BPAN: क्या होता है बैटरी पैक आधार नंबर? जानिए है इसका उद्देश्य, डिटेल में जानें सबकुछ

बैटरी पैक आधार नंबर (BPAN) इलेक्ट्रिक वाहन बैटरियों के लिए 21 अंकों का यूनिक पहचान नंबर होगा। इससे बैटरी के निर्माण, उपयोग, रीसाइक्लिंग और निपटान तक की पूरी जानकारी मिलेगी। यह पर्यावरण सुरक्षा, पारदर्शिता और जिम्मेदार बैटरी प्रबंधन में मदद करेगा।

Manali Rastogi
पब्लिश्ड8 Jan 2026, 03:47 PM IST
BPAN: क्या होता है बैटरी पैक आधार नंबर? जानिए है इसका उद्देश्य, डिटेल में जानें सबकुछ
BPAN: क्या होता है बैटरी पैक आधार नंबर? जानिए है इसका उद्देश्य, डिटेल में जानें सबकुछ

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने भारत में तेजी से बढ़ रहे इलेक्ट्रिक वाहन (EV) सिस्टम को ज्यादा पारदर्शी, टिकाऊ और नियमों के अनुकूल बनाने के लिए एक नई पहल का प्रस्ताव दिया है।

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इसके तहत इलेक्ट्रिक वाहनों में इस्तेमाल होने वाली बैटरियों के लिए आधार जैसा एक यूनिक पहचान सिस्टम लाने की योजना है, जिसे बैटरी पैक आधार नंबर (BPAN) कहा जाएगा। यह सिस्टम बैटरी के पूरे जीवनचक्र को ट्रैक करने में मदद करेगा यानी निर्माण से लेकर इस्तेमाल, रीसाइक्लिंग और अंतिम निपटान तक।

BPAN क्या है?

  • बैटरी पैक आधार नंबर (BPAN) एक 21 अंकों/अक्षरों का यूनिक पहचान नंबर होगा।
  • यह नंबर भारत में बिकने या इस्तेमाल होने वाली हर इलेक्ट्रिक वाहन बैटरी को दिया जाएगा।
  • यह बैटरी की डिजिटल पहचान की तरह काम करेगा।
  • इसके जरिए बैटरी की पूरी जानकारी – कब बनी, कहां इस्तेमाल हुई और कैसे रीसाइक्लिंग हुई – पता चल सकेगा।
  • इसे ऑटोमोटिव इंडस्ट्री स्टैंडर्ड्स (AIS) के तहत लागू किया जाएगा।

क्या है BPAN के उद्देश्य?

  • बैटरी के पूरे जीवनचक्र की पूरी जानकारी रखना
  • बैटरियों के रीसाइक्लिंग, दोबारा इस्तेमाल (सेकेंड लाइफ) और सुरक्षित निपटान को बढ़ावा देना
  • बैटरी सिस्टम में पारदर्शिता, जिम्मेदारी और पर्यावरण सुरक्षा को मजबूत करना

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जानिए BPAN की मुख्य विशेषताएं

  • अनिवार्य यूनिक पहचान: हर बैटरी निर्माता या आयातक को हर बैटरी के लिए BPAN जारी करना होगा।
  • लाइफसाइकिल ट्रैकिंग: कच्चे माल से लेकर निर्माण, प्रदर्शन, पुनः उपयोग, रीसाइक्लिंग और निपटान तक का डेटा दर्ज होगा।
  • डायनामिक सिस्टम: अगर बैटरी में कोई बड़ा तकनीकी बदलाव होगा, तो नया BPAN जारी करना पड़ेगा।
  • स्थायी मार्किंग: BPAN बैटरी पर ऐसी जगह अंकित होगा, जहां से उसे हटाया या मिटाया न जा सके।
  • डिजिटल पोर्टल से जुड़ाव: सभी बैटरी से जुड़ी जानकारी आधिकारिक BPAN पोर्टल पर अपलोड करनी होगी।
  • EV बैटरियों को प्राथमिकता: भारत में 80–90% लिथियम-आयन बैटरियों की मांग EV सेक्टर से आती है, इसलिए पहले चरण में EV बैटरियों को शामिल किया जाएगा। 2 किलोवाट-घंटे से अधिक क्षमता वाली औद्योगिक बैटरियों को भी शामिल करने की सिफारिश की गई है।

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क्या है BPAN का महत्व?

  • बैटरियों की व्यवस्थित रीसाइक्लिंग और दोबारा इस्तेमाल संभव होगा।
  • गलत तरीके से बैटरी फेंकने से होने वाले पर्यावरण और सुरक्षा जोखिम कम होंगे।
  • एक्सटेंडेड प्रोड्यूसर रिस्पॉन्सिबिलिटी (EPR) नियमों को प्रभावी तरीके से लागू करने में मदद मिलेगी।
  • यह पहल भारत के EV और बैटरी इकोसिस्टम को सुरक्षित, जिम्मेदार और पर्यावरण के अनुकूल बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

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