रेयर अर्थ मिनरल्स पर क्या चीन की मोनोपॉली होगी खत्म? US ने भारत समेत 55 देशों के साथ मिलकर किया यह काम

India US Critical Minerals Partnership: अमेरिका ने भारत समेत 55 देशों के साथ मिलकर एक नया अंतरराष्ट्रीय खनिज समूह बनाने की शुरुआत की है। इसका मकसद चीन की उस पकड़ को तोड़ना है, जो फिलहाल रेयर अर्थ और जरूरी खनिजों की सप्लाई पर लगभग 90 प्रतिशत तक काबिज है।

Jitendra Singh
अपडेटेड5 Feb 2026, 02:55 PM IST
India US Critical Minerals Partnership: क्रिटिकल मिनरल्स के लिए अमेरिकी बड़ी तैयारी की है।
India US Critical Minerals Partnership: क्रिटिकल मिनरल्स के लिए अमेरिकी बड़ी तैयारी की है।

India US Critical Minerals Partnership: अमेरिका ने वॉशिंगटन में पहला महत्वपूर्ण खनिज मंत्रिस्तरीय बैठक आयोजित किया। इसमें 50 से अधिक देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए। इस बैठक का मकसद दुनिया भर में महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति और सुरक्षा सुनिश्चित करना और चीन पर निर्भरता कम करना था। अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने इसे ऐतिहासिक बैठक बताया। साथ ही यह पहल राष्ट्रीय सुरक्षा और तकनीकी विकास के लिए जरूरी खनिजों की आपूर्ति को मजबूत करने के लिए है।

इस बैठक में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और वित्त मंत्री स्कॉट बेसेन्ट शामिल हुए। भारत की ओर से विदेश मंत्री एस. जयशंकर की मौजूदगी ने साफ कर दिया कि भारत इस नए खनिज गठबंधन का एक अहम केंद्र बनने जा रहा है। बता दें कि दुनिया की ताकत अब सिर्फ तेल से नहीं, बल्कि क्रिटिकल मिनरल्स से तय होगी। अमेरिका ने भारत समेत 55 देशों के साथ मिलकर एक नया अंतरराष्ट्रीय खनिज समूह बनाने की शुरुआत की है।

आमंत्रित देशों में भारत भी शामिल

रूबियो ने कहा कि वाशिंगटन में हुई बातचीत में 55 देशों ने हिस्सा लिया, जिनमें दक्षिण कोरिया, भारत, थाईलैंड, जापान, जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया और डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो शामिल थे। इन सभी की रिफाइनिंग या माइनिंग क्षमताएं अलग-अलग हैं। भारत का प्रतिनिधित्व विदेश मंत्री एस जयशंकर ने किया। जयशंकर ने इसे परिणाम देने वाला बताया।

यह भी पढ़ें | विदेश से सामान लाना हुआ आसान, सरकार ने बढ़ाई लिमिट

उन्होंने ‘एक्स’ पर कहा कि भारत नेशनल क्रिटिकल मिनरल्स मिशन, रेयर अर्थ कॉरिडोर्स और जिम्मेदार व्यापार जैसी पहलों के जरिए सप्‍लाई चेन को मजबूत करने पर काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि FORGE इनिशिएटिव अमेरिका-नेतृत्व वाले मिनरल सिक्योरिटी पार्टनरशिप की उत्तराधिकारी है और इसका उद्देश्य दुर्लभ खनिजों के प्रोडक्‍शन और प्रोसेसिंग में विविधता लाना है।

अमेरिका करेगा 30 अरब डॉलर का निवेश

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस पहल के तहत दो बड़े मंच बनाए गए हैं। पहला है FORGE, जो पहले के मिनरल्स सिक्योरिटी पार्टनरशिप की जगह लेगा। इसका उद्देश्य खनिजों की कीमत और सप्लाई को सुरक्षित और स्थिर बनाना है। फिलहाल इसकी जिम्मेदारी दक्षिण कोरिया को दी गई है। दूसरा मंच है Pax Silica, जो सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और हाई-टेक उद्योगों के लिए जरूरी खनिजों की सप्लाई को चीन से हटाकर भरोसेमंद देशों तक पहुंचाने पर काम करेगा। इसमें भारत को एक मजबूत स्तंभ माना गया है।

Get Latest real-time updates

Catch all the Business News, Market News, Breaking News Events and Latest News Updates on Live Mint. Download The Mint News App to get Daily Market Updates.

बिजनेस न्यूज़बिजनेसरेयर अर्थ मिनरल्स पर क्या चीन की मोनोपॉली होगी खत्म? US ने भारत समेत 55 देशों के साथ मिलकर किया यह काम
More
बिजनेस न्यूज़बिजनेसरेयर अर्थ मिनरल्स पर क्या चीन की मोनोपॉली होगी खत्म? US ने भारत समेत 55 देशों के साथ मिलकर किया यह काम