
बिहार विधानसभा चुनाव में कल दूसरे चरण की वोटिंग खत्म होने के साथ मतदान पूरा हो गया। अब इसके बाद सभी की निगाहें 14 नवंबर को होने वाली वोटों की गिनती पर टिकी हैं। उससे पहले बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर तमाम सर्वे एजेंसियों ने अपने-अपने एग्जिट पोल दिखाए हैं, करीबन सभी सर्वे एजेंसियों के एग्जिट पोल में एनडीए को बंपर बहुमत मिलती दिखाई दे रही है। एक तरफ इस सर्वे को लेकर बिहार एनडीए काफी खुश नजर आ रहा है। वहीं दूसरी तरफ महागठबंधन की तरफ से प्रमुख विपक्षी दल आरजेडी ने सर्वे के नतीजों पर सवाल उठाए हैं।
सभी सर्वे एजेंसियों के सर्वे का सर्वे करने पर भी एनडीए को भारी बहुमत मिलता दिखाई दे रहे है। देश की तकरीबन एक दर्जन सर्वे एजेंसियों के सर्वे में एनडीए को 140 से 170 के बीच सीटें मिलती दिखाई दे रही हैं। वहीं दूसरी तरफ महागठबंधन को 60 से 112 के बीच सीटें मिलने का अनुमान है जबकि प्रशांत किशोर की पार्टी को सर्वे में 0 से 5 सीटों के बीच सीटें मिलने का अनुमान जताया गया है।
तमाम एजेंसियां बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए को आसानी से बहुमत देती नजर आ रही हैं। नतीजे इन सभी एजेंसियों में से किसी भी एजेंसी के एग्जिट पोल के आसपास भी रहे तो एनडीए एक बार फिर बिहार में अपनी सरकार बना लेगी। इन तमाम एजेंसियों के सर्वे का सर्वे करने के बाद एनडीए को 140 से 150 सीटें मिलती दिखाई दे रही हैं। वहीं महागठबंधन को 85 से 95 सीटें, जनसुराज को 0 से 5 सीटें और अन्य को 5 से 10 सीटें मिलने का अनुमान है।
एक्सिस माय इंडिया के सर्वे में आरजेडी सबसे बड़ी पार्टी बन सकती है। बीजेपी को 50 से 56 सीटें मिलने का अनुमान लगाया जा रहा है। इस तरह से बीजेपी को साल 2020 मुकाबलेके 18 से 24 सीटों के नुकसान की आशंका जताई गई है। वहीं जेडीयू को 56 से 62 सीटें मिलने का अनुमान है। साल 2020 में जेडीयू को 43 सीटें मिली थीं। चिराग पासवान की पार्टी LJP(R) को 12 से 16 सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया है।
Axis my India के Survey में भी एनडीए को बहुमत मिलती नजर आ रही हैं। सर्वे के मुताबिक बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए को 121 से 141 सीटें मिलती नजर आ रही हैं। वहीं महागठबंधन को 98 से 118 सीटें मिलती दिखाई जा रही हैं। इस सर्वे में जनसुराज को 0-2 और हैदराबाद वाले ओवैसी की पार्टी AIMIM को भी 0-2 सीटें मिलने का अमुमान जताया जा रहा है।
एक्सिस माय इंडिया के सर्वे में सीमांचल में एनडीए को 8 सीटें जबकि महागठबंधन को 15 सीटें मिलती दिखाई जा रही हैं। वहीं प्रशांत किशोर की जनसुराज को भी एक सीटें मिलती हुई दिखाई दे रही हैं। सीमांचल वही इलाका है जहां मुस्लिम आबादी ज्यादा है और यहां के जिले नेपाल की सीमा से लगते हैं। पिछली बार सीमांचल में महागठबंधन को 7 सीटें मिली थीं जबकि ओवैसी की पार्टी AIMIM ने 5 सीटों पर जीत दर्ज की थी।
Axis my India के सर्वे में 45 प्रतिशत महिलाओं ने एनडीए को वोट दिया है। जबकि 41 प्रतिश महिलाओं ने महागठबंधन को वोट दिए हैं। वहीं 43 प्रतिशत ग्रामीण मतदाताओं ने एनडीए को वोट दिया है जबकि 41 प्रतिशत महागठबंधन को वोट दिया है। 44 प्रतिशत शहरी मतदाताओं ने एडीए को वोट दिया तो 42 प्रतिशत शहरी मतदाताओं ने महागठबंधन को वोट दिया।
बिहार चुनाव को लेकर एक्सिस माय इंडिया ने भी एग्जिट पोल किया है। जिसमें एनडीए और महागठबंधन के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिल रही है। सर्वे के मुताबिक एनडीए को 43 तो महागठबंधन को 41 प्रतिशत वोट मिल रहे हैं। एक्सिस माय इंडिया के सर्वे में मुख्यमंत्री के तौर पर तेजस्वी यादव 34 प्रतिशत लोगों की पसंद हैं जबकि नीतीश कुमार को 22 प्रतिशत लोग मुख्यमंत्री के रूप में दोबारा देखना चाहते हैं।
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 एग्जिट पोल पर भाजपा नेता गुरु प्रकाश पासवान ने कहा, "2/3 से अधिक के बहुमत से NDA की सरकार बनने जा रही है। 20 सालों का सुशासन, नीतीश कुमार का नेतृत्व, PM नरेंद्र मोदी का मार्गदर्शन, कार्यकर्ताओं के पराक्रम का परिणाम है कि ऐतिहासिक परिणाम आने वाले हैं। विकसित भारत के संकल्प के नींव की ईंट विकसित बिहार की होगी। पूरे मेहनत का साथ बिहार को विकसित बनाने के संकल्प से हम अगले 5 साल काम करेंगे।"
बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के एग्जिट पोल पर कहा, "बिहार, लोकतंत्र की जननी पर निवास करने वाले हर बिहारी का मैं आभार व्यक्त करता हूं कि उन्होंने फिर पीएम मोदी और नीतीश कुमार की डबल इंजन की सरकार के द्वारा किए जा रहे विकास की रफ्तार को बढ़ाने का अवसर दिया है... जनता ने NDA पर विश्वास किया है लेकिन ढपोरशंखी घोषणाएं करने वाले राजद-कांग्रेस के युवराज को बिहार की जनता ने सबक सिखाया है।"
भाजपा नेता राजीव प्रताप रूडी ने बिहार विधानसभा चुनाव के एग्जिट पोल पर कहा, “17 में से 13 समीक्षकों ने भाजपा और NDA की सरकार को बहुमत दिया। मेरे अनुसार इसका मुख्य कारण है कि ये चुनाव पीएम मोदी और राहुल गांधी व तेजस्वी यादव व नीतीश कुमार के बीच रहा। बिहार के लिए विकास की जो धारणा थी, वह विकास सच में हुआ है... बिहार का एक और मूल विषय है, जाति। जाति का एक समीकरण ऐसा है जो राजद और INDI गठबंधन के खिलाफ है...”राघोपुर विधानसभा सीट से राजद उम्मीदवार तेजस्वी यादव के बयान पर उन्होंने कहा, "48 घंटे का समय है। इंतजार करें। उनकी बेचैनी बढ़ गई है क्योंकि बहुमत NDA के पक्ष में है।"
राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने बिहार विधानसभा चुनाव के एग्जिट पोल पर कहा, "बिल्कुल लगता है कि सब सामने आ चुका है कि कौन जीतेगा। बिल्कुल हमारे भाजपा के उम्मीदवार जीतेंग और भारी मतों से जीतेंगे..."
बिहार भाजपा अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने कहा, "अभी जो चुनाव हुआ उसमें मतदाताओं का स्पष्ट संकेत था कि बिहार में NDA की सरकार बनने जा रही है... NDA फिर से सरकार बनाने जा रही है। ऐसा जनता ने फैसला दिया है..."
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार बिहार चुनाव पर कहा कि 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव ऐतिहासिक रहे। सबसे पहले, 7.5 करोड़ से अधिक मतदाताओं ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में भाग लिया। सभी राजनीतिक दलों के जमीनी स्तर के चुनाव कार्यकर्ताओं और लगभग 1.76 लाख बूथ-स्तरीय एजेंटों की भागीदारी रही। चुनाव कार्यकर्ताओं के अथक और पारदर्शी प्रयासों के कारण, बिहार के 38 जिलाधिकारियों में से किसी को भी SIR के संबंध में एक भी अपील प्राप्त नहीं हुई।
बिहार विधानसभा चुनाव अपने अंतिम चरण में है, 14 नवंबर को नतीजे आने हैं लेकिन एनडीए समर्थकों में अभी से उत्साह का माहौल देखा जा रहा है। राजधानी पटना में एनडीए समर्थक अभी से लड्डू बनवाना शुरू कर चुके हैं। दरअसल कल 11 नवंबर को दूसरे चरण का मतदान खत्म होने के बाद तमाम सर्वे एजेंसियों ने एग्जिट पोल किया था। सभी सर्वे एसेंजियों के एग्जिट पोल में एनडीए को बंपर सीटें मिलती दिखाई दे रही हैं। जिससे उत्साहित एनडीए में शामिल पार्टियों के कार्यकर्ता 14 नवंबर के लिए अभी से लड्डू बनवाने में जुटे हैं।
बिहार विधानसभा चुनाव में जनसुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर को बड़ा झटका लगता दिख रहा है। तमाम सर्वे एजेंसियों के सर्वे में प्रशांत किशोर की पार्टी को 0 से 5 सीटें मिलती दिखाई जा रही हैं। इस तरह से प्रशांत किशोर के उस दावे की हवा निकलती नजर आ रहा है जिसमें उन्होंने कहा था कि उन्हें 10 से लेकर 150 सीटें तक मिल सकती हैं। प्रशांत किशोर ने नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू को लेकर भी बड़ा दावा किया था। उन्होंने मीडिया संस्थानों को दिए इंटरव्यू में कहा था कि नीतीश कुमार की पार्टी को 25 से ज्यादा सीटें नहीं मिलेंगी।
बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में हुई वोटिंग ने प्रदेश में हुए अबतक के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए। दूसरे चरण में 11 नवंबर को 122 सटों पर 68.74 प्रतिशत मतदान हुआ जो आजाद भारत में बिहार के पोलिंग इतिहास का सबसे बड़ा बड़ा टर्नआउट है। पहले चरण में 6 नवंबर 18 जिलों की 121 सीटों पर मतदान हुआ था। इस दौरान 65.08 प्रतिशत मतदान हुआ। पहले चरण में 1314 और दूसरे चरण में 1302 प्रत्याशियों की किस्मत ईवीएम में बंद हो गई। अब सबको इंतजार है 14 नवंबर को वोटों की गिनती का।
बिहार विधानसभा चुनाव अपने आखिरी पड़ाव की तरफ तेजी से बढ़ रहा है। दोनों चरणों का मतदान पूरा हो चुका है। अब इंतजार 14 नवंबर को आने वाले नतीजों पर है। उससे पहले सर्वे एजेंसियों के एग्जिट पोल को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। बिहार राज्य विधानसभा का वर्तमान कार्यकाल 22 नवंबर, 2025 को समाप्त होने वाला है। इस लिए 14 नवंबर को नतीजे आने के बाद 22 नवंबर से पहले सरकार का गठन करना जरुरी होगा।
बिहार विधानसभा चुनाव में मतदान पूरा होने के बाद सर्वे एजेंसियों ने अपने-अपने एग्जिट पोल जनता के सामने रखे। इन सभी एग्जिट पोल में बिहार की मौजूदा सत्ताधारी गठबंधन को बंपर बहुमत मिलती दिखाई दे रही है। जिसके बाद आरजेडी की तरफ से इस सर्वे को लेकर सवाल उठाए गए हैं। आरजेडी प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने सभी एजेंसियों के सर्वे को बीजेपी की साजिश करार दिया है।
बिहार विधानसभा चुनाव में कल दूसरे और आखिरी चरण में 20 जिलों की 122 विधानसभा सीटों पर शांतिपूर्ण मतदान संपन्न हो गया। दूसरे चरण की वोटिंग ने पहले चरण के 65 प्रतिशत से ज्यादा वोटिंग का भी रिकॉर्ड टूट गया। अब सभी को नतीजों का इंतजार है। 14 नवंबर को वोटों की गिनती होगी और इसी दिन नतीजे घोषित किए जाएंगे।
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