UP Economic Surve: उत्तर प्रदेश विधानमंडल का बजट सत्र सोमवार से शुरू हो गया। सत्र के पहले दिन की शुरुआत राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के अभिभाषण से हुई। इसके बाद विधानसभा में आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट पेश की गई। इसके बाद सदन की कार्यवाही मंगलवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया। वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बजट सत्र में आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया। इसमें उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश का राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में स्थान अब करीब 9 प्रतिशत से ज्यादा हो गया जो कि 2016-17 में लगभग आठ प्रतिशत था।
चालू वित्त वर्ष में उत्तर प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय 1.20 लाख रुपये प्रति व्यक्ति होने की संभावना है। इससे पहले बजट सत्र के आरंभ से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मीडिया से बातचीत की और सरकार का एजेंडा सामने रखा। उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश के विकास, सुशासन और जनकल्याण के मुद्दों को प्राथमिकता के साथ सदन में रखेगी। मुख्यमंत्री ने विपक्ष से रचनात्मक सहयोग की अपील भी की। वहीं सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ही पूरी तैयारी के साथ सत्र में पहुंचे।
जीएसडीपी में योगदान
वर्ष 2017-18 में कृषि क्षेत्र का योगदान 24 प्रतिशत था, जो 2024-25 में बढ़कर 24.9 प्रतिशत हो गया है। यूपी 737.4 लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न उत्पादन के साथ देश का अग्रणी राज्य है। कुल खाद्यान्न उत्पादन में देश में यूपी का योगदान 18.1% से बढ़कर 20.6% हो गया है। फसलों का प्रति हेक्टेयर सकल मूल्यवर्धन (GVA) में 2017-18 के ₹0.98 लाख से बढ़कर ₹1.73 लाख हो गया है। तिलहन के क्षेत्रफल में लगभग 165 प्रतिशत की भारी वृद्धि दर्ज की गई है। आंकड़े गवाह हैं कि उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था में कृषि और संबद्ध क्षेत्रों की हिस्सेदारी तेजी से बढ़ रही है।
स्वास्थ्य के लिए आवंटित किया गया 46,728.48 करोड़ का बजट
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने पटल पर आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए कुल 46,728.48 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान किया गया। यह अब तक का सर्वाधिक आवंटन है, जिससे यह साफ है कि प्रदेश सरकार ने चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। बजट में अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों, चिकित्सा शिक्षा संस्थानों, स्वास्थ्य अवसंरचना और जनकल्याणकारी स्वास्थ्य कार्यक्रमों के लिए पर्याप्त धनराशि सुनिश्चित की गई।
आधी आबादी का पूरा योगदान
आर्थिक सर्वेक्षण के एक महत्वपूर्ण तथ्य के अनुसार, प्रदेश में कार्यरत 5 में से 4 महिलाएं कृषि क्षेत्र में कार्यरत हैं। कुल कार्यरत महिलाओं का 78.8 प्रतिशत हिस्सा कृषि और पशुपालन के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती दे रहा है।
कब तक चलेगा बजट सत्र
यह बजट सत्र 9 फरवरी से 20 फरवरी तक चलेगा। सरकार की ओर से जहां विकास कार्यों और उपलब्धियों को प्रमुखता से रखा जाएगा, वहीं विपक्षी दल एसआईआर, प्रदेश की कानून-व्यवस्था और अमेरिका-भारत ट्रेड डील जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति बनाए हुए हैं। सत्र के दौरान 11 फरवरी को वित्त मंत्री सुरेश खन्ना विधानसभा में वर्ष 2026-27 का बजट पेश करेंगे। विपक्ष ने भी बजट और नीतिगत मुद्दों पर सरकार से कड़े सवाल पूछने की तैयारी कर ली है।