बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजों ने प्रदेश की राजनीति में बड़ा उलटफेर किया है। इस बार एनडीए ने ऐसा प्रदर्शन किया जिसकी कल्पना खुद गठबंधन के शीर्ष नेतृत्व को भी नहीं थी। नीतीश की पार्टी जेडीयू ने 85 सीटें जीतकर अपने पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा और बिहार की सत्ता समीकरणों में फिर से केंद्रीय भूमिका हासिल कर ली। इस शानदार जीत के बीच एक नाम लगातार सुर्खियों में है, अरुणोदय प्रकाश। अरुणोदय प्रकाश चुनावी रणनीतिकार हैं, जिन्होंने जेडीयू के चुनाव प्रचार और मैनेजमेंट की पूरी कमान संभाल रखी थी। चुनावी माहौल को पढ़ने, डेटा आधारित कैंपेन तैयार करने, माइक्रो टारगेटिंग और बूथ स्तर तक रणनीति पहुंचाने में उनकी टीम ने महीनों तक काम किया और यही मेहनत चुनावी नतीजों में साफ दिखाई दी।
इस चुनाव के रिजल्ट जितने चौंकाने वाले हैं, उतनी ही अरुणोदय प्रकाश की प्रोफेशनल यात्रा दिलचस्प है। दिल्ली के KMC कॉलेज और IIMC से पढ़ाई करने के बाद उन्होंने पत्रकारिता में कदम रखा और DD News समेत कई संस्थानों में काम किया। इसके बाद दिल्ली सरकार में बतौर सलाहकार अनुभव लेकर वह राजनीतिक रणनीति और कम्युनिकेशन के क्षेत्र में गहराई से जुड़े। इसी विशेषज्ञता के कारण जेडीयू ने उन्हें इस बार की पूरी चुनावी रूपरेखा तैयार करने की जिम्मेदारी दी। जेडीयू के बड़े नेताओं के साथ समन्वय, ग्राउंड रिपोर्टिंग, प्रचार रणनीति और सोशल मीडिया योजना हर मोर्चे पर उनकी टीम ने लगातार काम किया। नतीजे आए तो जेडीयू की सीटें 43 से बढ़कर 85 हो गईं, जिसने टीम के काम को और मजबूती से सामने ला दिया।
एनडीए के कुल 202 सीटों वाले शानदार प्रदर्शन के बाद बिहार में नई सरकार बनाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। बीजेपी 89 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी है, जबकि जेडीयू दूसरी सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरी। एलजेपी (रामविलास) को 19, HAM को 5 और RLAM को 4 सीटें मिली हैं। महागठबंधन को इस बार सिर्फ 35 सीटों से ही संतोष करना पड़ा। ऐसे माहौल में यह स्पष्ट है कि जेडीयू की मजबूत वापसी ने नीतीश कुमार की राजनीतिक स्थिति को और स्थिर बनाया है और उनके दोबारा मुख्यमंत्री बनने की संभावनाएं लगभग तय मानी जा रही हैं। इस पूरे चुनाव में जेडीयू की ओर से चलाए गए रणनीतिक कैंपेन ने उसकी सफलता को नई ऊंचाई दीं।
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