वेदांता का बड़ा दांव! रियल एस्टेट कारोबार होगा अलग, बनेगी समूह की छठी लिस्टेड कंपनी

Vedanta Demerger: माइनिंग और मेटल्स क्षेत्र की दिग्गज कंपनी वेदांता लिमिटेड ने अपने रियल एस्टेट कारोबार को अलग करने का फैसला किया है। इसके लिए वेदांता प्रॉपर्टी प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड (VPPL) नाम से नई कंपनी बनाई जाएगी। यह ग्रुप की छठी लिस्टेड कंपनी होगी।

Jitendra Singh
अपडेटेड31 Jul 2026, 02:00 PM IST
Vedanta Demerger: VPPL एक स्वतंत्र रियल एस्टेट प्लेटफॉर्म के रूप में काम करेगी।
Vedanta Demerger: VPPL एक स्वतंत्र रियल एस्टेट प्लेटफॉर्म के रूप में काम करेगी।

Vedanta Demerger: अनिल अग्रवाल की अगुवाई वाली वेदांता लिमिटेड (Vedanta Ltd) ने अपने बिजनेस पुनर्गठन की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया है। कंपनी के बोर्ड ने रियल एस्टेट कारोबार को अलग कर वेदांता प्रॉपर्टी प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड (Vedanta Property Platforms Ltd - VPPL) के गठन को मंजूरी दे दी है। यह कंपनी नियामकीय मंजूरियों के बाद शेयर बाजार में सूचीबद्ध होगी और वेदांता समूह की छठी लिस्टेड कंपनी बन जाएगी। यह फैसला कंपनी की गैर-कोर रियल एस्टेट परिसंपत्तियों से अधिक मूल्य (Value Unlocking) हासिल करने की रणनीति का हिस्सा है।

दरअसल, वेदांता ने कहा कि उसके बोर्ड ने अपने रियल एस्टेट कारोबार को वेदांता प्रॉपर्टी प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड नाम की एक नई कंपनी में अलग करने को मंजूरी दे दी है। हालांकि, यह बंटवारा तुरंत नहीं होगा। सबसे पहले, कंपनी को नियामकों और अन्य सरकारी रेग्यूलेटर्स से मंजूरी लेनी होगी। इसके साथ ही सभी आवश्यक मंजूरी मिल जाने के बाद, डिमर्जर प्लान के तहत रियल एस्टेट बिजनेस आधिकारिक तौर पर एक अलग कंपनी बन जाएगी।

शेयरधारकों को कैसे मिलेंगे नए शेयर

डिमर्जर योजना के तहत वेदांता के हर 20 इक्विटी शेयर पर निवेशकों को VPPL का एक पूरी तरह चुकता इक्विटी शेयर मिलेगा। इसके लिए निवेशकों को कोई अतिरिक्त पेमेंट नहीं करना होगा। कंपनी ने कहा है कि नई कंपनी के शेयर BSE और NSE पर लिस्ट कराने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसके लिए जल्द ही स्टॉक एक्सचेंज से जरूरी मंजूरी मांगी जाएगी।

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वेदांता के पास कितनी है प्रॉपर्टी?

रिपोर्ट के अनुसार, वेदांता के पास भारत के प्रमुख स्थानों पर लगभग 2,264 एकड़ औद्योगिक भूमि और करीब 55,000 वर्ग फुट की आवासीय और कमर्शियल संपत्तियां हैं। इन संपत्तियों को अब एक 'प्योर-प्ले' रियल एस्टेट प्लेटफॉर्म के तहत लाया जाएगा। कंपनी के अनुसार यह पोर्टफोलियो देशभर में 22 अलग- अलग एसेट का है। इनमें महाराष्ट्र, गोवा, तमिलनाडु, गुजरात और कर्नाटक में स्थित जमीन, फ्लैट, इमारतें और बंगले शामिल हैं।

क्यों लिया गया फैसला

वेदांता समूह के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने कहा, “यह वेदांता की ओर से एक और रोमांचक घोषणा है। तेल और गैस, एल्युमीनियम, पावर और स्टील जैसे क्षेत्रों में अलग-अलग यूनिट बनाने के बाद, अब हम रियल एस्टेट संपत्तियों को एक स्वतंत्र कंपनी में बदल रहे हैं ताकि स्टेकहोल्डर्स के लिए वैल्यू अनलॉक की जा सके।”

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नई कंपनी करेगी कई तरह के प्रोजेक्ट

VPPL एक स्वतंत्र रियल एस्टेट प्लेटफॉर्म के रूप में काम करेगी। कंपनी जमीन का विकास, लीज, प्रबंधन और बिक्री जैसे काम करेगी। इसके अलावा आवासीय, कमर्शियल, रिटेल, इंडस्ट्रियल, होटल वाले प्रोजेक्ट भी विकसित किए जा सकते हैं। कंपनी औद्योगिक पार्क, लॉजिस्टिक्स पार्क, डाटा सेंटर और आईटी पार्क जैसे प्रोजेक्ट पर भी काम कर सकती है।

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