Bihar Election 2025: बिहार के संग्राम में UP की सियासत, योगी Vs अखिलेश की महाजंग, बिहार से तय होंगी यूपी की सियासी राहें

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजे आने से पहले ही यूपी की राजनीति में हलचल मच गई है। दरअसल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और सपा प्रमुख अखिलेश यादव दोनों ने बिहार में पूरी ताकत झोंक दी थी। अब सबकी निगाहें बिहार के नतीजों पर टिकीं हैं, जिससे यह साफ होगा कि यूपी की सियासत बदलाव की होगी या बुलडोजर की।

Rishabh Shukla
अपडेटेड13 Nov 2025, 01:13 PM IST
यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ और सपा प्रमुख अखिलेश यादव
यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ और सपा प्रमुख अखिलेश यादव (HT)

बिहार विधानसभा चुनावों के नतीजे कल आएंगे, इससे पहले ही पूरे उत्तर भारत की नजर इन परिणामों पर टिक गई है, क्योंकि इस बार नतीजे सिर्फ नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव का भविष्य के साथ योगी आदित्यनाथ और अखिलेश यादव की सियासी दिशा भी तय करेंगे। उत्तर प्रदेश की सीमा से सटे बिहार के करीब 34 विधानसभा क्षेत्र हैं, जो पूर्वांचल से लेकर सीमांचल तक फैले हैं। इन इलाकों में बोली, जातीय समीकरण और राजनीतिक सोच में भारी समानता है। यही वजह है कि इस बार यूपी के दोनों बड़े चेहरे सीएम योगी आदित्यनाथ और सपा सु्प्रीमो अखिलेश यादव बिहार के रण में अपनी-अपनी सियासी फौज लेकर उतरे थे।

बिहार में गूंजा योगी का बुलडोजर

बिहार विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्टार प्रचारक के तौर पर NDA के लिए कई जनसभाएं और एक रोड शो किया। उन्होंने बीजेपी के साथ एनडीए के सहयोगी दलों जेडीयू, एलजेपी (आर), हम और आरएलएम के करीब 50 प्रत्याशियों के लिए प्रचार किया। अपने हर भाषण में योगी आदित्यनाथ ने बुलडोजर मॉडल का जिक्र किया और बिहार में कानून व्यवस्था की तुलना यूपी से करते हुए कहा कि जैसे यूपी में माफिया पर बुलडोजर चला, वैसे ही बिहार में भी अपराध खत्म होगा। उनका पूरा नैरेटिव सुरक्षा, राष्ट्रवाद और विकास के इर्द-गिर्द घूमता रहा।

अखिलेश ने महागठबंधन के लिए लगाया दम

वहीं दूसरी ओर समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने बिना कोई प्रत्याशी उतारे भी बिहार में करीब तीस रैलियां कीं और महागठबंधन के लिए पूरा दम लगाया। बिहार के सियासी रण में अखिलेश यादव के साथ उनकी पूरी फौज मैदान में उतरी थी। जिसमें सांसद अफजाल अंसारी, इकरा हसन, राजीव राय, अवधेश प्रसाद, ओम प्रकाश सिंह जैसे दिग्गज समाजवादी नेताओं ने बिहार के अलग-अलग इलाकों में महागठबंधन के लिए प्रचार किया। इकरा हसन सीमांचल के मुस्लिम बहुल इलाकों में ओवैसी के प्रभाव को काउंटर करती दिखीं, तो अवधेश प्रसाद दलित वोटों को साधने में जुटे रहे। अफजाल अंसारी ने ओवैसी को सीधे निशाने पर लेते हुए कहा कि जितना नुकसान मुसलमानों को ओवैसी कर रहे हैं, उतना तो RSS भी नहीं कर पाता।

24 में अवध में हराया, अब मगध की बारी

सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव की रणनीति साफ थी कि बिहार में एनडीए को रोककर यूपी में 2027 के लिए माहौल बनाना। अपने भाषणों में वे लगातार कहते रहे कि बिहार बदलेगा तो देश बदलेगा। उन्होंने दावा किया कि 2024 में बीजेपी को अवध और अयोध्या में हराया, अब बिहार के मगध में हराएंगे। उधर यूपी सीएम और हिंदुत्व के फायर ब्रांड नेता योगी आदित्यनाथ भी बिहार को अपनी राजनीतिक मिशन का हिस्सा माना। 2024 के लोकसभा चुनावों में यूपी में बीजेपी को जो झटका सपा-कांग्रेस गठबंधन ने दिया था, उसे दुरुस्त करने के लिए वे बिहार में बीजेपी की जीत को मनोवैज्ञानिक बढ़त के रूप में देख रहे हैं। अगर बिहार में एनडीए की जीत होती है, तो यूपी में बीजेपी का आत्मविश्वास लौट सकता है।

पटना तय करेगा लखनऊ का सियासी सफर

बिहार में एनडीए बनाम महागठबंधन की लड़ाई इसलिए भी दिलचस्प है क्योंकि इसने यूपी की राजनीति को सीधे प्रभावित करना शुरू कर दिया है। अखिलेश यादव और तेजस्वी यादव की जोड़ी अगर बिहार में कामयाब होती है, तो यह यूपी-बिहार एकजुटता का नया सियासी अध्याय लिख सकती है। वहीं अगर नीतीश कुमार और एनडीए सत्ता में लौटते हैं, तो योगी आदित्यनाथ के लिए यह 2027 की राह में मजबूत संबल साबित होगा। बिहार में कल चुनाव नतीजे आएंगे। कल के परिणाम यह तय करेंगे कि 2027 में यूपी में होने वाले चुनावों में बुलडोजर चलेगा या बदलाव की हवा तेज होगी।

Get Latest real-time updates

Catch all the Business News, Market News, Breaking News Events and Latest News Updates on Live Mint. Download The Mint News App to get Daily Market Updates.

बिजनेस न्यूज़ElectionBihar Election 2025: बिहार के संग्राम में UP की सियासत, योगी Vs अखिलेश की महाजंग, बिहार से तय होंगी यूपी की सियासी राहें
More
बिजनेस न्यूज़ElectionBihar Election 2025: बिहार के संग्राम में UP की सियासत, योगी Vs अखिलेश की महाजंग, बिहार से तय होंगी यूपी की सियासी राहें