बेटियों के नाम की सुकन्या योजना को 11 साल पूरे, करोड़ों परिवारों की पहली पसंद, निवेश और उम्र की डिटेल जानें

देश की बेटियों के भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए शुरू की गई सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) अब 11 साल की हो चुकी है। बता दें कि 22 जनवरी, 2015 को ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान के तहत यह लॉन्च हुई थी।

Ashutosh Kumar
पब्लिश्ड26 Jan 2026, 09:53 AM IST
सुकन्या समृद्धि योजना
सुकन्या समृद्धि योजना

देश की बेटियों के भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए शुरू की गई सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) अब 11 साल की हो चुकी है। बता दें कि 22 जनवरी, 2015 को ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान के तहत लॉन्च हुई यह योजना अब सिर्फ एक बचत स्कीम नहीं, बल्कि करोड़ों परिवारों के भरोसे और उम्मीद का नाम बन गई है। इसका मकसद शुरू से साफ था कि परिवारों को बेटियों की पढ़ाई, स्वास्थ्य और आत्मनिर्भरता के लिए समय रहते आर्थिक योजना बनाने के लिए प्रेरित करना। बीते 11 सालों में यह योजना शहरों से लेकर गांवों तक लोगों की सोच बदलने में सफल रही है और बेटियों के नाम पर बचत को एक आदत बना चुकी है।

लगातार बढ़ रहा लोगों का भरोसा

इस स्कीम पर लोगों का भरोसा लगातार बढ़ा है। अब तक इसके तहत देशभर में 4.53 करोड़ से ज्यादा खाते खोले जा चुके हैं। यह साफ दिखाता है कि माता-पिता अब बेटियों के भविष्य को लेकर पहले से कहीं ज्यादा सजग और जिम्मेदार हो गए हैं। दिसंबर 2025 तक इस योजना में कुल जमा राशि 3.33 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा पहुंच चुकी है, जो इसकी जबरदस्त लोकप्रियता का सबूत है।

कौन कर सकता है निवेश?

सुकन्या समृद्धि योजना में निवेश बेटी के माता-पिता या उसके कानूनी अभिभावक कर सकते हैं। खाता बेटी के नाम पर खोला जाता है, लेकिन 18 साल की उम्र तक इसे माता-पिता या अभिभावक ही संचालित करते हैं। 18 साल के बाद बेटी खुद अपना खाता संभाल सकती है।

उम्र सीमा क्या है?

इस योजना के तहत खाता बेटी के जन्म से लेकर 10 साल की उम्र तक खोला जा सकता है। एक बेटी के नाम पर सिर्फ एक ही सुकन्या खाता खुलता है। एक परिवार में अधिकतम दो बेटियों के लिए खाते खोलने की अनुमति है, जबकि जुड़वां या तीन बेटियों के मामले में नियमों में छूट दी जाती है।

निवेश की लिमिट कितनी है?

सुकन्या समृद्धि योजना में सालाना न्यूनतम 250 रुपए और अधिकतम 1.5 लाख रुपए तक जमा किए जा सकते हैं। खाता खुलने की तारीख से 15 साल तक निवेश करना होता है। फिलहाल इस योजना पर 8.2 प्रतिशत सालाना ब्याज मिल रहा है, जो हर साल खाते में जोड़ दिया जाता है और रकम लगातार बढ़ती रहती है।

क्या हैं मैच्योरिटी और निकासी के नियम?

सुकन्या खाता 21 साल में परिपक्व होता है। बेटी के 18 साल पूरे होने या 10वीं पास करने के बाद पढ़ाई के लिए जमा राशि का 50 प्रतिशत तक निकाला जा सकता है। शादी (18 साल के बाद) या विशेष परिस्थितियों में ही खाता समय से पहले बंद किया जा सकता है। यह योजना बेटियों के भविष्य को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने का भरोसेमंद जरिया मानी जाती है।

क्या-क्या डॉक्यूमेंट चाहिए?

सुकन्या खाता खोलने के लिए खाता खोलने का फॉर्म, बेटी का जन्म प्रमाण पत्र, आधार नंबर और पैन कार्ड या फिर फॉर्म-60 जरूरी होता है।

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