
भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम व्यापार समझौते (Interim Trade Deal) की फाइनल रूपरेखा तैयार हो गई है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इसे दोनों देशों के रिश्तों के लिए “बहुत अच्छी खबर” बताया है। पीएम मोदी के मुताबिक, यह समझौता भारत के किसानों, उद्यमियों, एमएसएमई, स्टार्टअप्स और मछुआरों के लिए नए अवसर खोलेगा और ‘मेक इन इंडिया’ को और मजबूती देगा। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर लिखा कि इससे महिलाओं और युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा होंगे। पीएम मोदी ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का भी धन्यवाद किया और कहा कि यह डील भारत-अमेरिका साझेदारी में भरोसे और गहराई को दिखाती है।
यह ट्रेड डील सिर्फ एक कूटनीतिक घोषणा नहीं है, बल्कि इसका सीधा असर भारत की अर्थव्यवस्था, निर्यात, रोजगार और उद्योगों पर पड़ने वाला है। अमेरिका जैसे बड़े बाजार में भारतीय उत्पादों को बेहतर पहुंच मिलने से लेकर टैक्स में बड़ी राहत तक, इस डील में कई अहम बदलाव शामिल हैं। खास बात यह है किएक ओर सरकार ने किसानों और संवेदनशील कृषि क्षेत्रों के हितों की सुरक्षा की है। दूसरी ओर एमएसएमई, स्टार्टअप्स और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए नए रास्ते खोले गए हैं। आइए आसान भाषा में समझते हैं इस ट्रेड डील में भारत को क्या-क्या फायदे मिले हैं, किन सेक्टर्स को सबसे ज्यादा फायदा होगा और इसका आम लोगों की नौकरियों व कारोबार पर क्या असर पड़ेगा।
इस ट्रेड डील का मकसद दोनों देशों के बीच व्यापार को आसान बनाना, शुल्क (टैरिफ) कम करना और निवेश व तकनीक साझेदारी को बढ़ाना है। संयुक्त बयान के मुताबिक, यह रूपरेखा 13 फरवरी, 2025 को शुरू हुई व्यापक भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता का अहम पड़ाव है। दोनों देश इसे जल्द लागू करने और फाइनल एग्रीमेंट की दिशा में आगे बढ़ने पर सहमत हुए हैं।
इस समझौते के तहत अमेरिका भारतीय सामानों पर जवाबी शुल्क 50 पर्सेंट से घटाकर 18 पर्सेंट करेगा। यह भारतीय निर्यातकों के लिए बड़ी राहत है। खासकर एमएसएमई, किसान और मछुआरे इससे सबसे ज्यादा लाभ में रहेंगे। सरकार के मुताबिक, इससे भारत को करीब 30,000 अरब डॉलर के अमेरिकी बाजार तक बेहतर पहुंच मिलेगी। कई उत्पादों पर शुल्क पूरी तरह शून्य हो जाएगा, जिससे भारतीय कंपनियों की प्रतिस्पर्धा क्षमता काफी बढ़ेगी।
इस ट्रेड डील से वस्त्र और परिधान, चमड़ा और जूते, प्लास्टिक व रबर उत्पाद, जैविक रसायन, घरेलू सजावट, हस्तशिल्प और चुनिंदा मशीनरी सेक्टर को बड़ा फायदा मिलेगा। इसके अलावा, जेनेरिक दवाइयां, रत्न और हीरे, विमान और उनके कल-पुर्जों पर भी टैक्स जीरो हो जाएगा। इससे ‘मेक इन इंडिया’ को ग्लोबल मार्केट में नई पहचान मिलेगी और निर्यात में तेज उछाल आने की उम्मीद है।
सरकार ने साफ किया है कि इस समझौते में संवेदनशील कृषि और दुग्ध उत्पादों से कोई समझौता नहीं किया गया है। भारत ने मक्का, गेहूं, चावल, सोया, दूध, पनीर, मुर्गी पालन, मांस, तंबाकू, कुछ सब्जियां और एथनॉल जैसे उत्पादों को पूरी तरह संरक्षित रखा है। यानी इन सेक्टर्स में घरेलू किसानों और ग्रामीण आजीविका के हितों से कोई समझौता नहीं होगा।
प्रधानमंत्री मोदी और वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल दोनों ने कहा कि इस ट्रेड डील से लाखों नए रोजगार पैदा होंगे, खासकर महिलाओं और युवाओं के लिए। निवेश, तकनीक साझेदारी और सप्लाई चेन को मजबूती मिलेगी। भारत अगले पांच साल में अमेरिका से 500 अरब डॉलर के ऊर्जा उत्पाद, विमान, टेक्नोलॉजी और अन्य अहम सामान खरीदने की योजना पर भी काम करेगा। कुल मिलाकर, यह डील भारत-अमेरिका रिश्तों को नई ऊंचाई देने के साथ-साथ भारत की आर्थिक रफ्तार को भी तेज करने वाली मानी जा रही है।
1. अमेरिका ने टैक्स में बड़ी कटौती की
अमेरिका भारतीय सामानों पर लगने वाला जवाबी शुल्क 50% से घटाकर 18% करेगा, जिससे निर्यातकों को सीधी राहत मिलेगी।
2. भारतीय कंपनियों के लिए बड़ा बाजार खुलेगा
इस डील से भारत के एमएसएमई, किसान और मछुआरे अमेरिका के करीब 30,000 अरब डॉलर के बाजार तक पहुंच बना सकेंगे।
3. निर्यात बढ़ेगा, नौकरियां बनेंगी
निर्यात में तेजी से महिलाओं और युवाओं के लिए लाखों नए रोजगार पैदा होने की उम्मीद है।
4. ‘मेक इन इंडिया’ को बड़ा बूस्ट
इस समझौते से भारत में बने उत्पादों की वैश्विक मांग बढ़ेगी और मेक इन इंडिया को मजबूती मिलेगी।
5. इन सेक्टर्स को होगा सबसे ज्यादा फायदा
वस्त्र-परिधान, चमड़ा-जूते, प्लास्टिक-रबर, केमिकल, घरेलू सजावट, हस्तशिल्प और मशीनरी सेक्टर फायदे में रहेंगे।
6. कई उत्पादों पर टैक्स पूरी तरह खत्म
जेनेरिक दवाइयों, रत्न-हीरे और विमान के कल-पुर्जों पर अमेरिका में शुल्क शून्य कर दिया जाएगा।
7. किसानों के हित सुरक्षित रखे गए
मक्का, गेहूं, चावल, दूध, पनीर, सोया, मुर्गी पालन और मांस जैसे संवेदनशील उत्पाद पूरी तरह सुरक्षित रहेंगे।
8. मेडिकल और टेक सेक्टर को राहत
मेडिकल डिवाइस और आईसीटी उत्पादों के व्यापार को आसान बनाया जाएगा।
9. भारत करेगा बड़ी अमेरिकी खरीद
भारत अगले 5 साल में अमेरिका से 500 अरब डॉलर के ऊर्जा, विमान और टेक उत्पाद खरीदेगा।
10. फुल ट्रेड डील की ओर अगला कदम
इस अंतरिम समझौते को जल्द लागू कर पूरी द्विपक्षीय व्यापार संधि को अंतिम रूप दिया जाएगा।
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