अमेरिका के मशहूर रिटेल स्टोर वॉलमार्ट का एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर खूब चर्चा में है। इसे इंस्टाग्राम यूजर मर्सिडीज चैंडलर ने शेयर किया है। यूजर ने वीडियो में दावा किया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नई टैरिफ पॉलिसी के चलते कपड़ों और अन्य सामान के दाम अचानक बढ़ गए हैं। यूजर की मानें तो 1 अगस्त 2025 से लागू हुए इन टैरिफ का असर अब सीधे ग्राहकों की जेब पर दिख रहा है।
इंस्टाग्राम वीडियो में दिखा ट्रंप टैरिफ का असर
चैंडलर इस वीडियो में वॉलमार्ट के कपड़ों के सेक्शन में घूमते हुए पुराने और नए दामों की तुलना करती दिखती हैं। कई कपड़ों के पुराने प्राइस टैग फाड़ दिए गए हैं और उनकी जगह बढ़े हुए दाम वाले नए टैग लगा दिए गए हैं। उदाहरण के तौर पर, बच्चों के कपड़ों की कीमत 6.98 डॉलर से बढ़कर 10.98 डॉलर हो गई, जबकि एक बैकपैक का दाम 19.97 डॉलर से बढ़ाकर 24.97 डॉलर कर दिया गया।
वीडियो पर कॉमेंट्स से झलक रही अमेरिकियों की नाराजगी
वीडियो के कमेंट सेक्शन में लोगों ने तरह-तरह के रिएक्शन दिए। किसी ने नाराजगी जताई, तो किसी ने तंज कसा, 'क्या अब हम ग्रेट हो गए हैं?' वहीं, एक वॉलमार्ट कर्मचारी ने खुलासा किया कि उन्हें प्राइस टैग बदलने का निर्देश मिला था। उसने कहा कि वो लोगों को महंगाई का अहसास करवाना चाहता था इसलिए उसने जानबूझकर कुछ पुराने टैग छोड़ दिए ताकि लोग कीमतों में आ रहे फर्क देख सकें। एक यूजर ने लिखा कि भारत से आने वाले कपड़ों पर अब 50% टैरिफ लगने से अमेरिकी ग्राहक महंगाई झेलने को मजबूर हैं।
ट्रंप ने भारत के सामानों पर लगाया 50% टैरिफ
व्हाइट हाउस में वापसी के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने आयातित सामान पर फिर से भारी टैरिफ लगाना शुरू किया। उनका तर्क है कि इससे विदेशी सामान महंगा होगा और अमेरिकी निर्माताओं को बढ़त मिलेगी। पिछले कुछ हफ्तों में भारत से आने वाले सभी सामान पर कुल 50% टैरिफ लगा दिया गया है, जबकि चीन से आने वाले सामान पर 30% टैरिफ है। भारत के लिए यह झटका बड़ा है क्योंकि 2023-24 में अमेरिका को भारत के टेक्सटाइल निर्यात 35.87 अरब डॉलर रहे थे, जिनमें रेडीमेड गारमेंट्स की हिस्सेदारी 41% थी।
अमेरिकी जेब और भारतीय बाजार पर सीधा असर
बढ़े हुए टैरिफ का असर सिर्फ कीमतों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह लोगों की खरीदारी की आदतों को भी बदल सकता है। अमेरिकी ग्राहक अब या तो सस्ते विकल्प तलाशेंगे, या फिर कपड़े और अन्य आयातित सामान कम खरीदेंगे। दूसरी तरफ, भारत के निर्यातकों के लिए यह स्थिति चुनौतीपूर्ण है क्योंकि अमेरिकी बाजार उनका सबसे बड़ा ग्राहक है। अगर महंगे दामों के चलते ऑर्डर कम होते हैं, तो इंडियन टेक्सटाइल इंडस्ट्री में रोजगार और उत्पादन दोनों प्रभावित हो सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर टैरिफ लंबे समय तक बने रहे, तो यह न केवल व्यापारिक रिश्तों में तनाव बढ़ाएगा, बल्कि दोनों देशों की अर्थव्यवस्था में भी हलचल मचा देगा।