बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के शुरुआती रुझानों ने चुनावी माहौल में जबरदस्त हलचल मचा दी है। आज सुबह 8 बजे से शुरू हुई गिनती में एनडीए को बड़ी और निर्णायक बढ़त मिलती दिखाई दे रही है और यह अंतर इतना बड़ा है कि शुरुआती संकेत ही इस बार के चुनाव का रुख साफ कर रहे हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि शुरुआती रुझानों में एनडीए और महागठबंधन के बीच बहुत बड़ा फासला दिखाई दे रहा है, जो यह स्पष्ट संदेश देता है कि बिहार में नीतीश कुमार की वापसी लगभग तय मानी जा रही है।
नरेंद्र-नीतीश मॉडल पर बिहार की मुहर
पूरे चुनावी अभियान के दौरान सबसे ज्यादा चर्चा में रहा नरेंद्र-नीतीश मॉडल इस बार भी असरदार साबित होता दिख रहा है। नरेंद्र मोदी के राष्ट्रीय नेतृत्व और नीतीश कुमार के काम के भरोसे वाले प्रशासनिक मॉडल ने मिलकर एनडीए को जबरदस्त बढ़त दिलाने का काम किया है। ग्रामीण इलाकों में सड़क, बिजली, स्वास्थ्य और महिला सशक्तिकरण जैसे मुद्दों पर नीतीश की पकड़ आज भी मजबूत दिखाई देती है और शुरुआती रुझान इसकी पुष्टि करते हैं।
50 के नीचे सिमटता महागठबंधन
काउंटिंग शुरू होते ही महागठबंधन की स्थिति कमजोर दिखाई दे रही थी। हालांकि तेजस्वी की आक्रामक कैंपेनिंग, युवाओं को नौकरी का वादा और महंगाई जैसे मुद्दे उन्हें राजनीतिक ऊर्जा दे रहे थे लेकिन मैदान में जातीय समीकरण और बूथ प्रबंधन में एनडीए की पकड़ भारी पड़ गई, जो रुझानों में साफ दिखाई दे रही है। महागठबंधन 50 के नीचे जाता दिख रहा है, यह विपक्षी महागठबंधन की रणनीति और तैयारी पर बड़े सवाल खड़े करता है।
नीतीश कुमार की वापसी तय
शुरुआती रुझान का भारी अंतर जनादेश के रुझान का स्पष्ट संकेत है। बिहार के मतदाता इस बार स्थिरता और अनुभवी नेतृत्व की ओर झुकते दिख रहे हैं। हालांकि अंतिम नतीजे देर शाम तक आएंगे लेकिन शुरुआती रुझानों ने यह बता दिया है कि बिहार में नीतीश की वापसी का रास्ता साफ हो गया है।