Tech layoffs 2025: दुनिया भर की टेक कंपनियां छंटनी के दौर से गुजर रही है। इसमें एमेजॉन, माइक्रोसॉफ्ट, मेटा और ओरेकल जैसी बड़ी कंपनियां हजारों कर्मचारियों की छंटनी कर रही हैं। इस छंटनी की लहर में इस साल अब तक 176 कंपनियों ने 80,000 से ज्यादा टेक कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया है। इसकी मुख्य वजह एडवांस्ड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (LLM) मॉडल्स का बढ़ता प्रभाव है। कंपनियां उन सभी पदों को खत्म कर रही हैं, जहां AI के जरिए काम किया जा सकता है।
हाल ही में ओरेकल (Oracle) और सेल्सफोर्स (Salesforce) ने भी नौकरी में कटौती का ऐलान किया है। फाइनेंशियल एक्सप्रेस में छपी खबर के मुताबिक, ओरेकल ने कहा कि Redwood City, Pleasanton और Santa Clara में 250 से ज्यादा पद खत्म किए जाएंगे। इसके अलावा Seattle में भी 101 कर्मचारियों को निकाला जाएगा। इधर सेल्सफोर्स भी अपने कर्मचारी कम करने की तैयारी में जुटा हुआ है। इसमें San Francisco में 260 से अधिक पद और Seattle क्षेत्र में लगभग 100 पद कम करने की तैयारी की है। ये कटौतियां 3 नवंबर से लागू हो जाएंगी।
रिपोर्ट के मुताबिक, माइक्रोसॉफ्ट ने कथित तौर पर इस साल 15,000 से ज़्यादा कर्मचारियों की छंटनी की है, जबकि मेटा ने 3,600 से ज़्यादा पदों में कटौती का ऐलान किया है। ओरेकल ने भी अपने क्लाउड विभाग में बड़ी संख्या में कर्मचारियों की छंटनी शुरू कर दी है। इसकी वजह ये है कि वह एआई इन्फ्रास्ट्रक्चर में निवेश बढ़ा रहा है।
AI से बढ़ा नौकरियों में खतरा
इन नई कटौतियों का मुख्य कारण है संरचना में बदलाव और दक्षता बढ़ाना है। सेल्सफोर्स के मामले में यह कटौती सीधे AI प्लेटफॉर्म Agentforce से जुड़ी हुई है। कंपनी ने बताया कि इसके नए AI प्लेटफॉर्म को पिछले साल लागू किया गया था। यह ग्राहक सहायता (customer support) के कई मामलों को संभाल रहा है। ऑटोमेशन (Automation) की मदद से लाखों मामलों का समाधान होने के कारण सेल्सफोर्स का कहना है कि अब इस विभाग में इतने इंजीनियरों की जरूरत नहीं है।
गूगल ने भी चलाई छंटनी की तलवार
Google ने भी कटौती जारी रखी है। कई राउंड की छंटनी और स्वैच्छिक निकासी (voluntary exit programmes) के जरिए Search, Ads, Engineering और Marketing टीमों पर असर पड़ा है। इसकी वजह ये है कि कंपनी अब AI-फर्स्ट इनिशिएटिव पर फोकस कर रही है। बड़ी टेक कंपनियों के साथ ही साइबर सुरक्षा कंपनी CrowdStrike ने लागत कम करने के लिए करीब 500 पदों को खत्म कर दिया है।