AI जनरेटेड रिज्यूमे कंपनियों के लिए बने सिरदर्द, 74% कंपनियां टैलेंट के लिए परेशान, LinkedIn की रिपोर्ट में बड़ा खुलासा

LinkedIn: भारत की 74 फीसदी कंपनियां प्रतिभाशाली कर्मचारियों की कमी से जूझ रही हैं। इसका खुलासा लिंक्डइन की रिपोर्ट में हुआ है। इस रिपोर्ट के मुताबिक, भारत जॉब हायरिंग कोरोना महामारी से पहले के लेवल से काफी ऊपर हैं। कंपनियों के लिए AI जेनरेटेड रिज्यूमे सिरदर्द बनते जा रहे हैं।

Jitendra Singh
अपडेटेड4 Feb 2026, 02:31 PM IST
LinkedIn: कंपनियों को प्रोफेशनल लोग नहीं मिल पा रहे हैं।
LinkedIn: कंपनियों को प्रोफेशनल लोग नहीं मिल पा रहे हैं। (Livemint)

LinkedIn: भारत की बड़ी-बड़ी कंपनियां टैलेंट की मार जूझ रही हैं। भारत का हायरिंग मार्केट तेज़ी से बढ़ रहा है, लेकिन सही टैलेंट ढूंढना मुश्किल होता जा रहा है। लिंक्डइन (LinkedIn) की एक नई रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 74 फीसदी रिक्रूटर को अब क्वालिफाइड कैंडिडेट ढूंढने में दिक्कत हो रही है, जबकि हायरिंग एक्टिविटी महामारी से पहले के लेवल से 40 फीसदी ज्यादा है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि कंपनियों को सबसे ज्यादा मात्रा और गुणवत्ता में असंतुलन का सामना करना पड़ रहा है।

लिंक्डइन की रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में ज्यादातर कंपनियों के लिए AI से बने रिज्यूमे सिरदर्द बन गए हैं। बिजनेस स्टैंडर्ड में छपी खबर के मुताबिक, कंपनियों का कहना है कि नौकरी लायक लोगों को ढूंढ़ना मुश्किल हो गया है, उनमें आधे से अधिक का मानना है कि उनके पास अब एआई से तैयार बायोडेटा अधिक (53 फीसदी) आ रहे हैं। वहीं अन्य कंपनियों का यह भी कहना है कि मांग के अनुसार कौशल में कमी 47 फीसदी पर बनी हुई है।

अच्छे लोगों को छांटना बड़ा काम है

बाजार में काम करने वाले लोगों की भीड़ तेजी से बढ़ी है। स्टडी में शामिल 48 फीसदी कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि बड़े पैमैने पर रिज्यूमे आते हैं। इनमें वास्तविक एप्लीकेशन छंटनी करने का काम आसान नहीं रह गया है। इससे उनकी भर्ती प्रक्रिया पर असर पड़ता है। इसका नतीजा यह हुआ कि लेबर मार्केट ज्यादा भीड़ वाला और कॉम्पिटिटिव हो गया है।

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लिंक्डइन प्लेटफॉर्म डेटा से पता चलता है कि भारत में 2022 से हर ओपन रोल के लिए अप्लाई करने वालों की संख्या दोगुनी से ज़्यादा हो गई है। इसके अलावा, जबकि 72 फीसदी प्रोफेशनल्स कहते हैं कि वे 2026 में एक्टिव रूप से नौकरी ढूंढ रहे हैं, 85 फीसदी मानते हैं कि वे इस प्रोसेस को समझने के लिए तैयार नहीं हैं।

AI के जरिए टैलेंटेड लोगों की खोज

नौकरी बाजार के इन दबावों के बीच कंपनियां अब योग्य उम्मीदवार तलाशने में भी एआई की मदद लेने लगी हैं। हालांकि कुछ लोग पहले से ही इसका उपयोग कर रहे हैं, उनमें से 71 फीसदी का कहना है कि एआई ने उन्हें उन कौशल वाले उम्मीदवारों को खोजने में मदद की है, जिन्हें वे पहले नहीं ढूंढ पा रहे थे, जबकि 80 फीसदी का कहना है कि इससे उम्मीदवार के कौशल का गहराई से पता लगाना आसान हो गया है। तीन-चौथाई से अधिक (76 फीसदी) कंपनियों कहना है कि एआई पहले से ही भर्ती प्रक्रिया को गति दे रहा है।

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भविष्य में AI पर जोर

रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 80 फीसदी कंपनियां इस साल स्क्रीनिंग, कैंडिडेट रिव्यू और टैलेंट सर्च जैसे कामों में AI का इस्तेमाल और बढ़ाने की योजना बना रहे हैं। LinkedIn भारत में AI-आधारित सैलरी और नोटिस पीरियड फिल्टर, तेज शॉर्टलिस्टिंग टूल्स और छोटे व्यवसायों के लिए नए समाधान भी पेश कर रहा है।

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