US India Trade Deal: भारतीय सामानों पर भारी अमेरिकी टैरिफ ने दोनों देशों के रिश्तों में तनाव को बढ़ा दिया है, लेकिन पिछले कुछ दिनों से एक बार फिर यह मुद्दा जल्द सुलझने के संकेत मिल रहे हैं। इसी बीच, देश के चीफ इकोनॉमी एडवाइजर (CEA) वी अनंत नागेश्वरन ने टैरिफ विवाद को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा अगले 8 से 10 सप्ताहों में सुलझने की उम्मीद है। बता दें कि 27 अगस्त को अमेरिका ने भारत के रूस से तेल खरीदने की वजह 25 प्रतिशत का अतिरिक्त टैरिफ लगाया था, जिसके बाद भारतीय सामानों पर कुल टैरिफ 50 प्रतिशत हो गया है।
टैक्स जारी रहने पर नियार्त में आ सकती रुकावट
मुख्य आर्थिक सलाहकार नागेश्वरन ने उद्योग मंडल की ओर से आयोजित एक कार्यक्रम में कहा, 'पर्दे के पीछे दोनों सरकारों के बीच ट्रेड डील को लेकर बातचीत जारी है। मेरा अनुमान है कि भारतीय सामानों पर अमेरिका की ओर से लगाए गए टैक्स का अगले आठ से दस सप्ताह में समाधान निकल आएगा।' हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि शुल्क जारी रहने की स्थिति में अमेरिका को भारतीय सामानों के निर्यात में गिरावट आ सकती है।
जीडीपी पर कही ये बात
नागेश्वरन ने अपने बयान में आगे कहा कि भारत एक निम्न-मध्य आय वाली आकांक्षी अर्थव्यवस्था है। चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद (GDP) 7.8 प्रतिशत की दर से बढ़ी। कोरोना महामारी के बाद भारत ने कई देशों की तुलना में तेज वृद्धि दर्ज की है। उन्होंने कहा कि मैन्युफैक्चरिंग, सर्विस और एग्री सेक्टर में ग्रोथ के साथ ग्रामीण मांग में मजबूती और शहरी मांग में सुधार अगले दो सालों में आर्थिक वृद्धि को आधार देंगे।
GST रिफॉर्म्स का भी जिक्र
इस दौरान उन्होंने GST.20 का जिक्र करते हुए कहा कि जीएसटी दरों में दी गई राहत से उपभोक्ताओं के हाथ में अधिक पैसे आएंगे। MSME सेक्टर को लोन में बढ़ोतरी हुई है और बड़ी इंडस्ट्रीयल यूनिट्स को कर्ज वितरण संरचनात्मक बदलाव आ रहा है। उन्होंने बताया कि मौजूदा वित्त वर्ष की पहली तिमाही में चालू खाते का घाटा जीडीपी का 0.2 प्रतिशत रह गया और विदेशी मुद्रा भंडार भी स्वस्थ है।