर अभी भी बना हुआ है, जहां 66 फीसदी पुरुष प्रतिभूति उत्पादों के बारे में जागरूक हैं जबकि महिलाओं का फीसदी 58 है। जो दर्शाता है कि व्यापक डिजिटल पहुंच के बावजूद वित्तीय भागीदारी असमान बनी हुई है।