
मंगलवार को मतदान खत्म होने के बाद तमाम सर्वे एजेंसियों ने बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर अपना एग्जिट पोल जनता के सामने रखा। सभी एक्जिट पोल में एनडीए को बंपर बहुमत तो महागठबंधन को बहुमत से दूर दिखाया गया। एक दिन बाद बुधवार को देश की जानी मानी प्रतिष्ठित सर्वे एजेंसी एक्सिस माय इंडिया ने एक सर्वे पेश किया। जिसमें एनडीए को बहुमत मिलता तो दिख रहा है लेकिन इस सर्वे ने महागठबंधन खासकर आरजेडी को संजीवनी दे दी है। जिसे देखते हुए तेजस्वी यादव ने शपथ लेने का दावा कर दिया है।
एक दिन पहले बिहार चुनाव को लेकर जितनी भी सर्वे एजेंसियों ने एग्जिट पोल जारी किए थे उन सब में महागठबंधन को 90 से कम ही सीटें मिलती दिखाई गई हैं। लेकिन एक्सिस माय इंडिया के सर्वे ने महागठबंधन में जान फूंक दिया है। इस एजेंसी के सर्वे के मुताबिक महागठबंधन को 98 से 118 सीटें मिलने का अनुमान है जबकि बहुमत का जादुई आंकड़ा 122 है। ऐसे में इस सर्वे ने खास तौर पर महागठबंधन की तरफ से मुख्यमंत्री का चेहरा तेजस्वी यादव में मानो नई जान फूंक दी है। सर्वे से उत्साहित तेजस्वी यादव ने तो बाकायदा 18 नवंबर को शपथ लेने की भी घोषणा कर दी है।
एक्सिस माय इंडिया ने बिहार चुनाव को लेकर जो सर्वे किया है उसमें 20 साल से बिहार के मुख्यमंत्री पद पर काबिज नीतीश कुमार 35 वर्षीय तेजस्वी यादव से पिछड़ते नजर आ रहे हैं। एक्सिस माय इंडिया के सर्वे के मुताबिक बिहार के अगले मुख्यमंत्री के तौर पर 34 प्रतिशत लोगों की पसंद तेजस्वी यादव हैं। जबकि नीतीश कुमार को एक बार फिर मुख्यमंत्री के रूप में देखने वालों की तादाद 22 प्रतिशत है।
Axis my India के Survey में महागठबंधन को सबसे ज्यादा सीटें मिलने का अनुमान लगाया जा रहा है। इसी बीच तेजस्वी यादव ने दावा किया कि वो 18 नवंबर को शपथ लेंगे। गौरतबल है कि Axis my India के Survey में महागठबंधन को सबसे ज्यादा 98 से 118 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया है। जिसमें से अकेले आजेडी को 67 से 76 सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया है। जबकि कांग्रेस को 17 से 22 सीटें मिलने का अनुमान लगाया जा रहा है।
एक्सिस माय इंडिया के सर्वे में आरजेडी सबसे बड़ी पार्टी बन सकती है। बीजेपी को 50 से 56 सीटें मिलने का अनुमान लगाया जा रहा है। इस तरह से बीजेपी को साल 2020 मुकाबलेके 18 से 24 सीटों के नुकसान की आशंका जताई गई है। वहीं जेडीयू को 56 से 62 सीटें मिलने का अनुमान है। साल 2020 में जेडीयू को 43 सीटें मिली थीं। चिराग पासवान की पार्टी LJP(R) को 12 से 16 सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया है।
Axis my India के Survey में भी एनडीए को बहुमत मिलती नजर आ रही हैं। सर्वे के मुताबिक बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए को 121 से 141 सीटें मिलती नजर आ रही हैं। वहीं महागठबंधन को 98 से 118 सीटें मिलती दिखाई जा रही हैं। इस सर्वे में जनसुराज को 0-2 और हैदराबाद वाले ओवैसी की पार्टी AIMIM को भी 0-2 सीटें मिलने का अमुमान जताया जा रहा है। जो इन दोनों पार्टियों के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। पिछली बार साल 2020 के विधानसभा चुनाव में ओवैसी की पार्टी को 5 सीटों पर जीत हासिल हुई थी। जबकि प्रशांत किशोर इस बार 10 लेकर से 150 सीटें जीतने का दावा कर रहे थे।
साल 2020 के विधानसभा चुनाव में मुस्लिम बहुल बिहार के सीमांचल क्षेत्र में असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM ने महागठबंधन का खेल बुरी तरह से बिगाड़ दिया था। ओवैसी ने सीमांचल के मुस्लिम बहुल जिलों में पांच सीटों पर जीत दर्ज की थी। जबकि महागठबंधन को महज 7 सीटों से संतोष करना पड़ा था। लेकिन इस बार महागठबंधन इस बार इस क्षेत्र में घाटे की भरपाई करता नजर आ रहा है। एक्सिस माय इंडिया सर्वे के मुताबिक महागठबंधन को सीमांचल में 15 सीटें मिलने का अनुमान है जो पिछली बार के मुकाबले दोगुनी से भी ज्यादा हैं। वहीं एनडीए को भी इस बार 8 सीटें मिलती दिखाई दे रही हैं। जबकि ओवैसी और प्रशांत किशोर की पार्टी को एक-एक सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया है।
Axis my India के सर्वे में 45 प्रतिशत महिलाओं ने एनडीए को वोट दिया है। जबकि 41 प्रतिश महिलाओं ने महागठबंधन को वोट दिए हैं। वहीं 43 प्रतिशत ग्रामीण मतदाताओं ने एनडीए को वोट दिया है जबकि 41 प्रतिशत महागठबंधन को वोट दिया है। 44 प्रतिशत शहरी मतदाताओं ने एडीए को वोट दिया तो 42 प्रतिशत शहरी मतदाताओं ने महागठबंधन को वोट दिया।
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