Wheat Flour Export: गेहूं के आटे के निर्यात का खुला रास्ता, सरकार ने दी 5 लाख टन की मंजूरी

Wheat Flour Export: सरकार ने गेहूं के आटे और उससे जुड़े प्रोडक्ट्स के लिमिटेड एक्सपोर्ट की इजाज़त दे दी है, जिसमें 5 लाख टन तक की शिपमेंट की अनुमति दी गई है। यह 2022 में लगाए गए बैन में आंशिक ढील है। डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ फॉरेन ट्रेड ने कहा कि इस कोटे से ज़्यादा एक्सपोर्ट पर रोक रहेगी। 

Jitendra Singh( विद इनपुट्स फ्रॉम भाषा)
अपडेटेड19 Jan 2026, 04:59 PM IST
Wheat Flour Export: सरकार ने तीन साल बाद गेहूं के आटे के निर्यात में ढील दी है।
Wheat Flour Export: सरकार ने तीन साल बाद गेहूं के आटे के निर्यात में ढील दी है।

Wheat Flour Export: गेहूं उत्पादक किसानों और निर्यातकों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। भारत सरकार ने गेहूं के आटे और उससे जुड़े उत्पादों के निर्यात पर लगी रोक में ढील दे दी है। सरकार ने एक नोटिफिकेशन जारी कर पांच लाख टन गेहूं के आटे के निर्यात की अनुमति दे दी है। यह फैसला उद्योग के लिए एक बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि केंद्र सरकार ने साल 2022 में घरेलू कीमतों को काबू में करने और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए गेहूं के निर्यात पर रोक लगा दी थी।

तीन साल से अधिक के समय के बाद , यह प्रतिबंधों में पहली बड़ी ढील है। भारत, जो इस कमोडिटी का एक प्रमुख उत्पादक है, अब वैश्विक बाजार में अपनी सीमित उपस्थिति फिर से दर्ज करा सकेगा। विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) ने 16 जनवरी को एक नोटिफिकेशन में कहा कि 'गेहूं के आटे और संबंधित उत्पादों का निर्यात प्रतिबंधित रहेगा। हालांकि, मौजूदा नीतिगत शर्तों के अतिरिक्त, पांच लाख टन तक गेहूं के आटे और संबंधित उत्पादों के निर्यात की अनुमति दी गई है।

आटा निर्यात के लिए करना होगा अप्लाई

डीजीएफटी ने कहा कि जो आवेदक इस उत्पाद का निर्यात करना चाहते हैं, उन्हें महानिदेशालय से अनुमति लेनी होगी और इसके लिए अप्लाई करना होगा। नोटिफिकेशन के मुताबिक, पहले चरण के तहत आवेदन 21 जनवरी, 2026 से 31 जनवरी, 2026 तक दिए जा सकते हैं। इसमें कहा गया कि इसके बाद जब तक निर्यात की निर्धारित मात्रा उपलब्ध रहेगी, तब तक हर महीने के अंतिम दस दिनों के दौरान आवेदन आमंत्रित किए जाएंगे।

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6 महीने तक रहेगी वैलिडिटी

निर्यात का यह अधिकार जारी होने की तारीख से छह महीने के लिए वैध होगा। निर्यातक, आटा मिलें या प्रसंस्करण इकाइयां इसके लिए आवेदन कर सकती हैं, हालांकि उनके पास वैध आईईसी (आयात निर्यात कोड) और एफएसएसएआई लाइसेंस होना चाहिए। निर्यात प्रसंस्करण इकाइयों और विशेष आर्थिक क्षेत्रों (एसईजेड) के अलावा, ऐसे व्यापारी निर्यातक भी आवेदन कर सकते हैं जिनके पास वैध आईईसी और एफएसएसएआई लाइसेंस है।

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इसके साथ ही उनका सहायक विनिर्माताओं के रूप में काम करने वाली आटा मिलों के साथ वैध अनुबंध या आपूर्ति समझौता है। नोटिफिकेशन में कहा गया है कि निर्यात की मात्रा का निर्णय एक विशेष एक्जिम सुविधा समिति करेगी।

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