
US Government Shutdown Update: अमेरिका में 1 अक्टूबर से शटडाउन की शुरुआत हुई थी। अब यह जल्द ही खत्म होने के कगार पर पहुंचता हुआ नजर आ रहा है। यह अमेरिका के इतिहास का सबसे लंबा शटडाउन है। इससे पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पहले कार्यकाल में 35 दिनों तक सरकारी कामकाज ठप रहा था। शटडाउन खत्म होने के पक्ष में ज्यादातर नेता आ चुके हैं। अमेरिकी मीडिया के मुताबिक, कम से कम आठ सीनेट डेमोक्रेट्स के एक ग्रुप और सीनेट GOP नेताओं और व्हाइट हाउस के बीच शटडाउन को फिर से खोलने के लिए एक डील हो गई है। इसके बदले में, भविष्य में एन्हांस्ड अफोर्डेबल केयर सब्सिडी को बढ़ाने पर वोटिंग होगी।
डेमोक्रेट्स ओबामाकेयर के तहत मिलने वाली सब्सिडी को बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। वहीं रिपब्लिकन इस मांग से सहमत नहीं हैं। आज डेमोक्रेट्स की मांग से जुड़ा एक प्रस्ताव सीनेट में पेश किया जाएगा, जिस पर वोटिंग के बाद फैसला होगा कि शटडाउन खत्म होगा या नहीं। बता दें कि डेमोक्रेट और रिपब्लिकन सीनेटरों के एक ग्रुप (Bipartisan) ने सरकार को 30 जनवरी तक फंडिंग देने पर सहमति बनाई है। अगर यह प्रस्ताव सीनेट में पास हो जाता है, तो कई सरकारी विभागों में काम दोबारा शुरू हो जाएगा और हजारों कर्मचारियों को राहत मिलेगी।
चक शूमर (डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता और सीनेटर) के नेतृत्व में डेमोक्रेट्स ने एक प्रस्ताव दिया था, जिसमें ‘अफोर्डेबल केयर एक्ट’ (ओबामाकेयर) एक्ट’ (ओबामाकेयर) की सब्सिडी को कम से कम एक साल तक के लिए बढ़ाने की बात थी। शुरुआत में रिपब्लिकन पार्टी के सदस्यों और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस प्रस्ताव पर विचार करने से इनकार कर दिया था, लेकिन अब संकेत मिल रहे हैं कि रिपब्लिकन एक फाइनेंशियल पैकेज पर काम कर रहे हैं, जो कुछ विभागों (जैसे वेटरन्स, फूड एड) के लिए पूरे साल का फंडिंग सुनिश्चित करेगा और गर्वनमेंट शटडाउन को खत्म करने में मदद करेगा।
डील के तहत कुछ अहम विभागों को पूरा सालभर के लिए फंडिंग मिल जाएगी, जिनमें कृषि विभाग, अमेरिकी फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन, वेटरन्स अफेयर्स विभाग और सैन्य निर्माण प्रोजेक्ट्स शामिल हैं। इसके साथ ही अमेरिकी कांग्रेस के संचालन की लागत भी इस फंडिंग में कवर होगी। वहीं, सरकार के बाकी सभी विभागों और एजेंसियों को 30 जनवरी तक अस्थायी फंडिंग मुहैया कराई जाएगी, ताकि उनका काम बिना रुकावट जारी रहे।
अमेरिका का फिस्कल ईयर यानी खर्च का साल 1 अक्टूबर से शुरू होता है। यह एक तरह से सरकार का आर्थिक साल होता है, जिसमें वह अपना पैसा खर्च करने और बजट बनाने की योजना बनाती है। कांग्रेस को 30 सितंबर तक 12 एप्रोप्रिएशन बिल पास करने होते हैं, जो सरकार को पूरा साल चलाने के लिए पैसे देते हैं। इस दौरान सरकार तय करती है कि कहां पैसा लगाना है, जैसे सेना, स्वास्थ्य या शिक्षा में कहां कितना खर्च होगा। अगर इस तारीख तक नया बजट पास नहीं होता तो प्रेसिडेंट साइन नहीं करते। इससे सरकारी कामकाज (नॉन-एसेंशियल) बंद हो जाते हैं। इसे शटडाउन कहते हैं। अमेरिकी खजाने में पैसे तो होते हैं, लेकिन खर्च करने की लीगल परमिशन नहीं मिलती है।
शटडाउन तब लागू होता है, जब अमेरिकी संसद सरकारी विभागों को चलाने के लिए समय पर बजट या फंडिंग का बिल पारित करने में फेल हो जाती है। यही कारण है कि अमेरिका में 1 अक्टूबर को पेश किया जाने वाला रेगुलर बजट पास नहीं हो पाया। अमेरिकी कानून के अनुसार फंडिंग रुक जाने पर सरकारी कामकाज की गति धीमी हो जाती है। अमेरिका में जारी शटडाउन का भी यही कारण है। फंड की कमी की वजह से सरकारी कामकाज ठप पड़ चुका है। इसका मुख्य कारण स्वास्थ्य बीमा यानी ओबामा केयर फंडिंग से जुड़ा है।
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