
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 का नतीजा इस बार रोमांच और सस्पेंस से भरा रहा। राज्य की 11 विधानसभा सीटों पर जीत-हार का अंतर 1,000 वोटों से भी कम रहा, जिसने बिहार की राजनीति में उत्सुकता और हलचल दोनों को बढ़ा दिया। इन सीटों पर मुकाबला इतना कड़ा था कि कई जगह 100 वोटों से भी कम अंतर से फैसला हुआ। चुनावी इतिहास में ऐसे मौके बेहद कम देखने को मिलते हैं। सबसे करीबी मुकाबला संदेश विधानसभा सीट पर देखने को मिला, जहां जदयू उम्मीदवार राधा चरण साह ने राजद उम्मीदवार दीपू सिंह को केवल 27 वोटों से मात दी। इस सीट पर 2020 में राजद ने जीत दर्ज की थी लेकिन इस बार बेटिकट की रणनीति पार्टी को भारी पड़ गई और महज कुछ वोटों ने पूरा समीकरण उलट दिया।
दूसरा बेहद रोमांचक मुकाबला रामगढ़ में दिखा, जहां बसपा उम्मीदवार सतीश कुमार सिंह यादव ने भाजपा के अशोक कुमार सिंह को 30 वोटों से हराकर बड़ा उलटफेर कर दिया। यहां बसपा ने पहली बार विजय हासिल की। तीसरे स्थान पर रहने वाले राजद उम्मीदवार अजीत सिंह के लिए यह नतीजा बड़ा झटका साबित हुआ। अगियांव (सुरक्षित) सीट पर भाजपा को बेहद करीबी जीत मिली। भाजपा उम्मीदवार महेश पासवान ने भाकपा-माले के शिव प्रकाश रंजन को 95 वोटों से हराया। इस सीट पर माले का मजबूत आधार होने के बावजूद भाजपा ने रणनीतिक जीत हासिल की।
नवीनगर में जदयू उम्मीदवार चेतन आनंद ने राजद के आमोद कुमार सिंह को 112 वोटों से मात दी। चेतन आनंद पहले राजद के टिकट पर शिवहर से विधायक रह चुके थे और इस बार पार्टी बदलने का फायदा उन्हें मिला। ढाका में राजद के फैसल रहमान ने भाजपा के पवन जायसवाल को 178 वोटों से हराया। वहीं फारबिसगंज में कांग्रेस ने 30 साल बाद वापसी की, जब मनोज विश्वास ने भाजपा के विद्यासागर केसरी को महज 221 वोटों से मात दी। बलरामपुर में LJP (रामविलास) की संगीता देवी ने AIMIM के आदिल हुसैन को 389 वोटों से हराया। चनपटिया में कांग्रेस के अभिषेक रंजन ने भाजपा के उमाकांत सिंह को 602 वोटों से मात देते हुए महत्वपूर्ण जीत दर्ज की।
जहानाबाद क्षेत्र में राजद के राहुल कुमार ने जदयू के चंद्रेश्वर प्रसाद को 793 वोटों के अंतर से शिकस्त दी, जबकि बोधगया में राजद के कुमार सर्वजीत ने LJP (रामविलास) के श्यामदेव पासवान को 881 वोटों से हराया। बख्तियारपुर में LJP के अरुण कुमार ने राजद के अनिरुद्ध को 981 वोटों से हराकर बड़ी जीत दर्ज की। इन नजदीकी नतीजों ने यह स्पष्ट कर दिया कि बिहार में मतदाता हर सीट पर अलग मनोदशा और रणनीति के साथ वोट कर रहे हैं। इन 11 सीटों के परिणामों ने राज्य की राजनीति को नए समीकरणों और दिलचस्प मोड़ों से भर दिया है।
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