
India US Export Decline: भारत का अमेरिका को निर्यात कम हुआ है, जबकि गैर-अमेरिकी गंतव्यों को निर्यात मजबूत बना हुआ है और पिछले वृद्धि के आंकड़ों को पार कर गया है। रेटिंग एजेंसी क्रिसिल ने अक्टूबर की अपनी रिपोर्ट में यह जानकारी दी है।
रिपोर्ट के अनुसार, अगस्त, 2025 में सात प्रतिशत की वृद्धि दर्ज करने के बाद सितंबर में अमेरिका को व्यापारिक निर्यात 11.9 प्रतिशत घटकर 5.5 अरब अमेरिकी डॉलर रह गया। एजेंसी ने कहा कि शुल्क वृद्धि से पहले खेप लोड नहीं होती तो यह गिरावट और भी तेज होती।
इसके उलट गैर-अमेरिकी बाजारों में निर्यात सितंबर में 10.9 प्रतिशत बढ़ा, जो अगस्त, 2025 में 6.6 प्रतिशत की वृद्धि से तेज है। अमेरिका को होने वाले निर्यात में गिरावट डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन द्वारा 27 अगस्त से प्रभावी भारतीय वस्तुओं पर 50 प्रतिशत शुल्क लगाने के फैसले के बाद आई है।
क्रिसिल ने आगाह किया है कि भारत के व्यापारिक निर्यात को अमेरिकी शुल्क वृद्धि और वैश्विक वृद्धि में व्यापक सुस्ती के कारण चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। विश्व व्यापार संगठन ने अनुमान लगाया है कि 2025 में वैश्विक व्यापारिक व्यापार की मात्रा 2.4 प्रतिशत बढ़ेगी, जबकि 2024 में यह 2.8 प्रतिशत रही है।
इन चुनौतियों के बावजूद, क्रिसिल को उम्मीद है कि भारत का चालू खाते का घाटा (कैड) मजबूत सेवा निर्यात, स्थिर धन प्रेषण प्रवाह और कच्चे तेल की कीमतों में कमी के कारण प्रबंधन के दायरे में रहेगा। इसने अपने पूर्वानुमान में कहा है कि चालू वित्त वर्ष में कैड सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का लगभग एक प्रतिशत रहेगा, जो पिछले वर्ष के 0.6 प्रतिशत से अधिक है।
अमेरिका ने अगस्त 2025 में भारत से आयात होने वाले कई उत्पादों पर 50% तक का टैरिफ लगा दिया। ये फैसला ट्रंप सरकार ने अमेरिकी उद्योगों की रक्षा और व्यापार घाटा कम करने के लिया है।
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