Trump tariff: अमेरिका में ट्रंप को बड़ा झटका! सुप्रीम कोर्ट ने टैरिफ पर लगाई रोक, अब भारत को कितना देना होगा शुल्क

Trump global tariffs: अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप द्वारा लगाए गए व्यापक टैरिफ को अवैध ठहराया है। इसके बाद ट्रंप ने नया अस्थायी 10% टैरिफ लागू करने की घोषणा की। भारत समेत कई देशों के लिए दरों को लेकर स्थिति जटिल बनी हुई है और अंतिम स्पष्टता अभी बाकी है।

Priya Shandilya
अपडेटेड21 Feb 2026, 11:10 AM IST
अमेरिका में ट्रंप को बड़ा झटका, US सुप्रीम कोर्ट ने टैरिफ रोका
अमेरिका में ट्रंप को बड़ा झटका, US सुप्रीम कोर्ट ने टैरिफ रोका(Reuters)

दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में एक ऐसा फैसला आया है, जिसका असर सिर्फ अमेरिका तक सीमित नहीं रहेगा। 20 फरवरी को अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लगाए गए व्यापक टैरिफ को अवैध ठहरा दिया। यह फैसला ऐसे समय आया है जब अमेरिका में इसी साल मिड-टर्म चुनाव होने हैं। जाहिर है, इस निर्णय ने अमेरिकी राजनीति और वैश्विक व्यापार दोनों में हलचल मचा दी है।

US सुप्रीम कोर्ट का टैरिफ पर बड़ा फैसला

सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 के बहुमत से कहा कि ट्रंप प्रशासन ने इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (IEEPA) 1977 के तहत अपने अधिकारों से ज्यादा कदम उठाया। यह कानून आमतौर पर राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े खतरों के लिए इस्तेमाल होता है, लेकिन फरवरी 2025 से जिस तरह से व्यापक टैरिफ लगाए गए, उसे अदालत ने कानूनी सीमा से बाहर माना। यानी कोर्ट के मुताबिक, आपातकालीन कानून का इस्तेमाल इस तरह से व्यापारिक टैरिफ थोपने के लिए नहीं किया जा सकता।

ट्रंप ने कोर्ट के फैसले पर जताई नाराजगी

ANI की रिपोर्ट के मुताबिक डोनाल्ड ट्रंप ने इस फैसले को गलत फैसला बताया है और तुरंत ऐलान किया कि वह ट्रेड एक्ट 1974 के सेक्शन 122 के तहत 10% का ग्लोबल टैरिफ लागू करेंगे। यह प्रावधान 150 दिनों तक अधिकतम 15% तक का अस्थायी इम्पोर्ट सरचार्ज लगाने की अनुमति देता है, ताकि बैलेंस-ऑफ-पेमेंट घाटे को संभाला जा सके।

व्हाइट हाउस के फैक्ट शीट के मुताबिक यह अस्थायी ड्यूटी 24 फरवरी को रात 12:01 बजे से लागू होगी। हालांकि ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट कहती है कि यह सिर्फ 150 दिनों के लिए है और आगे बढ़ाने के लिए कांग्रेस की मंजूरी जरूरी होगी।

कौन से टैरिफ अभी भी लागू रहेंगे?

ट्रंप ने साफ किया कि सेक्शन 232 (नेशनल सिक्योरिटी) और सेक्शन 301 (अनफेयर ट्रेड प्रैक्टिसेज) के तहत लगाए गए टैरिफ पूरी तरह प्रभाव में रहेंगे। ये IEEPA वाले फैसले से प्रभावित नहीं हुए हैं। हालांकि सेक्शन 301 के तहत टैरिफ लगाने के लिए देश-विशेष जांच जरूरी होती है, जिसमें यह साबित करना पड़ता है कि संबंधित देश ने व्यापार समझौते का उल्लंघन किया है या अमेरिकी व्यापार को नुकसान पहुंचाया है।

क्या अब भारत पर लगेगा जीरो टैरिफ?

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद सवाल उठा कि क्या भारत पर अब 0% टैरिफ लागू होगा। ट्रंप के अनुसार 'कोई बदलाव नहीं' है। पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप ने कहा कि भारत के साथ व्यापार समझौता जारी है और भारत टैरिफ देता रहेगा, जबकि अमेरिका नहीं देगा। व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने ANI को बताया कि भारत 10% टैरिफ देगा, जब तक कोई दूसरा कानूनी प्रावधान लागू नहीं होता।

पिछले साल ट्रंप ने भारत पर कुल 50% टैरिफ लगाया था, जिसमें 25% रेसिप्रोकल और 25% रूस से तेल खरीदने पर 'पनिशमेंट ड्यूटी' शामिल थी। बाद में इसे घटाकर 18% कर दिया गया, जब रूस से जुड़े शुल्क हटाए गए और एक अंतरिम व्यापार ढांचा सामने आया।

कोर्ट के फैसले के बाद भारत पर कितना लगेगा टैरिफ?

अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले के मुताबिक IEEPA के तहत लगाए गए रेसिप्रोकल टैरिफ शून्य हो सकते हैं। लेकिन व्हाइट हाउस के बयान और मौजूदा समझौते को देखते हुए भारत 18% की दर से ड्यूटी देता रहेगा, जब तक नई स्पष्टता नहीं आती।

क्या दोबारा होगी बातचीत?

अमेरिकी बैंक जेपी मॉर्गन का मानना है कि अब भारत जैसे देशों के लिए स्थिति पर दोबारा सोचने का वक्त आ सकता है। बैंक ने कहा है कि अब तक जो कई ट्रेड डील्स हुई हैं, वे IEEPA के तहत लगाए गए टैरिफ पर आधारित थीं और उन्हें औपचारिक व्यापार समझौते का रूप नहीं दिया गया था। अब जब अदालत ने इन टैरिफ की कानूनी वैधता पर सवाल खड़े कर दिए हैं, तो ऐसे समझौतों का भविष्य अनिश्चित हो गया है। जेपी मॉर्गन के मुताबिक, इन डील्स को फिर से बातचीत के जरिए नए सिरे से तय करना पड़ सकता है।

टैरिफ राहत पर एक्सपर्ट ने क्या कहा

रूबिक्स डेटा साइंसेज के फाउंडर और वायना के प्रेसिडेंट कौशल संपत ने US टैरिफ पर कहा, "अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले ने टैरिफ नीति की कानूनी बुनियाद को फिर से तय कर दिया है। लेकिन तुरंत 10% का नया शुल्क लागू किए जाने से यह साफ हो जाता है कि टैरिफ अब भी अमेरिका की व्यापार रणनीति का अहम हिस्सा हैं।" उनका कहना है कि भारत के लिए यह बड़ी टैरिफ बढ़ोतरी से राहत जरूर है, लेकिन साथ ही यह भी संकेत है कि भारतीय निर्यातकों को नीतिगत बदलावों से पैदा होने वाले लागत दबाव के लिए तैयार रहना होगा।

किस देश पर कितना टैरिफ?

CNBC की रिपोर्ट के अनुसार जिन देशों के साथ अमेरिका के पहले से व्यापार समझौते हैं, उन्हें नए कार्यकारी आदेश के तहत 10% टैरिफ दर पर लाया जाएगा। इसमें भारत (पहले 18%), वियतनाम (20%), यूरोपीय संघ, जापान, लिकटेंस्टाइन, स्विट्जरलैंड और दक्षिण कोरिया (15%) शामिल हैं। यूनाइटेड किंगडम पहले से ही 10% पर है।

हालांकि एल्युमिनियम और स्टील निर्यात पर सेक्टर-विशेष टैरिफ अलग से लागू रहेंगे। साथ ही कम मूल्य के शिपमेंट पर ड्यूटी-फ्री “de minimis” छूट को भी अस्थायी रूप से निलंबित रखा गया है।

Get Latest real-time updates

Catch all the Business News, Market News, Breaking News Events and Latest News Updates on Live Mint. Download The Mint News App to get Daily Market Updates.

होमबिजनेसTrump tariff: अमेरिका में ट्रंप को बड़ा झटका! सुप्रीम कोर्ट ने टैरिफ पर लगाई रोक, अब भारत को कितना देना होगा शुल्क
More