
बिहार विधानसभा चुनाव में चिराग पासवान को मतदान होने से पहले बड़ा झटका लगा है। चिराग पासवान की पार्टी एलजेपी(R) की प्रत्याशी सीमा सिंह का पर्चा रद्द हो गया है। सीमा सिंह ने छपरा जिले की मढ़ौरा विधानसभा सीट से नामांकन दाखिल किया था। मढ़ौरा में पहले चरण में 6 नवंबर को मतदान होना है। चिराग पासवान की पार्टी को एडीए गठबंधन में 29 सीटें मिली थीं लेकिन अब 28 सीटों पर ही एलजेपी(R) चुनाव लड़ेगी। सीमा सिंह का पर्चा रद्द होना एनडीए के लिए भी झटका है क्योंकि एनडीए अब वो बिहार की कुल 243 सीटों में से 242 सीटों पर चुनाव लड़ पाएगी, एनडीए ने चुनाव लड़ने से पहले ही अपनी सीट गंवा दी है। मढ़ौरा सीट से कुल 13 प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल किया था, जिनमें से चार उम्मीदवारों का पर्चा रद्द हो गया है। एलजेपी(R) की सीमा सिंह के अलावा बीएसपी के आदित्य कुमार, निर्दलीय उम्मीदवार विशाल कुमार और अल्ताफ आलम राजू का पर्चा रद्द हो गया है।
सीमा सिंह ने चिराग पासवान की पार्टी एलजेपी से अपना नामांकन दाखिल किया था जो रद्द हो गया और इसके साथ ही उनका विधायक बनने का सपना भी टूट गया। भोजपुरी फिल्मों के अभिनेता खेसारी लाल की तरह सीमा सिंह भी भोजपुरी फिल्मों में काम करती हैं। भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री में सीमा सिंह में आइटम गर्ल के तौर पर भी अपनी खास पहचान बनाई है। लेकिन राजनीति की दुनिया में कदम रखने का उनका सपना टूट गया।
सीमा सिंह ने चुनाव आयोग को दिए अपने हलफनामे में 9वीं पास होने का उल्लेख किया है। हलफनामें के मुताबिक सीमा सिंह ने 1999 में मुंबई से सटे महाराष्ट्र के थाणे में रहकर पढ़ाई की थी। सीमा सिंह ने थाणे के द रेम हेगर हिंडे हाई स्कूल से 9वीं कक्षा तक पढ़ाई की है। चुनाव आयोग को दिए हलफनामे के मुताबिक सीमा सिंह के पास 22 लाख 50 हजार रुपये के सोने के गहने, 6 लाख रूपये की चल संपत्ति और 26 लाख 50 हजार रूपये की अचल संपत्ति है। इस तरह से सीमा सिंह करीब 55 लाख रूपये से ज्यादा की संपत्ति है। सीमा सिंह के पति सौरभ कुमार के पास कुल 58 लाख रूपये से ज्यादा की संपत्ति है। 1999 में ही सीमा सिंह ने भोजपुरी फिल्म इंटस्ट्री में काम करना शुरू कर दिया था। सीमा सिंह ने भोजपुरी फिल्मों के आइटम सॉन्ग पर परफॉर्म करके लाखों लोगों का दिल जीता।
बताया जा रहा है कि सीमा सिंह के चुनाव आयोग को दिए गए दस्तावेज में गड़बड़ी की वजह से उनका नामांकन रद्द कर दिया गया। उनके कुछ जरूरी दस्तावेज और प्रमाण पत्रों में गड़बड़ी पाई गई, जिसे ठीक करना संभव नहीं था। सूत्रों के मुताबिक सीमा सिंह ने कुछ ऐसे दस्तावेज चुनाव आयोग के पास जमा किए थे जिसकी कोई मान्यता नहीं है। जिसकी वजह से उनका नामांकन रद्द किया गया। सीमा सिंह का नामांकन रद्द होने की वजह के मढ़ौरा विधानसभा सीट पर चुनावी समीकरण पूरी तरह बदल गया है। सीमा सिंह का नामांकन रद्द होना ना सिर्फ उनके और उनकी पार्टी के मुखिया चिराग पासवान के लिए झटका है, बल्कि पूरी एनडीए के लिए मुसीबत का सबब है क्योंकि चुनाव लड़ने से पहले की बिहार की एक सीट पर एनडीए चुनाव हार गई है।
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